वाराणसी...BHU की छात्रा ने ऑनलाइन क्लास के बाद की आत्महत्या:सहेली बोली- सुबह बना खाना भी नहीं खाया, पुलिस ने लैपटॉप और मोबाइल कब्जे में लिया

वाराणसी2 महीने पहले
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छात्रा साक्षी की आत्महत्या की खबर सुनकर मां रो-रोकर बेहाल हो गई। - Dainik Bhaskar
छात्रा साक्षी की आत्महत्या की खबर सुनकर मां रो-रोकर बेहाल हो गई।

वाराणसी के बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) की एक छात्रा साक्षी मौर्या (24) ने ऑनलाइन क्लास करने के बाद पंखे पर लटक जान दे दी। वह BHU के प्राचीन इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विभाग में MA दूसरे वर्ष की छात्रा थी, लंका के भोगवीर में एक पूर्व पार्षद मुन्ना पटले के घर में 2 महीने से किराए पर रह रही थी। बुधवार को रामनगर स्थित अपने घर जीवित्पुत्रिका पर्व में शामिल होने वाली थी। लेकिन, उससे पहले ये कदम उठा लिया। वह मकान में तीसरे तल पर रूम पार्टनर रिंकी के साथ रहती थी। पुलिस ने मृतिका का लैपटॉप और मोबाइल कब्जे में ले लिया है। वहीं कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद हुआ। कमरे में काफी किताब-कॉपी और कपड़े रखे हुए थे। जहां पर फांसी लगाया वहीं पर स्टडी टेबल और पेन आदि भी रखे हुए थे। इससे लग रहा है कि छात्रा ने पढ़ाई करते-करते ही अचानक से फांसी पर लटक गई। वहीं मेज के बगल में कुछ दवाइयां भी रखी हुई थी। पुलिस ने बताया कि ये दवाइयां डिप्रेशन की नहीं कोई नॉर्मल दवा थी।

वाराणसी के लंका स्थित घर के इसी कमरे में साक्षी ने लगाई फांसी।
वाराणसी के लंका स्थित घर के इसी कमरे में साक्षी ने लगाई फांसी।

रूम पार्टनर खाना बनाकर गई थी परीक्षा देने
BHU से BFA कोर्स करने वाली रिंकी बुधवार सुबह नाश्ता करने के बाद पांडेयपुर में परीक्षा देने चली गई थी। इसके बाद साक्षी भी ऑनलाइन क्लास करने में लग गई। वहीं, सुबह का बनाया गया खाना भी उसने नहीं खाया था। रिंकी ने बताया कि जब वह बाहर थी तो उसने किसी काम के सिलसिले में रिंकी साक्षी को फोन किया। फोन रिसीव नहीं होने पर उसने बगल में रहने वाली छात्रा को कॉल किया, तो उसने भी काफी देर तक दरवाजा पीटा मगर कोई आवाज अंदर से नहीं आने पर रिंकी को घबराहट होने लगी। इसके बाद वह भागते हुए तत्काल लंका स्थित मकान पर पहुंची। कमरा अंदर से बंद था और काफी देर फोन भी नहीं उठा, तो रिंकी ने इसकी सूचना मकान मालिक को दी। मकान मालिक ने बगल के छत से दिखवाया तो साक्षी पंखे की हुक से चुन्नी के सहारे लटकी हुई थी। यह देखते ही मकान मालिक ने लंका पुलिस को फोन कर दिया। इंस्पेक्टर लंका महेश पांडेय वहां पहुंचे और दरवाजा तोड़वाकर शव को बाहर निकलवाया। वहीं अंतिम परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा।

फांसी लगाने की सूचना के बाद पहुंची लंका पुलिस।
फांसी लगाने की सूचना के बाद पहुंची लंका पुलिस।

पुत्री के त्योहार के दिन मौत की खबर आएगी ऐसा नहीं सोचा था
रिंकी के साथ पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही है। इस दौरान सारनाथ से उसके पिता द्वारिका प्रसाद, मां राजपति देवी और भाई दिनकर व दीना वहां पहुंच दहाड़े मारकर रोने-पीटने लगे। पिता ने बताया कि आज सुबह 10 बजे घर पर बिटिया ने हमसे बातचीत किया था और शाम को जीवित्पुत्रिका पूजा में आने के लिए बोली थी। बेटी की पूजा के इस त्योहार पर उसके मौत की खबर आएगी ऐसा हमने नहीं सोचा था। सारनाथ के छाही पतरेवा के रहने वाले द्वारिका जनरल स्टोर्स चलाते हैं। उनके दो बेटे और दो बेटियां थी। साक्षी पढ़ाई में काफी बेहतर स्कॉलर थी। उसके पढ़ाई के ही लिए घर वालों ने कीमती मोबाइल और लैपटॉप खरीद कर दिया था। वहीं घर से 3 दिन पहले ही छुट्टी बिताकर लंका आई थी। इस दौरान साक्षी की परेशानी किसी को भी समझ नहीं आया।

ऑनलाइन क्लास होने से स्टूडेंट एक दूसरे से मिल नहीं पा रहे
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर ओ एन सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा, सारी कक्षाएं 1 महीने से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में चल रही है। वहीं क्लासेज ऑफलाइन करने के लिए जोर दिया जा रहा है। ऑनलाइन क्लास के कारण काफी दिन से छात्रों से मेलजोल भी नहीं हो पाया, ऐसे में बच्चों की मन: स्थिति को समझ पाना मुश्किल हो जाता है। कोविड के कारण ही यह स्थिति गड़बड़ हो चुकी है।

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