वाराणसी में उम्मीद से अधिक उछला सोने-चांदी का कारोबार:इस धनतेरस 200 करोड़ की ज्वेलरी बिकी; वाहन प्रतिबंधित होने से चौक के सर्राफा व्यापारी निराश

वाराणसी7 महीने पहले
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वाराणसी के गाेदौलिया में खरीदारी और मंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। - Dainik Bhaskar
वाराणसी के गाेदौलिया में खरीदारी और मंदिरों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।

वाराणसी में आज धनतेरस की शाम तक सोने-चांदी का बाजार 200 करोड़ रुपए तक पहुंचा। 2019 धनतेरस पर सोने-चांदी का बाजार 700 करोड़ रुपये तक गया था। वहीं पिछले साल भी सोना-चांदी 300 करोड़ के आंकड़े को छू सका था।

धनतेरस और दिवाली के साथ ही शादियों का सीजन आने वाला है और ज्वेलरी की खरीदारी में इतनी सुस्ती बाजार के लिए ठीक नहीं। इसके पीछे लोग महामारी और मंहगाई को सबसे अहम वजह बता रहे हैं। हालांकि सोना-चांदी कारोबार के जानकारों का कहना है कि सर्राफा व्यापारियों को इस बार उम्मीद से भी बढ़कर मिला है। महामारी में किसी ने नहीं सोचा था कि बाजार में इस तरह की रौनक आएगी।

BHU के एक प्रोफेसर ने धनतेरस पर अपने घर भारतीय रुपया के साथ ही विदेशी करेंसी डॉलर और पाउंड की भी पूजा की।
BHU के एक प्रोफेसर ने धनतेरस पर अपने घर भारतीय रुपया के साथ ही विदेशी करेंसी डॉलर और पाउंड की भी पूजा की।

पांरपरिक दुकानों के बजाय मॉल-शोरूम में पहुंचे ग्राहक

वाराणसी में गोदौलिया-मैदागिन मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित करने से चौक बाजार के सर्राफा व्यापारियों को निराशा हाथ लगी। गाड़िया न चल पाने से उनके दुकान तक लोग पैदल वाले ही पहुंच पा रहे थे।

वाराणसी के बाजारों में सजावट की वस्तुएं खरीदती लड़कियां।
वाराणसी के बाजारों में सजावट की वस्तुएं खरीदती लड़कियां।

चौक थाना के पास स्थित कन्हैया लाल ज्वेलर्स के प्रमुख अनिल जैन ने बताया कि इस धनतेरस लोग बनारस के पारंपरिक दुकानों के बजाय मॉल और शोरूम की ओर शिफ्ट हो गए। कारण इसके पीछे चौक बाजार में गाड़ियों की आवाजाही बंद कर देना था। इससे पूरे मार्केट में दिन भर सुस्ती छाई रही। शाम तक ग्राहक तो बढ़े, मगर कारोबार आधा हो गया। पूरे दिवाली भर यहां पर गाड़ियों से आने जाने पर प्रतिबंध लगा है, इससे आगे भी नुकसान होने वाला है। दिवाली सीजन का लाभ चौक बाजार नहीं ले सकेगा।

बाजार ने भरा फर्राटा

उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष सत्य नारायण सेठ का कहना है कि वाराणसी में लोगों ने आज खूब खरीदारी की। कोरोना के बाद उन्हें बनारस के मार्केट से इस तरह की उम्मीद तो नहीं थी। अब बाजार ने फर्राटा भरा है। महामारी के बाद मध्यम वर्ग की जेब पर बोझ बढ़ा है, मगर सोना-चांदी खरीदारी भी काबिले-तारीफ रही। बताया कि दिवाली तक ज्वेलरी का बाजार 500 करोड़ रुपए को पार कर जाएगा।

बिक गए 2000 कार और 4000 बाइक

वाराणसी में सोने-चांदी के अलावा बर्तन, गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों, कार, बाइक और इलेक्ट्रॉनिक सामानों की खरीदारी जम के हुई। 2000 कार और 4000 बाइकों की बिक्री हुई है। बाजार में हलचल बढ़ने से पूरा शहर भयानक ट्रैफिक जाम की चपेट में रहा।

वाराणसी के लंका-BHU मार्ग पर लगी कारों की कतार। पूरे शहर में धनतेरस की शाम भीषड़ जाम लगा रहा।
वाराणसी के लंका-BHU मार्ग पर लगी कारों की कतार। पूरे शहर में धनतेरस की शाम भीषड़ जाम लगा रहा।

घंटों गाड़ियां लाइन से एक के पीछे एक खड़ी रहीं। ज्यादातार तो एजेंसी से निकलकर आ रहीं थीं। दोपहर से ही लंका-BHU, लंका-दुर्गाकुंड, अस्सी-गोदौलिया, सिगरा-रथयात्रा, मैदागिन-लहुराबीर, कैंट-मलदहिया, अंधरापुर-नदेसर, कचहरी-अर्दली बाजार, भोजूबीर-शिवपुर, चौकाघाट-पांडेयपुर मार्गों पर जाम से आम जनमानस कराह गई। सड़कों पर पैदल चल पाने भर का भी रास्ता नहीं बचा था। गनीमत है कि चौक और बेनियाबाग की तरफ सभी प्रकार के वाहनों पर रोक लगा दी गई थी, नहीं तो यह जाम और भी परेशानी का सबब बन सकता था।

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