वाराणसी...कंप्यूटर ऑपरेटर ने बैंक खाते से उड़ाए 8 लाख रुपए:फर्म मालिक ने साइबर पुलिस से की शिकायत, जांच में कंपनी का कर्मी ही निकाला आरोपी

वाराणसी4 महीने पहले
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साइबर क्राइम थाने की पुलिस द्वारा पकड़ा गया लाखों की ऑनलाइन जालसाजीँ का आरोपी। - Dainik Bhaskar
साइबर क्राइम थाने की पुलिस द्वारा पकड़ा गया लाखों की ऑनलाइन जालसाजीँ का आरोपी।

वाराणसी की एक फर्म के खाते से उसके कंप्यूटर ऑपरेटर ने 79,0450 रुपए उड़ा दिए। मालिक की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 17,900 रुपए बरामद कर लिए। शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

अप्रैल से मई के बीच उड़ाए गए थे रुपए

नई बस्ती पांडेयपुर निवासी चंद्रमणि जायसवाल ने 9 जून 2021 को थाने में शिकायत की थी। चंद्रमणि के अनुसार, अकेला ट्रेडर्स फर्म के बैंक खाते से 1 अप्रैल 2021 से 31 मई 2021 के बीच 7,90,450 रुपए जालसाजों ने निकाल लिए। साइबर क्राइम थाना प्रभारी राहुल शुक्ल ने जांच सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार यादव को सौंपी। बैंक के खाते से पूरी जानकारी ली। जांच में बात सामने आई कि कंप्यूटर ऑपरेटर खुशहाल नगर सेक्टर-2 नटनियादाई निवासी सौरव कुमार सिंह उर्फ राहुल ही आरोपी है। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो गुत्थी परत दर परत सुलझती चली गई।

इंटरमीडिएट पास है आरोपी

कंप्यूटर ऑपरेटर सौरव कुमार सिंह उर्फ राहुल ने बताया कि वह इंटरमीडिएट पास है। उसे कंप्यूटर की अच्छी जानकारी है। 1 दिसंबर 2020 से अकेला ट्रेडर्स फर्म में काम करना शुरू किया था। उसका काम गाड़ियों की फिटनेस, इंश्योरेंस, रजिस्ट्रेशन व परमिट फीस ऑनलाइन जमा करना होता था। उसे फर्म की आईडी, पासवर्ड और खाते की पूरी जानकारी थी। कर्ज और देनदारी के कारण लालच में आकर फर्म की आईडी व पासवर्ड व फर्म के एसबीआई बैंक के खाता का दुरुपयोग करने लगा।

फ्री चार्ज एप से फर्म का खाता जोड़ दिया

सौरव ने बताया कि वह अपने मालिक को बिना बताए मोबाइल में फ्री चार्ज एप डाउनलोड कर फर्म के खाते को उससे जोड़ दिया था। इसके बाद फर्म के खाते से धीरे-धीरे अपने खाते/वॉलेट मे पैसा ट्रांसफर कर देता था। उसके बाद उस पैसे को अपने परिचितों के खाता/वॉलेट में ट्रांसफर कर देता था। फिर अपने परिचितों के खाते/वॉलेट में भेजे गए पैसे उनसे नगद ले लेता था या अपने खाते में ट्रांसफर करा लेता था। कभी-कभी कुछ लोगों द्वारा इंश्योरेंस जमा किए गए रुपए भी अपने पास रख लेता था और फर्म में नहीं जमा करता था। सौरव ने बताया कि पैसे को उसने ऑनलाइन गेम खेलने, मौज करने और कर्ज चुकाने में खर्च कर दिया है। इस तरह से 8 लाख रुपए खाते निकाल लिए। आरोपी के पास से मोबाइल, सिम और एटीएम भी मिले हैं। सौरव को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर राहुल शुक्ला, दरोगा सुनील कुमार यादव, हेड कांस्टेबल श्याम लाल गुप्ता, आलोक कुमार सिंह व प्रभात कुमार द्विवेदी और कांस्टेबल गोपाल चौहान शामिल रहे।

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