UPTET पर्चा लीक से फूटा कैंडिडेट का गुस्सा, चक्का जाम:वाराणसी में पर्यवेक्षक बोले-एडमिट कार्ड रख लो; अगले माह इसी जगह और इसी टाइम पर फिर मिलेंगे

वाराणसी10 महीने पहले
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पर्चा लीक होने से वाराणसी में आए अभ्यर्थियों में दिखा गुस्सा। - Dainik Bhaskar
पर्चा लीक होने से वाराणसी में आए अभ्यर्थियों में दिखा गुस्सा।
  • वाराणसी के 89 केंद्रों पर 10 बजे से शुरू हुई थी परीक्षा

पेपर लीक होने से उत्तर प्रदेश में 2554 परीक्षा केंद्रों पर 1291628 परीक्षार्थियों की UPTET परीक्षा कैंसिल हो गई। वाराणसी के 89 केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने के करीब 20 मिनट बाद ही पर्यवेक्षक ने एलान किया कि एडमिट कार्ड रख लो। अब अगले महीने इसी तारीख को, इसी सेंटर पर और इसी वक्त एग्जाम होगा। अभी आप लोग वापस अपने-अपने गंतव्य पर लौट सकते हैं। यह फरमान सुनते ही वाराणसी के 89 सेंटरों पर परीक्षा रोक दी गई।

जिले में करीब 50 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी और परिजनों को निराश होकर लौटना पड़ा। लौटते वक्त नाराज परीक्षार्थियों ने सड़क जाम कर खूब हंगामा किया। विरोध में नारे भी लगाए। रथयात्रा , कमच्छा, सोनारपुरा, सुंदरपुर और सिगरा के आसपास तो अभ्यर्थियों ने चक्का जाम भी कर दिया। ट्रेन, बस और हवाइजहाज से भी कई लोग यह परीक्षा देने आए थे।

परीक्षा देकर निकल रहीं इंदौर से आई पूनम मिश्रा बताती हैं कि वह सेकेंड क्लास में टिकट कराकर बनारस आईं थीं। इंदौर में निजी नौकरी करतीं हैं। बच्चों को छोड़कर केवल परीक्षा देने ही आईं थीं। अब पैसे तो छोड़िए पूरा मेहनत फिर से करना होगा। इनके साथ ही कई लोग बंगाल, बिहार और भभुआ, वहीं कई मध्यप्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से भी आए थे।

आदर्श द्विवेदी ने बताया कि वो 2 बार CTET क्वालिफाई हैं। राज्य सरकार UPTET नहीं करा पाई। इस परीक्षा की जरूरत भी नहीं है, फिर भी इसकी वजह से कितनों की नौकरी नहीं लग पा रही है। सरकार परीक्षा नहीं करा पा रही है तो यह जिम्मेदारी NTA या किसी सेंट्रल एजेंसी को सौंप दे। सासाराम से आई एक कैंडिडेट बताती हैं कि वह कल रात आई तो पहले होटल के लिए परेशान होना पड़ा। अब परीक्षा रद्द हो गई। उनकी भारपाई क्या यहां की प्रदेश सरकार करेगी।

वाराणसी में भी कल देर रात से ही परीक्षार्थियों का शहर में आना शुरू हो गया था। यह परीक्षा 2 पालियों में होनी थी। वाराणसी में पहली पाली के लिए 89 सेंटर और दूसरी पाली के लिए 64 सेंटर बनाए गए थें। पहली पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक 48,978 और दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक दूसरे पाली की परीक्षा होनी थी। जिसमें 34,601 कैंडिडेट परीक्षा में बैठने वाले थे। परीक्षा को देखते हुए शहर में सुबह से ही काफी भीड़ होने लगी थी। पूर्वांचल के कई जिलों से अभ्यर्थी परीक्षा देने के लिए बनारस आ चुके थे। इस समय रोडवेज और रेलवे स्टेशनों पर लोगों का खूब हुजूम उमड़ा हुआ है।

सभी केंद्र पर पर्यवेक्षक और पुलिस

पहली पाली में प्राथमिक और दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर के परीक्षार्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थियों को परीक्षा से 30 मिनट पहले ही केंद्र पर पहुंचना होगा। सभी केंद्रों पर 1 पर्यवेक्षक और लोकल थाने की पुलिस बल को तैनात किया गया है। इसके अलावा सेक्टर, जोनल और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की भी ड्यूटी लगाई गई है। केंद्र में उन्ही उम्मीदवारों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके पास एडमिट कार्ड, आईडी और मास्क होगा। वहीं सेंटरों पर सुरक्षा के सारे इंतजाम पुख्ता कर लिए गए हैं।

वाराणसी में परीक्षा सेंटर के पास सड़क पर लगा जाम।
वाराणसी में परीक्षा सेंटर के पास सड़क पर लगा जाम।

शिक्षा विभाग के अधिकारी ही पर्यवेक्षक

निगरानी के लिए शिक्षा विभाग के अफसरों को ही पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी दी गई है। वे क्वेश्चन पेपर और परीक्षा हॉल का निरंतर निरीक्षण करेंगे। एग्जाम को नकलमुक्त बनाने के लिए केंद्रों पर पहली बार लाइव CCTV सीसीटीवी सर्विलांस की व्यवस्था की गई है। लखनऊ में पूरे प्रदेश के केंद्र की हर गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। वहीं प्रदेश स्तर पर कंट्रोल रूम तैयार किए गए हैं।

सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाया तो होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग द्वारा बताया गया कि सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ाने या नकल का प्रयास करने वालों के विरूद्ध साइबर अपराध नियंत्रण कानून के तहत प्रावधानों के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं ले जा सकेंगे। क्वेश्चन पेपर और OMR शीट खोलने के समय अधिकारी, पर्यवेक्षक या केंद्र व्यवस्थापक के पास किसी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व कैमरा आदि नहीं होना चाहिए।