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यह सरकारी पैसे की बर्बादी नहीं तो क्या:वाराणसी में बारिश के मौसम में वरुणा नदी में 40 लाख रुपये से बन रहा पीपा पुल, आएगी बाढ़ तो हटाना पड़ेगा, पैसा होगा बर्बाद

वाराणसीएक वर्ष पहले
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बारिश के मौसम में वाराणसी के ढेलवरिया क्षेत्र में वरुणा नदी में बनाया जा रहा पीपा पुल। - Dainik Bhaskar
बारिश के मौसम में वाराणसी के ढेलवरिया क्षेत्र में वरुणा नदी में बनाया जा रहा पीपा पुल।

बारिश के मौसम में नदियों की तेज धारा और बाढ़ के कारण पीपा पुल हटा दिए जाते हैं। मगर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में इसके ठीक उल्टा हो रहा है। वाराणसी के ढेलवरिया इलाके में इन दिनों 40.12 लाख रुपये की लागत से वरुणा नदी पर पीपा पुल बनाया जा रहा है। आगामी दिनों में वरुणा का जलस्तर बढ़ेगा और बाढ़ आएगी तो पीपा पुल का क्या हश्र होगा, इसका जायजा आम आदमी भी लगा सकता है। हालांकि कार्यदायी संस्था प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग आगामी दिनों में आने वाली बाढ़ और जलस्तर को भूल कर पीपा पुल निर्माण में लगा हुआ है।

पीपा पुल के शिलान्यास का लगाया गया बोर्ड।
पीपा पुल के शिलान्यास का लगाया गया बोर्ड।

लोगों के आने-जाने की सुविधा के लिए बना रहे

निर्धारित मापदंड के अनुसार, जहां भी पीपा पुल होते हैं उन्हें बाढ़ और नदी की तेज धारा से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए मानसून के आने से पहले 15 जून तक हटा दिया जाता है। नवंबर में नदी की धारा के स्थिर होने और जलस्तर कम होने पर पीपा पुल फिर बनाया जाता है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके अग्रवाल ने कहा कि यह एक छोटा पीपा पुल है, जिसका निर्माण 40.12 लाख रुपये के बजट से कराया जा रहा है। इससे ढेलवरिया और बघवानाला क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी।

ढेलवरिया इलाके में बनाया जा रहा पीपा पुल।
ढेलवरिया इलाके में बनाया जा रहा पीपा पुल।

बाढ़ आएगी तो हटा देंगे पीपा पुल

मानसून के बीच में 60 मीटर का पीपा पुल क्यों बनाया जा रहा है। इस सवाल पर अधीक्षण अभियंता ने कहा कि यह सही है कि 15 जून तक पीपा पुल को हटा दिया जाता है और नवंबर में नदी का जलस्तर सामान्य होने पर उसे फिर से बना दिया जाता है। यह पीपा पुल वरुणा नदी में बनाया जा रहा है। बाढ़ के दौरान गंगा के फ्लोबैक के कारण वरुणा में जलस्तर बढ़ता है। गंगा में बाढ़ आने की स्थिति में वरुणा में पानी बढ़ेगा तो हम पीपा पुल तोड़ सकते हैं। बाढ़ आना तय ही है तो फिर क्यों अभी पीपा पुल बनाया जा रहा है, इस सवाल पर अधीक्षण अभियंता ने कुछ नहीं कहा।

बता दें कि यह पीपा पुल 201.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन वरुणा कॉरिडोर परियोजना की रेलिंग को एक जगह तोड़ कर बनाया जा रहा है। यह परियोजना पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पहल पर 2016 में शुरू हुई थी। इस परियोजना के तहत 11.30 किमी क्षेत्र में नदी का चैनलीकरण, सीवेज डिस्चार्ज को रोकने के लिए पाइप लाइन बिछाने और हरित पट्टी निर्माण के साथ फुटपाथ निर्माण का काम किया जाना था।

हालांकि, परियोजना चौकाघाट रेलवे ओवरब्रिज के पास सीवेज इंटरसेप्शन से संबंधित काम को पूरा करने के लिए रेलवे की मंजूरी मिलने में देरी के कारण लंबित थी। अफसरों का कहना है कि वरुणा कॉरिडोर परियोजना का अधिकांश काम पूरा हो गया है। अब फिनिशिंग का काम चल रहा है जिसे जुलाई के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

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