देवदूत बने ट्रैफिक पुलिसकर्मी:वाराणसी में सड़क पर छटपटा रहे थे बुजुर्ग, अस्पताल ले जाकर कराए उपचार तो मिला सुकून

वाराणसीएक वर्ष पहले
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मंडलीय अस्पताल में उपचार के बाद बैठे हुए अमरनाथ। - Dainik Bhaskar
मंडलीय अस्पताल में उपचार के बाद बैठे हुए अमरनाथ।

वाराणसी के पांडेयपुर चौराहे पर शनिवार को सीने के दर्द से छटपटा रहे बुजर्ग के लिए ट्रैफिक पुलिस के चार कर्मचारी देवदूत बन कर सामने आए। चारों ने आनन फानन बुजुर्ग को कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल ले जाकर उपचार कराया। कुछ देर बाद बुजुर्ग को स्वस्थ देख डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया। बुजुर्ग ने ट्रैफिक पुलिस के चारों कर्मचारियों के साथ ही वाराणसी कमिश्नरेट की पुलिस का आभार जताया।

सड़क पर दर्द से छटपटा रहे बुजुर्ग की इन्हीं ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने मदद की थी।
सड़क पर दर्द से छटपटा रहे बुजुर्ग की इन्हीं ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने मदद की थी।

दिल की बीमारी का चल रहा है उपचार

बिहार के मोहनिया कैमूर निवासी 66 वर्षीय अमरनाथ वाराणसी में कज्जाकपुरा में निर्माणाधीन ओवरब्रिज में सिक्योरिटी गार्ड का काम करते हैं। अपने मालिक से पैसा लेने के लिए वह आजमगढ़ से पांडेयपुर चौराहा आए और वहां से उन्हें अवलेशपुर जाना था। इसी बीच पांडेयपुर चौराहा पर सीने में तेज दर्द से वह छटपटाने लगे और सड़क पर गिर पड़े।

चौराहे पर ड्यूटी कर रहे हेड कांस्टेबल प्रोन्नत रमेश पांडेय, हेड कांस्टेबल अजय मिश्र, हेड कांस्टेबल मोहम्मद असगर और आरक्षी शैलेंद्र यादव की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। आनन फानन चारों ने 108 नंबर एंबुलेंस बुलवाकर बुजुर्ग को मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। राहत मिलने पर बुजुर्ग ने बताया कि वह दिल की बीमारी से पीड़ित हैं और उनका उपचार चल रहा है। उसी की वजह से उनकी तबीयत ऐसी खराब हुई कि उन्हें कुछ सूझा ही नहीं और वह सड़क पर गिर पड़े।

सही समय पर लाया गया था अस्पताल

बुजुर्ग का उपचार करने वाले मंडलीय अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बहुत सही समय पर उन्हें अस्पताल लाया गया। यदि देरी होती तो शायद उनकी जिंदगी खतरे में पड़ जाती है। दिल के मरीजों के मामले में हमें कभी भी लापरवाही या लेटलतीफी नहीं करनी चाहिए। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के इस नेक काम पर एडीसीपी ट्रैफिक डीके पुरी ने उनकी पीठ थपथपाई।

उधर, पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने भी खुशी जताते हुए शाबादी दी। उन्होंने बताया कि चारों ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को उनकी तत्परता और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी के लिए सम्मानित किया जाएगा। उनका व्यवहार कमिश्नरेट के पुलिसकर्मियों के लिए अनुकरणीय है और हम सभी को किसी भी जरूरतमंद के लिए ऐसी ही तत्परता दिखानी चाहिए।

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