कितनों ने किया विश्वनाथ दर्शन, जवाब में उठे कुछ हाथ:राज्यपाल ने विद्यापीठ के दीक्षांत में कहा डायबीटिज और ह्रदय रोग से ग्रस्त महिला कैदियों को रिहा किया जाए

वाराणसी6 महीने पहले
वाराणसी में काशी विद्यापीठ के 43वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा 80-80 साल की महिलाएं जेल में अपनी सजा काट रहीं हैं।

आज वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 43वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि जेलों में बंद उन महिला कैदियों को रिहा कर देना चाहिए, जो शुगर, हार्ट और किडनी आदि की मरीज हैं। राज्यपाल ने कहा कि 80-80 साल की महिलाएं जेल में अपनी सजा काट रहीं हैं। आसपास के ही जेलों में हमने इस तरह की समस्या देखी है। उन्हाेंने कहा कि छोटी-छोटी बात को लेकर उन्होंने कुछ ऐसा गलत काम कर दिया कि वे जेलों में बंद हैं। इसलिए इस दीक्षांत समारोह में हम मेधावियों को उनके चारित्रिक विकास करने की सलाह देंगे। इस दौरान आनंदी बेन पटेल ने हॉल में बैठी छात्राओं से पूछा कि यहां पर कितने लोगों ने लोकार्पण के बाद बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन किए। इस जवाब में हॉल में केवल 10-15 हाथ ही उठे। यह देख राज्यपाल हतप्रभ होकर बोलीं कि एक बार आपको बाबा के दर्शन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लोगों से अपील करती हूं कि इन्हें धाम को दिखाया जाए।

वाराणसी में काशी विद्यापीठ के 43वें दीक्षांत समारोह में उपस्थित 16 शोधार्थी जिन्हें PhD की उपाधि दी गई।
वाराणसी में काशी विद्यापीठ के 43वें दीक्षांत समारोह में उपस्थित 16 शोधार्थी जिन्हें PhD की उपाधि दी गई।

आनंदी बेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई इंजीनियर या आर्किटेक्ट नहीं हैं, मगर उन्होंने जिस तरह से मंदिर के कॉरिडोर का अक्स सबसे पहले कागज पर खींचा था वह शानदार था।

संबोधन से पहले आनंदी बेन का स्वागत पारंपरिक परिधान में कुलपति प्रो. आनंद त्यागी समेत सभी प्रोफेसरों ने किया। कुलाधिपति होने के नाते राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने दीक्षांत समारोह के आधिकारिक कार्यक्रम के शुरूआत की घोषणा की। इसके बाद राज्यपाल सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री बिमला पोद्दार को डी-लिट की उपाधि उन्होंने दी।

वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह के मंच पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बिमला पोद्दार को डी-लिट की उपाधि दी।
वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह के मंच पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने बिमला पोद्दार को डी-लिट की उपाधि दी।

वहीं 57 मेधावियों को गोल्ड मेडल और 16 शोधार्थियों को PhD की उपाधि दी गई। वहीं PG के 15189 और UG के 58370 छात्रों को उपाधियां प्रदान की गई। इस दौरान दूसरी डी-लिट की उपाधि प्रख्यात शास्त्रीय गायक पद्म विभूषण छन्नू लाल मिश्र को दी जानी थी, मगर वह विश्वविद्यालय नहीं पहुंचे।

वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह के मंच पर मौजूद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह के मंच पर मौजूद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।

कुलपति ने दी वेलकम स्पीच

इससे पहले काशी विद्यापीठ में दीक्षांत समारोह की शुरूआत राष्ट्रगान और कुलगीत के साथ हुई। राज्यपाल का अभिवादन करने के बाद कुलपति प्रो. त्यागी ने मंच पर अपना स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि 10 हजार की क्षमता वाले इस विश्वविद्यालय के 3 परिसर हैं। वाराणसी के गंगापुर में तीसरा परिसर है जहां पर 5000 से अधिक छात्र हैं। इसके अलावा सोनभद्र और मीरजापुर में भी इसकी शाखा हैं। वहीं 300 से अधिक महाविद्यालय इससे संबंद्ध हैं।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह छात्रा को मेडल देती राज्यपाल।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह छात्रा को मेडल देती राज्यपाल।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह से पहले राज्यपाल ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह को संबोधित किया।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह

उपाधियां देने के बाद राज्यपाल ने काशी विद्यापीठ के आसपास रहने वाले मलिन बच्चों और खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया। राज्यपाल ने 2 दर्जन से ज्यादा गरीब बच्चों को जूट के बैग और सम्मान पत्र दिया।

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ पहुंची राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ पहुंची राज्यपाल आनंदी बेन पटेल।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 43वें दीक्षांत समारोह में आए मेडलिस्ट।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 43वें दीक्षांत समारोह में आए मेडलिस्ट।
राज्यपाल का स्वागत करने के लिए पारंपरिक परिधान में उपस्थित फैकल्टी।
राज्यपाल का स्वागत करने के लिए पारंपरिक परिधान में उपस्थित फैकल्टी।