कोरोनावायरस के संकट में मदद को बढ़े हाथ / लॉकडाउन के बीच वाराणसी में लोगों की मदद कर रहा अनाज बैंक, रेलवे स्टेशनों पर फंसे लोगों को मुहैया कराया भोजन

लॉकडाउन की वजह से स्टेशन पर फंसे लोगों को खाना मुहैया कराते कार्यकर्ता लॉकडाउन की वजह से स्टेशन पर फंसे लोगों को खाना मुहैया कराते कार्यकर्ता
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लॉकडाउन की वजह से स्टेशन पर फंसे लोगों को खाना मुहैया कराते कार्यकर्तालॉकडाउन की वजह से स्टेशन पर फंसे लोगों को खाना मुहैया कराते कार्यकर्ता

  • उत्तर प्रदेश में अब तक 43 लोग संक्रमित पाए गए, केंद्र सरकार ने पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया है
  • स्टेशनों पर फंसे लोग आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाकट, गुजरात, दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ के रहने वाले हैं

दैनिक भास्कर

Mar 26, 2020, 07:04 PM IST

वाराणसी. कोरोनावायरस का संक्रमण धीरे धीरे पूरे देश में फैलता जा हरा है। इसको देखते हुए पूर देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है। इस बीच बहुत सारे परिवार रेलवे स्टेशनों पर फंस गये हैं, जिनमें आन्ध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाकट, गुजरात, दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ के लोग शामिल हैं। ट्रेन, बस नहीं चल पाने की वजह से घर नहीं जा पा रहे हैं। वहीं इसकी जानकारी मिलने पर विशाल भारत संस्थान के कार्यकताओं ने उन्हें भोजन मुहैया कराया। 

इसके बाद विशाल भारत संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं अनाज बैंक के चेयरमैन डॉ. राजीव श्रीवास्तव के निर्देश पर तत्काल भूख से पीड़ितों की मदद के लिये भोजन भेजा गया। जब विशाल भारत संस्थान के कार्यकर्ता स्टेशन पर पहुंचे तो वहां का दृष्य बहुत मार्मिक था। भूख से पीड़ितों में बच्चे भी शामिल थे।

स्टेशन पर के रुके भूख से पीड़ित परिवारों ने कहा कि 21 दिन तक लॉकडाउन है, हम कहीं नहीं जा सकते। इसलिये हमारे भोजन की व्यवस्था 21 दिनों तक करायी जाये। कुछ परिवार ऐसे हैं जिनके घर में भोजन नहीं बन पा रहा है, वह भी अनाज बैंक से सम्पर्क कर रहे हैं। लगातार तीन दिनों से अनाज बैंक द्वारा 200 परिवारों की मदद की जारी है।


लाकडाउन के बीच अनाज बैंक ने भी की भोजन की व्यवस्था
कोरोना से लॉकडाउन में निरंतर काम करने वाले उन पुलिसकर्मियों के लिये भोजन की व्यवस्था की है जिनको भोजन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिसमें लालपुर पुलिस चौकी के कर्मी शामिल है। विशाल भारत संस्थान के कार्यकर्ताओं ने तत्काल 24 घंटे की रसोई शुरू की। जहां–जहां से फोन आ रहा है वहां भोजन का पैकेट भेजा जा रहा है। कैन्ट स्टेशन, कैंसर हॉस्पिटल, कबीरचौरा हॉस्पिटल, चोलापुर में भूख से पीड़ितों के लिये भोजन भेजा गया है। इसके अलावा गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले भूख पीड़ित परिवारों की भी मदद की जा रही है। हुकुलगंज के 15 बांसफोर परिवार को अनाज बैंक ने गोद लिया है। 

अनाज बैंक ने अभी यह फैसला लिया है कि अभी अनाज के अलावा पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जायेगा।  विशाल भारत संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं अनाज बैंक के चेयरमैन डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने भूख से पीड़ितों की मदद के लिये संगठित टीम की घोषणा की है जिसमें अनाज बैंक के कन्ट्रोल रूम की प्रभारी 12–12 घंटे के लिये अर्चना भारतवंशी एवं नजमा परवीन को बनाया गया है। प्रशासन से समन्वय के लिये आत्म प्रकाश सिंह को नियुक्त किया गया है।

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