वाराणसी... पटाखा मंडियों पर मंडरा रहा आग का खतरा:बाजारों से फायर ब्रिगेड नदारद, अग्निशमन के नाम पर हर पटाखा दुकान के आगे रखा है 1 बाल्टी पानी

वाराणसी8 महीने पहले
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वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में लगी पटाखा मंडी में अग्निशमन के नाम पर बाल्टी में पानी भर कर रखी गई है। - Dainik Bhaskar
वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में लगी पटाखा मंडी में अग्निशमन के नाम पर बाल्टी में पानी भर कर रखी गई है।

वाराणसी के पटाखा मंडियों से आज फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पूरी तरह से नदारद रहीं। वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में चलते हैं जहां पर पटाखे की 20 बड़ी दुकानें सजी हैं। अग्निशमन के नाम पर हर दुकान के आगे पानी भर-भर बाल्टियां रख दी गईं हैं। कहीं भी एक चिंगारी पड़ी तो पूरा बाजार एक साथ साफ हो जाएगा और बालू भरी बाल्टियां जस की तस पड़ी रहेंगी। यहां पर दुकानदार, जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग तीनों की लापरवाही दिखी।

नियम ताक पर, दमकल वाहन का पता नहीं

पटाखा को लेकर न्यायालय और प्रशासन के नियमों को ताक पर रखकर दुकानदारों जैसे-तैसे दुकानें लगा लीं हैं। वहीं सुरक्षा में लगाए गए पुलिसकर्मी परिसर के बाहर VIP ग्राहकों की खातिरदारी में लगे हैं। अग्निशमन यंत्र एक भी नहीं, वहीं दमकल कर्मी और उनके वाहन का भी कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है। अब इन स्थितियों में कोई हादसा हुआ तो लोगों की जान तो निश्चित रूप से खतरे में आएगी। दमकल विभाग के कर्मचारी ने कहा कि शिवपुर स्थित मिनी स्टेडियम लगी पटाखा की दुकानों की सुरक्षा में सारे अग्निशमन यंत्र लगाकर रखा गया है।

17 स्थान हैं चिन्हित
वाराणसी के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनिमेष सिंह ने बताया कि पटाखे की बिक्री के लिए 17 स्थान चिन्हित किए गए हैं। यहां पर दमकल कर्मियों की तैनाती की गई है। 10 बड़े वाहनों के अलावा छोटी गाड़ियां भी मौजूद हैं। अनिमेष सिंह के अनुसार यह ड्यूटी 2 दिन के लिए शाम 4 बजे से रात 12 बजे तक लगाई गई है। कहा कि जहां-जहां पटाखे की दुकानें लगाई गई हैं, उन सभी स्थानों पर अग्निशमन यंत्र का होना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसके लिए सभी को निर्देश दे दिया गया है।