वाराणसी में कांग्रेस महासचिव मोहन प्रकाश BJP पर जमकर बरसे:बोले- सत्ता के संरक्षण में फल-फूल रहे ड्रग माफिया, करोड़ों रुपए की हेरोइन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा

वाराणसी2 महीने पहले
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वाराणसी के मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में मोहन प्रकाश (बीच में)। - Dainik Bhaskar
वाराणसी के मैदागिन स्थित पराड़कर भवन में मोहन प्रकाश (बीच में)।

कांग्रेस के महासचिव मोहन प्रकाश ने गुरुवार को वाराणसी में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर जमकर निशाना साधा। कहा, अडानी मुद्रा पोर्ट से दो बार में 21 हजार करोड़ और 1,75,000 करोड़ रुपए की हेरोइन पकड़े जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह हेरोइन अफगानिस्तान की कंपनी ने ईरान के माध्यम से भारत में भेजी थी। इसमें कुछ लोगों को पकड़ने की बात भी समाने आई, लेकिन असल ड्रग माफिया कौन है, यह स्पष्ट नहीं हो सका। यह अपने आप में राष्ट्रीय सुरक्षा को एक बड़ा खतरा है।

प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरी तरह से चुप हैं
मोहन प्रकाश ने कहा कि साफ है कि एक बहुत बड़ा ड्रग माफिया सरकार की नाक के नीचे फल-फूल रहा है। देश और दुनिया के इतने बड़े ड्रग्स रैकेट का प्रकरण सामने आने के बावजूद प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पूरी तरह से चुप हैं। 70 साल में बनाई देश की लाखों करोड़ रुपए की संपत्ति औने-पौने दाम में बेच डालेंगे। छोटे उद्योगों को चौपट कर डालेंगे। जो बच जाएगा उसे चंद कंपनियों के हवाले कर डालेंगे। मोदी सरकार ने देश के भविष्य को बेचने की सुपारी ले रखी है। यही इनका खाएंगे, खिलाएंगे और लुटाएंगे मॉडल है। अमेजन कंपनी द्वारा करोड़ों रुपए की रिश्वत क्यों और किसे दी गई?

1 साल में 14 करोड़ रोजगार खत्म हो चुके हैं
पिछले 1 साल में 14 करोड़ रोजगार खत्म हो चुके हैं। करोड़ों दुकानदारों, छोटे उद्योगों, युवाओं की नौकरियां खत्म होने का असली कारण क्या है? विदेशी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने पिछले दो साल में भारत में कानूनी फीस के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान किया। अब सामने आ गया है कि यह पैसा तथाकथित तौर से रिश्वत के तौर पर दिया गया। यह बात अमेजन कंपनी ने भी स्वीकारी है।

प्रधानमंत्री से हमारे सवालों के जवाब दें

  • नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, डीआरआई, ईडी, सीबीआई, आईबी क्या सोए पड़े हैं या फिर उन्हें मोदी जी के विपक्षियों से बदला लेने से फुर्सत नहीं है?
  • क्या यह सीधे-सीधे देश के युवाओं को नशे में धकेलने का षड्यंत्र तो नहीं है?
  • क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं है। क्योंकि, इसके सारे तार तालिबान और अफगानिस्तान से जुड़े हैं?
  • क्या ड्रग माफिया को सरकार में बैठे किसी सफेदपोश का और सरकारी एजेंसियों का संरक्षण प्राप्त है?
  • अडानी मुद्रा पोर्ट की जांच क्यों नहीं की गई?
  • क्या प्रधानमंत्री और सरकार देश की सुरक्षा में फेल नहीं हो गए हैं?
  • क्या पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज का कमीशन बना कर नहीं होनी चाहिए?
  • करोड़ों रुपए की संपत्ति औने-पौने दाम में बेच देंगे
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