UP के 4 बड़े एयरपोर्ट की भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:प्रयागराज में मेडिकल टीम लापता, वाराणसी-गोरखपुर में केवल थर्मल स्क्रीनिंग हो रही

वाराणसी/प्रयागराज16 दिन पहले
प्रयागराज एयरपोर्ट पर मेडिकल टीम के लिए टेबल और कुर्सियां तो लगाई गई हैं, लेकिन टीम गायब है।

यूपी में एयरपोर्ट पर प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। यहां से मेडिकल टीम ही गायब है। बिना जांच के लोग घर पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि प्रदेश में कोरोना तेजी से फैल रहा है। सोमवार को यूपी में रिकॉर्ड 8,334 नए केस मिले हैं। इसे मिलाकर प्रदेश में कुल एक्टिव केस 33,946 हो गए हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने सोमवार को एयरपोर्ट की ग्राउंड रिपोर्ट की, तो चौंकाने वाला मंजर नजर आया।

लखनऊ एयरपोर्ट पर हो रहा रैंडम टेस्ट
चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल और डोमेस्टिक एयरपोर्ट पर अराइवल और डिपार्चर पर पांच-पांच कोविड हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। यहां यात्रियों की RT-PCR और एंटीजन टेस्ट हो रहा है। एंटीजन रिपोर्ट आधे घंटे में मिलने के बाद ही यात्री को एयरपोर्ट से बाहर निकलने दिया जा रहा है।

अधिकारियों के मुताबिक एक कमांड सेंटर भी बनाया गया है। दूसरे शहरों से आने वाले यात्रियों से एक सप्ताह तक कॉल करके संपर्क बनाए रखा जा रहा है। उसे किसी तरह का लक्षण नजर आने पर इसकी जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दी जा रही है।

लखनऊ में एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों का रैंडम टेस्ट हो रहा है।
लखनऊ में एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों का रैंडम टेस्ट हो रहा है।

प्रयागराज में एयरपोर्ट से मेडिकल टीम के लिए टेबल और कुर्सियां तो लगाई गई हैं, लेकिन मेडिकल टीम गायब है। RT-PCR और एंटीजन टेस्ट नहीं हो रहा है। ऐसे में मुंबई, दिल्ली, पुणे, भुवनेश्वर जैसे शहरों से ओमिक्रॉन और कोरोना के पेशेंट यूपी में पहुंच रहे हैं।

प्रयागराज में एयरपोर्ट पर RT-PCR और एंटीजन टेस्ट नहीं हो रहा है।
प्रयागराज में एयरपोर्ट पर RT-PCR और एंटीजन टेस्ट नहीं हो रहा है।

वाराणसी में बिना जांच के ही भेज रहें घर
वाराणसी के लालबहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर कोरोना संक्रमण को लेकर लापरवाही ही नजर आ रही है। किसी की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही तो किसी को बिना चेक किए ही भेज दिया जा रहा है। कोरोना की थर्ड वेव को लेकर एयरपोर्ट के जिम्मेदार लापरवाह दिख रहे हैं। देश-विदेश के पैसेंजर्स की एयरपोर्ट पर कोविड जांच केवल थर्मल स्क्रीनिंग तक ही सिमट गई है, जबकि रोज वाराणसी सहित अन्य राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। वाराणसी में ओमिक्रॉन के भी 77 मामले सामने आ चुके हैं। बाबतपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी की यह लापरवाही बाहर से आने वाले लोगों ने दैनिक भास्कर की टीम से शेयर की।

वाराणसी एयरपोर्ट पर दुबई से पहुंचे यात्रियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी की लापरवाही बताई।
वाराणसी एयरपोर्ट पर दुबई से पहुंचे यात्रियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी की लापरवाही बताई।

दुबई से वाराणसी आए, कागज दिखाकर घर निकल लिए
दुबई से वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे बेल्थरा रोड के रहने वाले अजय कुमार ने बताया कि दुबई में RT-PCR करवाया था। एयरपोर्ट पर उतरा तो केवल थर्मल स्क्रीनिंग की गई। न तो किसी ने कोई कोविड जांच के कागजात मांगे और न ही कोई और जांच की गई। वहीं, आजमगढ़ के रहने वाले संपत भी दुबई से एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने बताया कि मेरा केवल कागज चेक किया गया और मैं तो दुबई से ही जांच करवाकर आया हूं। संपत का तो बॉडी टेम्परेचर भी नहीं चेक किया गया।

दिल्ली से वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंचे अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि उनका बॉडी टेम्परेचर लिया गया, बाकी कुछ नहीं। फ्लाइट के अंदर कोविड रूल्स के बारे में एयरलाइंस की तरफ से लोगों को बार-बार कहा जाता है, लेकिन कई लोग थे जो नियमों को नही मान रहे थे। अंकिता बताती हैं कि कई लोग हैं जो कोरोना को लेकर अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं।

लखनऊ एयरपोर्ट पर यात्रियों की RT-PCR और एंटीजन टेस्ट हो रहे हैं।
लखनऊ एयरपोर्ट पर यात्रियों की RT-PCR और एंटीजन टेस्ट हो रहे हैं।

मुंबई, दिल्ली से आने वाले यात्रियों की संख्या में इजाफा

लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कोरोना को देखते हुए दिल्ली और मुंबई से आने वाले यात्रियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। दोनों राज्यों में कोरोना के मामले अधिक होने की वजह से यहां से आने वाले यात्रियों की बिना जांच के एयरपोर्ट से बाहर नही जाने दिया जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ से मुंबई की रोजाना 5-6 उड़ाने हैं। जबकि दिल्ली के लिए 12-15 फ्लाइट हैं। यह प्लेन दोनों शहरों से सीधे लखनऊ पहुंचती हैं। इन फ्लाइट्स से हर रोज करीब पांच हजार यात्री सफर करते हैं। कोरोना के केस बढ़ने के साथ इन फ्लाइट्स से आने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि इन शहरों को जाने वाली फ्लाइट्स में सीटें खाली जा रही हैं।

यहां अराइवल और डिपार्चर पर पांच-पांच कोविड हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। यात्रियों की RT-PCR और एंटीजन टेस्ट हो रहे हैं। एंटीजन रिपोर्ट आधे घंटे में मिलने के बाद ही यात्री को एयरपोर्ट से बाहर निकलने दिया जा रहा है।

गोरखपुर एयरपोर्ट पर आ रहे रोजाना 1000 लोग, जांच सिर्फ 10 प्रतिशत की
गोरखपुर एयरपोर्ट पर कोविड नियमों का पालन न के बराबर है। यहां दुबई, बैंकॉक, मुंबई व दिल्ली से रोजाना करीब 1000 लोग आ रहे हैं, लेकिन कोविड जांच सिर्फ लगभग 125 लोगों की हो रही है। केवल विदेश से आने वाले लोगो की ही गंभीरता से जांच हो रही है। अब तक विदेश से 230 लोग गोरखपुर एयरपोर्ट पर आए हैं। जिनकी जांच की गई है। देश के अन्य हिस्सों से आए यात्रियों का कहना है कि कोविड जांच नहीं हो रही है। सिर्फ टिकट आदि चेक किया जा रहा है।

रोजाना आते है 1 हजार यात्री
एयरपोर्ट के डायरेक्टर प्रभाकर का कहना है कि रोजाना एयरपोर्ट पर एक हजार यात्री आते हैं। जिनमें विदेश जैसे दुबई, बैंकॉक और देश के मुंबई, दिल्ली, कोलकाता आदि शहरों से आने वाले लोग हैं। इनकी रैंडम जांच होती है। वही विदेश से आने वालों की RT-PCR व एंटीजन किट से जांच होती है। अब तक करीब 2306 यात्री विदेश से आए हैं। जिनकी जांच में कोई पॉजिटिव नहीं मिला।

केवल टिकट की हुई जांच
सोमवार की सुबह गोरखपुर एयरपोर्ट आए बस्ती के सुनील ने बताया कि गोरखपुर एयरपोर्ट पर कोई जांच नहीं हुई। केवल मास्क चेक किया गया। वह मुंबई के बांद्रा से चले थे, वहां उनकी जांच हुई थी।

जांच कराई जा रही है
CMO आशुतोष दुबे ने बताया कि RT-PCR व एंटीजन दोनों जांच हो रही है। विदेश से आये लोगो की विशेष तौर पर जांच हो रही है। जांच बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।

खबरें और भी हैं...