ज्ञानवापी मामले में कब क्या हुआ?:8 महीने पहले परिसर में हिंदू देवी-देवताओं की पूजा की मांग की गई, अब कोर्ट के आदेश पर हो रहा सर्वे

वाराणसी3 दिन पहले

तारीख 18 अगस्त 2021... वाराणसी के सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में हिंदू पक्ष की ओर से एक मुकदमा दाखिल किया गया। इसमें कहा गया कि ज्ञानवापी परिसर में हिंदू देवी-देवताओं का स्थान है। ज्ञानवापी परिसर में मां शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही परिसर स्थित अन्य देवी-देवताओं के सुरक्षा की भी बात अदालत के सामने उठाई गई। इस मसले पर करीब आठ महीने तक सुनवाई और दलीलें चलतीं रहीं। फिर 26 अप्रैल 2022 को कोर्ट ने ईद के बाद ज्ञानवापी परिसर के सर्वे-वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया।

ये याचिका दिल्ली की रहने वाली राखी सिंह और बनारस की रहने वाली लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक ने दाखिल की थी। विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन के नेतृत्व में याचिका दाखिल की गई थी। इसमें अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी, वाराणसी के पुलिस कमिश्नर, जिले के डीएम और राज्य सरकार को प्रतिवादी बनाया गया था। आइए आपको बताते हैं कि ज्ञानवापी परिसर के सर्वे को लेकर कब क्या हुआ...

कोर्ट के आदेश पर आज यानी 14 मई 2022 को ज्ञानवापी के तहखाने सहित पूरे परिसर का सर्वे हुआ। सुरक्षा को देखते 500 मीटर के दायरे में पब्लिक की एंट्री बैन रखी गई।
कोर्ट के आदेश पर आज यानी 14 मई 2022 को ज्ञानवापी के तहखाने सहित पूरे परिसर का सर्वे हुआ। सुरक्षा को देखते 500 मीटर के दायरे में पब्लिक की एंट्री बैन रखी गई।

इस केस में कब क्या हुआ?

6 मई 2022 :

  • एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र ने हिंदू-मुस्लिम पक्षों को लेकर सर्वे शुरू किया।
  • इस दिन केवल शृंगार गौरी के विग्रह-दीवारों की वीडियोग्राफी हो पाई।
  • बड़ी संख्या में मुस्लिम मस्जिद में नमाज को आए। हल्का बवाल भी हुआ।
  • मुस्लिम पक्ष ने एडवोकेट कमिश्नर पर एकपक्षीय सर्वे का आरोप लगाया।

7 मई 2022 :

  • सर्वे दोबारा शुरू हुआ, वादी पक्ष ने आरोप लगाया कि 500 से ज्यादा मुस्लिम मस्जिद में थे।
  • अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था, न ही प्रशासन कोई सहयोग कर रहा था।
  • विवाद बढ़ा तो सर्वे रोक दिया गया और मामला फिर से कोर्ट में चला गया।

9 मई 2022 :

  • कोर्ट में वादी पक्ष ने कहा- एडवोकेट कमिश्नर अपना काम सही से कर रहे हैं।
  • उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं, ज्ञानवापी के सर्वे की अनुमति दी जाए।

10 मई 2022 :

  • कोर्ट में दोनों पक्षों में बहस हुई, एडवोकेट कमिश्नर के बदलने और दलीलें पेश की।
  • मुस्लिम पक्ष ने कुछ और तथ्य देने के लिए 11 मई तक का समय मांगा था।
  • कोर्ट ने 12 मई की तारीख दी। कहा- जरूरत पड़ने पर जज खुद मौके पर जाएंगे।

12 मई 2022 :

  • कोर्ट ने तहखाने और परिसर के चप्पे-चप्पे के सर्वे का आदेश दिया। अगली सुनवाई 17 मई को होगी।
  • सर्वे का मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंचा। वाराणसी कोर्ट के सर्वे के फैसले को चुनौती दी गई।
  • चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने इस याचिका पर कहा कि वे पहले फाइलें देखेंगे, फिर फैसला लेंगे।
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