वाराणसी में दीया बुझने के बाद गंगा में किया प्रवाहित:पहले घाटों को किया रोशन, बाद में बाल्टी में दीये भरकर प्रवाहित कर दिया

वाराणसी5 महीने पहले

पीएम नरेंद्र मोदी श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण करने सोमवार को वाराणसी पहुंचे थे। इस दौरान शहर में काफी उत्साह देखने को मिला। वहीं, शाम को वे महाआरती में शामिल होने के लिए डॉ. राजेंद्र प्रसाद घाट पर पहुंचे। काशी के सभी घाटों पर देव दीपावली जैसे पर्व का नजारा दिखा। घाटों पर करीब पांच लाख दीप जलाए गए। आरती समाप्त हुई तो उन दीयों को गंगा में ही प्रवाहित कर दिया गया।

नगर निगम के कर्मचारी दीये को गंगा में ही प्रवाहित करने लगे। दो कर्मचारी दीये को बाल्टी में भर-भरकर उसे गंगा में प्रवाहित कर दिया।
नमामि गंगे का सपना कैसे होगा पूरा
नमामि गंगे का संकल्प लिए पीएम मोदी वर्ष 2014 में वाराणसी चुनाव लड़ने के लिए आए थे। उन्होंने उस समय अपने संबोधन में कहा था कि मुझे तो मां गंगा ने बुलाया है। नमामि गंगे का सपना लिए गंगा की सफाई के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर दिया। लेकिन, उसी गंगा में आज पके हुए मिट्‌टी के दीए फेंके जा रहे हैं। जानकारों की मानें तो नदी में पके हुए मिट्टी के बर्तन को प्रवाहित करने पर वह मिट्‌टी नहीं बनता, बल्कि वह किनारे लग जाता है और मलबे का रूप बाद में ले लेता है।

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