अल्ट्रा वॉयलेट चैंबर नष्ट करेंगे संक्रमण:वाराणसी के 4 सरकारी अस्पतालों में लगाई गई मशीन, बाहर से आने वाले सामान रहेंगे सुरक्षित

वाराणसी4 महीने पहले
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अल्ट्रा वॉयलेट चैंबर विसंक्रमित मशीन में बाहर से लाया हुआ सामान 5 मिनट तक रखने पर उसका संक्रमण नष्ट हो जाता है। - Dainik Bhaskar
अल्ट्रा वॉयलेट चैंबर विसंक्रमित मशीन में बाहर से लाया हुआ सामान 5 मिनट तक रखने पर उसका संक्रमण नष्ट हो जाता है।

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच वाराणसी के सरकारी अस्पतालों में बाहर से लाई गई सामग्रियों का संक्रमण नष्ट करने के लिए अल्ट्रा वॉयलेट चैंबर विसंक्रमित मशीन लगाई जा रही हैं। चिकित्सालय के अंदर लाई गई सामग्रियों को इस मशीन में 5 मिनट रखने से उसमें मौजूद सभी संक्रमण नष्ट हो जाएंगे। इस मशीन से मरीज अ और अस्पताल के स्टाफ बाहरी संक्रमण से बचे रहेंगे।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में अल्ट्रा वॉयलेट चैंबर विसंक्रमित मशीन लगाए जाने के दौरान मौजूद चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में अल्ट्रा वॉयलेट चैंबर विसंक्रमित मशीन लगाए जाने के दौरान मौजूद चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ।

निजी संस्थान की मदद से लगाई गई मशीनें

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर निदेशक डॉ. शशिकांत उपाध्याय ने कहा कि कोविड संक्रमण से बचाव करना सभी के लिए बहुत जरूरी है। इसकी शुरूआत सबसे पहले अस्पताल और चिकित्सकों से होती है। चिकित्सकों और चिकित्सालय की सामग्री को बाहरी संक्रमण से बचाने के लिए चिकित्सालयों में अल्ट्रा वॉयलेट चैंबर विसंक्रमित मशीन लगाई जा रही हैं। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि हाल ही में एक निजी संस्थान की ओर से स्वास्थ्य विभाग को अल्ट्रा वॉयलेट चैंबर विसंक्रमित मशीन उपलब्ध कराई गई।

सबसे पहले यह मशीन अपर निदेशक (स्वास्थ्य) कार्यालय में स्थापित की गई। परिणाम बेहतर दिखते ही 4 और मशीन की मांग की गई। इसके बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी बाजार, कायाकल्प पुरस्कृत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर एवं एनक्वास प्रमाणित व कायाकल्प पुरस्कृत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव पर 1-1 मशीन लगाई जा चुकी है।

डॉ. आरपी सोलंकी की अहम भूमिका

डॉ. उपाध्याय ने कहा कि कोविड के बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए और कायाकल्प कार्यक्रम के तहत चिकित्सालयों के लिए यह एक अच्छा प्रयास किया गया है। इस काम के लिए कायाकल्प कार्यक्रम के तहत क्वालिटी एश्योरेंस के मंडलीय सलाहकार डॉ. आरपी सोलंकी ने अहम भूमिका निभाई है। डॉ. आरपी सोलंकी ने बताया कि कायाकल्प कार्यक्रम के तहत चिकित्सालयों को सुरक्षित और विसंक्रमित रखने के उद्देश्य से इन मशीनों को स्थापित किया गया है, जिससे चिकित्सक के साथ मरीज भी बाहरी संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित रहें। भविष्य में और भी चिकित्सालयों में 1-1 मशीन लगाई जाएगी।

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