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20 अक्टूबर तक गड्‌ढा मुक्त हों सड़कें:मंत्री आशुतोष ने वाराणसी में विकास कार्यों की समीक्षा की, 860 किमी लंबी सड़क के गड्‌ढे पटेंगे 17.92 करोड़ से; जल निगम पर हुए नाराज

वाराणसी2 दिन पहले
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वाराणसी के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन गोपालजी सर्किट हाउस में बैठक करते हुए। - Dainik Bhaskar
वाराणसी के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन गोपालजी सर्किट हाउस में बैठक करते हुए।

वाराणसी के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की सड़कों को गड्‌ढा मुक्त करने का काम हर हाल में 20 अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाए। यह निर्देश बुधवार को सर्किट हाउस में वाराणसी के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन गोपालजी ने 12 विभागों के अधिकारियों को दिया। इसके साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा को कहा कि जिन सड़कों के गड्‌ढा मुक्त होने की रिपोर्ट आ जाए, उनकी जांच कराएं। काम में गड़बड़ी मिले तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करें।

वाराणसी के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन गोपालजी सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए।
वाराणसी के प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन गोपालजी सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए।

पीडब्ल्यूडी की सबसे ज्यादा सड़कें

मंत्री आशुतोष को जिलाधिकारी ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के चार खंडों, विकास प्राधिकरण, मंडी परिसर, जिला पंचायत, नगर निगम, सेतु निगम, आवास विकास एवं गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की 860.399 किलोमीटर लंबी सड़क है। इन 505 सड़कों को गड्ढा मुक्ति करने के लिए सर्वे कर लिया गया है। इस पर 17.92 करोड़ रुपए खर्च आएगा।

गड्ढा मुक्ति के लिए सबसे अधिक पीडब्ल्यूडी के चारों खंडों की 771 किलोमीटर लंबी सड़क है। बैठक में मंत्री को बताया गया कि गड्ढा मुक्ति का काम शुरू हो चुका है। जिले में अब तक 70 किलोमीटर लंबी सड़क को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है। मंडी परिषद की 153.10 किलोमीटर लंबी सड़क को गड्ढा मुक्त किया जाना है।

नगर निगम की 29.81 किलोमीटर लंबी सड़क को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि टेंडर हो चुका है, काम जल्द शुरू हो जाएगा। विकास प्राधिकरण की 2, जिला पंचायत की 7 और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की 2 सड़कें गड्ढा मुक्ति अभियान में ली गई है।

मरम्मत की धीमी गति पर जताई नाराजगी

शहर में जल निगम के लीकेज की मरम्मत में धीमी गति से काम पर मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। हिदायत दी कि जिस भी सड़क पर लीकेज हो संबंधित विभाग तत्काल जल निगम को सूचित करें। जल निगम तत्काल लीकेज की मरम्मत करें। बार-बार एक स्थान पर लीकेज होना पाया गया तो काम की गुणवत्ता में कमी मानी जाएगी। काम में शिथिलता और गुणवत्ता में कमी पर जल निगम के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी।

बैठक में विधायक रोहनिया सुरेंद्र नारायण सिंह, भाजपा महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, नगर आयुक्त प्रणय सिंह, विकास प्राधिकरण के सचिव सुनील कुमार वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।

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