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CISF दे रही सुरक्षा और चेकिंग के टिप्स:काशी विश्वनाथ धाम की अभेद्य सुरक्षा रहेगी, क्षेत्रफल बढ़ने के बावजूद नहीं बढ़ेगा रेड जोन का दायरा

वाराणसी2 महीने पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी में अपने ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम का दिसंबर में लोकार्पण करेंगे। इससे पहले अति संवेदनशील इस परिक्षेत्र की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था का खाका नए सिरे से खींच लिया गया है। पुलिसकर्मियों को नए सुरक्षा उपकरणों को सुचारु रूप से संचालित करने और प्रोफेशनल तरीके से चेकिंग करने में सक्षम बनाने के लिए बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात CISF को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

CISF के साथ 7 दिवसीय कैप्सूल पाठ्यक्रम के लिए 25-25 पुलिसकर्मियों के अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। पहले बैच का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। पुलिसकर्मियों की दक्षता की जांच धाम क्षेत्र में स्थापित किए जा रहे उपकरणों और गैजेट्स के परीक्षण की शुरूआत के साथ की जाएगी। नई सुरक्षा योजना की जांच के बाद अनुमोदन के लिए उसे काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी सुरक्षा की स्थायी समिति को भेजा जाएगा।

विश्वनाथ धाम क्षेत्र यलो जोन में रहेगा

काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी के पुराने परिक्षेत्र से काशी विश्वनाथ धाम का क्षेत्रफल कई गुना बढ़ गया है। काशी विश्वनाथ धाम का क्षेत्रफल 5,27,730 वर्गफीट है। पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था का खाका इस संबंध में गठित स्थायी समिति के दिशानिर्देशों के अनुरूप खींचा गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी परिसर रेड जोन (आंतरिक घेरा) में रहेगा। नई सुरक्षा योजना में इसकी सीमा अपरिवर्तित रहेगी।

रेड जोन की सुरक्षा केंद्रीय अर्ध सैनिक बल के हाथ में रहेगी। इसके अलावा विश्वनाथ धाम क्षेत्र यलो जोन में और उसके बाहर का क्षेत्र ग्रीन जोन होगा। यलो जोन में तलाशी और भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी पहले की ही तरह सिविल पुलिस के पास रहेगी।

काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था पर मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से चर्चा करते पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश।
काशी विश्वनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था पर मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से चर्चा करते पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश।

सभी एंट्री पाॅइंट पर रहेंगे DFMD

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम में लगाने के लिए उन्नत डोर-फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD), महिला फ्रिस्किंग बूथ और एक्स-रे बैगेज स्कैनर सहित सभी उपकरण आ गए हैं और उनकी स्थापना भी शुरू हो गई है। DFMD और महिला फ्रिस्किंग बूथ धाम के सभी एंट्री पॉइंट पर लगाए जा रहे हैं। वहीं, एक्स-रे बैगेज स्कैनर परिसर में तीर्थ सुविधा केंद्रों के इंट्री प्वाइंट पर लगाए जा रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद सहित धाम के एक-एक कोने और उसके आसपास के क्षेत्र की निगरानी के लिए विशाल सीसीटीवी नेटवर्क की स्थापना का काम प्रगति पर है।

मंदिर की सुरक्षा के पुराने नियंत्रण कक्ष को तोड़े जाने के बाद मौजूदा नेटवर्क की निगरानी अस्थायी कार्यालय से की जा रही है। धाम के अंदर सुरक्षा नियंत्रण कक्ष का नया भवन जनवरी के मध्य तक बनकर तैयार हो जाने के बाद वहां से निगरानी की जाएगी।

1992 में स्थायी समिति का हुआ था गठन

90 के दशक में राम मंदिर आंदोलन की शुरूआत के साथ काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर को अति संवेदनशील स्थल घोषित किया गया था। 1992 के बाद इसकी सुरक्षा के लिए उच्च अधिकारियों की एक स्थायी समिति गठित की गई थी। किसी भी विपरीत स्थिति से निपटने के लिए स्थायी समिति सुरक्षा पर लगातार चर्चा करती रहती है।

अति संवेदनशील स्थल होने के कारण ही यहां CRPF, पुलिस व पीएसी के जवान सीसीटीवी व सुरक्षा उपकरणों के एक बड़े नेटवर्क के अलावा पॉवर स्लाइडिंग गेट, बम निरोधक दस्ते और अग्निशमन विभाग की एक टुकड़ी के साथ चौबीसों घंटे अतिरिक्त सतर्कता के साथ मुस्तैद रहते हैं।

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