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सावन के दूसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ से ग्राउंड रिपोर्ट:4 घंटे में 32 हजार शिव भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया; हर हर महादेव से गूंज उठी काशी

वाराणसी9 महीने पहले

आज भगवान शिव का प्रिय श्रावण माह का दूसरा सोमवार है। प्रदेश भर के शिवालयों में हर-हर महादेव की गूंज है तो वहीं वाराणसी में बाबा काशी विश्वनाथ धाम में भोर से ही भक्त जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़े हैं। आज भोर में 4 बजे मंगला आरती से पहले महादेव का शिव शक्ति स्वरूप में श्रृंगार किया गया। मंगला आरती के बाद बाबा दरबार का पट खुला तो कतारबद्ध शिवभक्तों की खुशी का ठिकाना न रहा। सुबह 8 बजे तक 4 घंटे में 32 हजार भक्तों ने जल चढ़ाया है।

हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए शिवभक्त बाबा की झांकी का दर्शन कर और उन्हें अरघे से जल अर्पित कर अपनी मनोकामना के सफल होने की प्रार्थना करते नजर आए। इस दौरान कोविड-19 को लेकर सख्ती बरती गई। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान श्रद्धालुओं को कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन करने के लिए आगाह करते दिखे। तमाम श्रद्धालु मास्क पहने भी नजर आए।

यहां करें काशी विश्वनाथ के LIVE दर्शन

गर्भगृह से पहले ही बाबा का दर्शन
मंदिर के कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि स्टील की बैरिकेडिंग में रेड कार्पेट से गर्भगृह तक आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एलईडी स्क्रीन में बाबा के दर्शन-पूजन की व्यवस्था की गई है। कोरोना महामारी को देखते हुए हर 6 घंटे पर मंदिर में सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। पीने के पानी और टॉयलेट के साथ ही डॉक्टरों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा खोया-पाया केंद्र भी बनाया गया है। शिवभक्तों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसका खास ख्याल रखा गया है। श्रद्धालुओं से लगातार अनुरोध किया जा रहा है कि वह मास्क जरूर पहने रहें।

सुबह 4 बजे मंगला आरती से पहले भगवान शिव का शिवशक्ति स्वरूप में श्रृंगार किया गया।
सुबह 4 बजे मंगला आरती से पहले भगवान शिव का शिवशक्ति स्वरूप में श्रृंगार किया गया।

अनिष्ट का शमन कराता है रुद्राभिषेक
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि सावन में रुद्राभिषेक से सभी प्रकार के अनिष्ट का शमन होता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ऊं नम: शिवाय पंचाक्षरी मंत्र का जाप करने से दुख दूर होते हैं और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। सावन एक ऐसा महीना है जिसमें शिवभक्त अपने आराध्य को प्रसन्न कर उनसे कुछ भी प्राप्त कर सकते हैं। मोक्षदायिनी काशी में तो स्वत: शिव विराजते हैं, इसलिए सावन माह में उनका दर्शन-पूजन नियमित करना चाहिए।

मंगला आरती करते अर्चक। इसके बाद पट को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया।
मंगला आरती करते अर्चक। इसके बाद पट को श्रद्धालुओं के लिए खोला गया।

4 गेट से श्रद्धालुओं की आवाजाही की व्यवस्था

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि मैदागिन की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं को गेट नंबर 4 (गेट-B) छत्ताद्वार होते हुए मंदिर चौक भेजा जाएगा।

गेट-A से प्रवेश करने के बाद श्रद्धालु गर्भगृह के पूर्वी प्रवेश द्वार पर जल चढ़ा सकेंगे।

गेट-C से वीआईपी, वीवीआईपी और सुगम दर्शन का टिकट लेने वाले प्रवेश करेंगे और गर्भगृह के उत्तरी द्वार से दर्शन और जलाभिषेक करेंगे।

बांसफाटक से ढुंढिराज गली होकर आने वाले श्रद्धालु गेट-D से प्रवेश कर गर्भगृह के पश्चिमी द्वार पर दर्शन और जलाभिषेक कर सकेंगे।

सरस्वती फाटक की ओर से आने वाले श्रद्धालु गर्भगृह के दक्षिणी द्वार से दर्शन और जलाभिषेक करेंगे।

सुबह से मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की भीड़ उमड़ी है।
सुबह से मंदिर पहुंचने वाले भक्तों की भीड़ उमड़ी है।

श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए शहर में रूट डायवर्जन की व्यवस्था

  • मैदागिन से चौक होते हुए गोदौलिया की तरफ जाने वाले वाहनों को मैदागिन से आगे नही जाने दिया जाएगा। यह ट्रैफिक मैदागिन चौराहे से लहुराबीर, मलदहिया की ओर लहुराबीर से बेनियाबाग की तरफ भेजा जाएगा।
  • लक्सा की तरफ से आने वाली सभी प्रकार की सवारी गाड़ियों को लक्सा थाने से आगे नही जाने दिया जाएगा। यह ट्रैफिक गुरूबाग से कमच्छा की ओर तथा लक्सा से बेनिया की तरफ मोड़ दिया जाएगा।
  • लहुराबीर से होकर गोदौलिया की तरफ जाने वाली सभी प्रकार की सवारी गाड़ियों को बेनिया तिराहे से आगे जाने नही दिया जाएगा। यह ट्रैफिक बेनियाबाग वाया औरंगाबाद पुलिस चौकी से लक्सा की तरफ मोड़ दिया जाएगा।
  • अस्सी, सोनारपुरा से होकर गोदौलिया की तरफ जाने वाली सभी प्रकार के वाहनों को सोनारपुरा चौराहे से आगे नही जाने दिया जाएगा। यह ट्रैफिक भेलूपुर थाने की तरफ मोड़ दिया जाएगा।
  • भेलूपुर थाने से रेवड़ी तालाब होकर रामापुरा चौराहे की तरफ जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों को तिलभांडेश्वर से आगे नही जाने दिया जाएगा। इन वाहनों को अस्सी तथा भेलूपुर की तरफ मोड़ दिया जाएगा।
कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश करते श्रद्धालु।
कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश करते श्रद्धालु।

मैदागिन से गोदौलिया नो व्हीकल जोन घोषित

मैदागिन से गोदौलिया होते हुए रामापुरा तथा इसी प्रकार रामापुरा, गोदौलिया से मैदागिन तक संपूर्ण मंदिर मार्ग सावन के प्रत्येक रविवार को रात 8 बजे से मंगलवार की सुबह 8 बजे तक नो-व्हीकल जोन घोषित किया किया गया है। इसके तहत मैदागिन से गोदौलिया, रामापुरा तक तथा रामापुरा से गोदौलिया होकर मैदागिन तक किसी प्रकार के छोटे-बड़े वाहन को नही जाने दिया जाएगा। यह मार्ग केवल पैदल यात्रियों के आने-जाने के लिए मुक्त रखा जाएगा।

मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है।
मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है।

बाबा दरबार जाएं तो इन बातों का रखें ध्यान

  • इलेक्ट्रानिक उपकरण लेकर दर्शन करने ना जाएं।
  • ज्वलनशील पदार्थ, माचिस और प्लास्टिक जैसी सामग्री साथ न ले जाएं।
  • कोई भी लावारिस सामग्री देखें तो तत्काल पुलिस को बताएं।
  • मास्क के बगैर मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
  • मंदिर परिसर में संवेदनशील स्थानों की ओर न जाएं।
  • अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करें और उन्हें निर्धारित लॉकर में ही रखें।
  • दर्शन से पहले गंगा में स्नान करने के दौरान गहरे पानी में ना जाएं।
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