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ज्ञानवापी में शिवलिंग पूजा के लिए याचिका:पूर्व महंत मांगेंगे अनुमति, जिला कोर्ट में सोमवार को होगी सुनवाई

वाराणसी3 महीने पहले

वाराणसी के मां शृंगार गौरी-ज्ञानवापी प्रकरण की सुनवाई सोमवार, 23 मई को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में होगी। इस क्रम में मुकदमे की वादिनी महिलाओं, DGC सिविल और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के प्रार्थना पत्र और आपत्तियों पर जिला जज सुनवाई करेंगे।

इस खबर में पोल है। हिस्सा लेकर आप सवाल का जवाब दे सकते हैं।

जिला जज की अदालत इस मसले पर भी सुनवाई करेगी कि ज्ञानवापी प्रकरण में उपासना स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 लागू होता है या नहीं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के 20 मई के आदेश से शनिवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत से ज्ञानवापी प्रकरण से संबंधित पत्रावली जिला जज की अदालत में स्थानांतरित कर दी गई।

डॉ. कुलपति बोले- बाबा की नियमित पूजा हो

पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा-अर्जना करने का अधिकार मांगने के लिए याचिका दाखिल करेंगे।।
पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी वजूखाने में मिले शिवलिंग की पूजा-अर्जना करने का अधिकार मांगने के लिए याचिका दाखिल करेंगे।।

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा है कि ज्ञानवापी परिसर में जो शिवलिंग मिला है, उसकी नियमित पूजा-अर्चना होनी चाहिए। ज्ञानवापी में मिले शिवलिंग की पूजा के लिए वह 23 मई को अदालत में याचिका दाखिल करेंगे। डॉ. कुलपति तिवारी ने कहा कि इतने लंबे इंतजार के बाद बाबा मिले हैं, तो उनकी पूजा-अर्चना न होना शिव भक्तों के लिए बेहद कष्टकारी होगा।

उन्होंने कहा कि अदालत में याचिका दाखिल कर मांग करेंगे कि उन्हें बाबा के शृंगार, भोग-राग, स्नान, साफ-सफाई और पूजा-पाठ का अधिकार मिले। बता दें कि ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के दौरान मस्जिद के वजूखाने में पत्थर की एक ठोस संरचना मिली हैं। उसे लेकर हिंदू पक्ष का दावा है कि वह शिवलिंग है। वहीं, मुस्लिम पक्ष का दावा है कि वह फव्वारा है। पढ़ें : मां शृंगार गौरी-ज्ञानवापी प्रकरण में कब क्या हुआ

8 हफ्ते में पूरी करनी है सुनवाई

यह ज्ञानवापी मस्जिद के पिछले हिस्से की दीवार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वाराणसी के जिला जज ज्ञानवापी परिसर से संबंधित मसले सुनवाई को लेकर निर्देश दिए हैं।
यह ज्ञानवापी मस्जिद के पिछले हिस्से की दीवार है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वाराणसी के जिला जज ज्ञानवापी परिसर से संबंधित मसले सुनवाई को लेकर निर्देश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने ज्ञानवापी प्रकरण को लेकर आदेश दिया है कि जिला जज आठ हफ्ते में सुनवाई करें। तब तक शिवलिंग के दावे वाली जगह को सुरक्षित रखा जाए। मुस्लिमों को नमाज पढ़ने से न रोका जाए। सिर्फ 20 लोगों के नमाज पढ़ने वाला आदेश अब लागू नहीं है। (यहां क्लिक कर सुप्रीम कोर्ट का पूरा आदेश पढ़ें।)

पुलिस कमिश्नर की अपील- अफवाहों पर न दें ध्यान उधर, पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश वादी और प्रतिवादी पक्ष के नियमित संपर्क में हैं। उन्होंने दोनों पक्षों से शांति और कानून व्यवस्था को बरकरार रखने में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि किसी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।