विदेशी एकेडमिशियनों ने बताया हिंदी का ग्लोबल कनेक्शन:वाराणसी के हिंदी प्रेमियों ने सिंगापुर में विदेशी प्रोफेसरों के साथ मनाया हिंदी दिवस

वाराणसी5 महीने पहले
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2022 का विश्व हिंदी दिवस (आज 10 जनवरी ) कुछ खास रहा। वाराणसी से दूसरे देशों तक पहुंचे हिंदी प्रेमियों ने कई देशों की यूनिवर्सिटी के हिंदी विभाग और प्रोफेसरों को वर्चुअली जोड़कर पूरे शास्त्रीय गीत-संगीत के साथ विश्व हिंदी दिवस मनाया। सिंगापुर, आस्ट्रेलिया, स्वीडन, ब्रिटेन, उज्बेकिस्तान और फिजी समेत कई देशों से एकेडमिक जगत के लोगों ने इस दिवस को मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय उच्चायोग सिंगापुर के प्रमुख शिवजी सिंह चांसरी, विशिष्ट अतिथि वक्ता ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी से प्रो. पीटर फ्रिडलैंडर, उपसाला यूनिवर्सिटी, स्वीडन से प्रो. हाइंस वर्नर वेसलर, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से डॉ रिचर्ड डिलेसी, ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज से प्रो. उल्फत मुहिबोबा और यूनिवर्सिटी ऑफ फिजी से मनीषा रामरक्खा ने हिंदी में संबोधन दिया।

त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन

सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग और संगम सिंगापुर हिंदी संस्था द्वारा अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगोष्ठी और सांस्कृतिक आयोजन किया गया। इसमें विश्व हिंदी सचिवालय मॉरिशस का भी साथ रहा। इस कार्यक्रम में संगम सिंगापुर द्वारा संपादित हिंदी त्रैमासिक पत्रिका के नए अंक का विमोचन भी किया गया। संगम सिंगापुर हिंदी संस्था अध्यक्ष और वाराणसी की निवासी डॉ. संध्या ने बताया कि इस पत्रिका में विदेशों में बसे हिंदी के विद्वानों और स्कॉलरों का हिंदी ज्ञान दिखेगा। हिंदी के लिए उनके देशों में किस तरह के काम हुए इसकी जानकारी दी गई है। इसमें कई विदेशी प्रोफेसरों ने हिंदी में अपने लेख लिखे हैं।

हिंदी के बढ़ते विदेशी बाजार से कराया परिचित

संगोष्ठी में शिवजी सिंह ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विश्व हिंदी दिवस के पर दिए गए संदेश को पढ़ा। इसके बाद हिंदी भाषियों की बढ़ती संख्या और बाजार से विदेशियों को परिचित कराया। विषय ‘हिंदी का वर्तमान स्वरूप और संभावनाएं’ पर कई तरह की बातें की। विदेशी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों ने बताया कि उनके देश में हिंदी जानने वालों की अच्छी संख्श जुटने लगी है। यदि ऐसा ही रहा तो हिंदी जल्द ही संयुक्त राष्ट्र की भाषा का खिताब दिलाया जा सकता है। इसके अलावा साहित्य, भाषा, संवाद, संस्कृति हिंदी के हर पहलू पर चर्चा हुई। संगोष्ठी में सिंगापुर के छात्रों ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। वल्लिमई कडप्पन ने भरतनाट्यम, रिया नेमा ने यशोमति मैया से बोले नंदलाला गाया। जिया राय और अनाया राय ने पिंक फिल्म के काव्य गीत पर मनमाेहक नृत्य किया। रीना दयाल, प्रसून सिंह, प्रतिमा सिंह, बीना मिश्रा ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को ऑनलाइप प्लेटफॉर्म पर संजोया था। कार्यक्रम का संचालन छात्र प्रार्थक शर्मा और सिंगापुर संगम से प्रतिमा सिंह ने किय। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. संध्या सिंह ने किया।

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