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महादेव की नगरी में मंगलमूर्ति की ठाट ने किया निहाल:मोदकप्रिय विनायक ने श्रृंगार के बाद लगाए वाराणसी के विशिष्ट लड्डुओं के भोग; पंडालों में भक्तजनों ने छका भंडारे का प्रसाद

वाराणसी11 दिन पहले
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श्री राम तारक आंध्र आश्रम मंदिर में 1 लाख रुद्राक्ष से सजे पंडाल में तमिलनाडु के कुंभकोणम से वाराणसी आई पंचधातु के गणेश भगवान की प्रतिमा। - Dainik Bhaskar
श्री राम तारक आंध्र आश्रम मंदिर में 1 लाख रुद्राक्ष से सजे पंडाल में तमिलनाडु के कुंभकोणम से वाराणसी आई पंचधातु के गणेश भगवान की प्रतिमा।

महादेव की नगरी काशी में चारों ओर मंगलमूर्ति गणपति बप्पा की ठाट अब निहारते ही बन रही है। पंचाधातु, गंगा की मिट्टी, रुद्राक्ष और मेवे आदि से बनी गणेश भगवान की झांकियां लोगों को आकर्षित कर रहीं हैं। वहीं 2 दिन से माता जाकी पार्वती पिता महादेवा और गणपति बप्पा मोरेया की ध्वनि ही शहर में गूंज रही है। खानपान के मामले में विशेष स्थान रखने वाले वाराणसी शहर में मोदकप्रिय गजाजन की पूजा का महत्व काफी बढ़ जाता है। आज दूसरे दिन भगवान मोदक, मगदल, बेसन, मोतीचूर और मेवे के बने जायकेदार लड्डूओं का भोग लगा चुके हैं। भक्तगण वक्रतुंड महाकाय की भक्ति में अभी 9 दिन तक ऐसे ही लीन रहेंगे। रविवार होने की वजह से सुबह से ही पंडालाें और मंदिरों में लोगों का हूजूम उमड़ा है।

वाराणसी में भगवान गणेश की विशिष्ट झांकी।
वाराणसी में भगवान गणेश की विशिष्ट झांकी।

भगवान का हुआ श्रृंगार

श्री राम तारक आंध्र आश्रम के संचालक पंडित वी वी सुंदर शास्त्री ने बताया कि 1 लाख रुद्राक्ष से सजाए गए पंडाल को भक्तों ने खूब निहारा। सुबह 9 से 12 बजे तक गजाजन का पूजन, हवन और आरती आयोजित हुई।

वाराणसी के श्री राम तारक आंध्र आश्रम में रुद्राक्ष के पंडाल में पंचधातु से बने गणेश भगवान।
वाराणसी के श्री राम तारक आंध्र आश्रम में रुद्राक्ष के पंडाल में पंचधातु से बने गणेश भगवान।

वहीं दुर्गाकुंड स्थित दुर्गविनायक मंदिर में गणेशजी का भोर में पंचामृत स्नान के बाद इत्र व सिंदूर लेपन कर श्रृंगार किया गया। इसके बाद गणपति बप्पा दरबार में भक्तों ने शीश नवांकर जयकारे लगाए।

श्री राम तारक आंध्र आश्रम की आरती उतारते हुए ब्राह्मण जन।
श्री राम तारक आंध्र आश्रम की आरती उतारते हुए ब्राह्मण जन।

भक्तों ने छका लंगर

नूतन वस्त्रों से भगवान को सुशोभित कर मंगला आरती गई। वहीं सुबह वैदिक ब्राह्मणों द्वारा दुर्वा और लावा से लाक्षार्चन हुआ। ऋतु फल और मिष्ठान का भोग लगाने के बाद विशेष आरती उतारी गयी। इसके बाद भक्तों ने भंडारे के प्रसाद भी छके। यजमान मानस नगर निवासी डा. श्रीकृष्ण गोपाल सिंह के अनुसार भंडारा 9 दिन तक चलेगा। कार्यक्रम व्यवस्थापक ताड़केश्वर दूबे ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के कारण दिन भर में 1 हजार लोग पहुंच रहे हैं।

वाराणसी स्थित गणेश मंदिर में गणपति बप्पा मोरया के साथ मगन भक्तगण।
वाराणसी स्थित गणेश मंदिर में गणपति बप्पा मोरया के साथ मगन भक्तगण।

श्री काशी विद्या मंदिर में चित्रकला बनी आकर्षण का केंद्र

श्री काशी विद्या मंदिर में आज चित्रकला प्रतियोगिता, देव प्रतिमा पर सहस्त्र दुर्वाचन के बाद म्यूजिक चेयर व फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता कराई गई। उत्सवी प्रांगण...देव पूजन और प्रतिभा प्रदर्शन की इस त्रयी में हर कोई मगन हो गया। मच्छोदरी स्थित इस मंदिर में सुबह से ही विघ्नहर्ता के भजन-गीत आयोजित किए जा रहे हैं। संरक्षक रामचरण यादव और पं. भास्कर केलकर द्वारा ने भगवान गणेश की भव्य आरती कराई। वहीं 12 बच्चों ने अपनी कल्पना से चित्रकला बनाई और 10 बच्चे स्पेलिंग चैंप में भाग लिए।

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