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पारिवारिक कलह में युवक ने दे दी जान:वाराणसी में बड़े भाई ने मकान बेंचने का दबाव बनाया तो छोटे ने दे दी जान, पुलिस ने शव भिजवाया पोस्टमार्टम के लिए

वाराणसी4 दिन पहले
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अखिल शुक्ला। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
अखिल शुक्ला। (फाइल फोटो)

वाराणसी के दौलतपुर क्षेत्र में बुधवार को बड़े भाई द्वारा पैतृक मकान बेंचने के लिए दबाव बनाने पर छोटे भाई ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की सूचना पाकर लालपुर पांडेयपुर थाने की पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस घटना की जांच कर रही है।

मां-बाप की पहले ही हो गई थी मौत

लालपुर पांडेयपुर थाना अंतर्गत दौलतपुर में सुधाकर महिला इंटर कालेज की पूर्व प्रधानाचार्य उषा शुक्ला मकान बनवाकर रहती थी। उनके साथ उनका छोटा बेटा अखिल शुक्ला (33), अपनी पत्नी पूजा शुक्ला और 7 वर्षीय बेटी जिम्मी के साथ रहता था। प्रधानाचार्य का बड़ा बेटा निखिल शुक्ला नोएडा में अपने परिवार के साथ रहता है। तकरीबन 3 साल पूर्व अखिल-निखिल के पिता विजय शंकर शुक्ला की मौत हो गई थी। पिछले साल उषा शुक्ला की भी मौत हो गई थी। इसी के बाद अखिल पर निखिल मकान बेचने का दबाव बनाने लगा। वहीं कोरोना वायरस के संक्रमण और फिर लॉकडाउन के कारण अखिल की प्राइवेट नौकरी भी चली गई। इस वजह से अखिल परेशान रहने लगा। बुधवार को अपने घर में बेडरूम के बगल के कमरे में अंदर से दरवाजा बंद कर पंखे से रस्सी के फंदे के सहारे लटक कर उसने जान दे दी।

मासूम बेटी बोली देखो मां पापा हवा में लटके हैं

अखिल की आत्महत्या के बाद उसकी बेटी जिम्मी बगल के कमरे में खेल रही थी। अचानक वह खिड़की से देखी कि उसके पापा फंदे से लटके हुए हैं। इस पर उसने अपनी मां को बताया कि मम्मी पापा तो हवा में लटके हुए हैं। पूजा ने दरवाजा खटखटाया तो नहीं खुला। इसके बाद पूजा खिड़की से झांकी तो पति को फंदे से लटके हुए देख उनके मुंह से चीख निकल गई। किरायेदार भाग कर मौके पर आए तो पूजा फर्श पर बेसुध पड़ी हुई थी और मासूम जिम्मी रो रही थी। आननफानन सूचना पुलिस को दी गई।

इंस्पेक्टर लालपुर पांडेयपुर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। युवक की पत्नी की तहरीर के आधार पर जांच कर प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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