बिना चश्मे लगाए भी साफ देख सकेंगे लोग:BHU में शुरू होगी 'चश्मा हटाने की तकनीक' से आंख की सर्जरी

वाराणसी11 दिन पहले
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BHU के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में आयोजित स्थापना दिवस पर कहा गया, आंखों की सर्जरी कर आंख का इलाज किया जाएगा, जिससे उम्र भर चश्मे की जरूरत नहीं होगी। - Dainik Bhaskar
BHU के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में आयोजित स्थापना दिवस पर कहा गया, आंखों की सर्जरी कर आंख का इलाज किया जाएगा, जिससे उम्र भर चश्मे की जरूरत नहीं होगी।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में जल्द ही चश्मा हटाने की तकनीक से इलाज शुरू किया जाएगा। आंखों की सर्जरी करके उन्हें इस लायक बनाया जाएगा कि उम्र भर चश्मा पहनने की जरूरत ही न पड़े। बिना चश्मे के भी लोग साफ देख सकेंगे।

आज BHU के नेत्र संस्थान में चाैथा स्थापना दिवस मनाया गया। इस मौके पर अखिल भारतीय नेत्र सोसाइटी के वैज्ञानिक अध्यक्ष डाॅ. पार्थ विश्वास ने कहा कि वाराणसी के प्राइवेट हाॅस्पिटलों में चश्मा हटाने वाली सर्जरी की जाती है।

मगर, सरकारी अस्पतालाें में यह सुविधा नहीं थी। अब BHU पहला सरकारी संस्थान होगा, जहां यह सुविधा शुरू हाेगी। डॉ. पार्थ ने कहा कि कुछ औपचारिकताएं रह गईं हैं, जिन्हें पूरा करके क्षेत्रीय नेत्र संस्थान जल्द ही यह सुविधा शुरू होने वाली है।

BHU में प्रो. एमके सिंह ने कहा- बीएचयू में खोला गया है EYE बैंक।
BHU में प्रो. एमके सिंह ने कहा- बीएचयू में खोला गया है EYE बैंक।

दूर-दराज गांवों के मरीजों को गोद लें

BHU के रेक्टर प्रोफेसर वीके शुक्ला ने नेत्र संस्थान को दूरदराज गावों में आंखों संबंधी रोगों को दूर करने की बात कही। कहा कि नेत्र संस्थान गांवों को गोद ले। उन्होंने नेत्रदान के प्रति समाज में उदासीनता को दूर करने के लिये नेत्र संस्थान को विशेष मेहनत करने की सलाह भी दी।

अखिल भारतीय नेत्र विशेषज्ञ सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. ललित वर्मा ने कहा कि डॉक्टर्स मरीजों के अटेंडेंट से रेगुलर संवाद करें। आंख में इंफेक्शन के बाद कई बार लोग घबराहट में आकर डॉक्टरों से संबंध खराब कर बैठते हैं।

इससे अस्पतालों की बदनामी होती है। ऐसे में इंजेक्शन और वेट्रेक्टॉमी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। रोगियों और उनके परिजनों से हर हाल में बातचीत करते रहने चाहिए।

BHU में शुरू हुआ आंखों का ट्रांसप्लांट

नेत्र संस्थान के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एमके सिंह ने कहा कि हाल ही यहां पर EYE बैंक खोला गया है। यहां पर आंखों का ट्रांसप्लांट चल रहा है। इसे अब तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रो. एमके सिंह ने पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिया। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत भूषण और डॉ. दीपक मिश्रा सहित कई डॉक्टर मौजूद रहे।