18 जनपदों से होकर आएगी देवी अन्नपूर्णा की प्रतिमा:वाराणसी आने से पहले जगह-जगह होगा मां का स्वागत, आमजन कर सकेंगे दर्शन-पूजन

वाराणसी8 महीने पहले
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आज दिल्ली से देवी अन्नपूर्णा की प्राचीन प्रतिमा वाराणसी के लिए रवाना होगी। - Dainik Bhaskar
आज दिल्ली से देवी अन्नपूर्णा की प्राचीन प्रतिमा वाराणसी के लिए रवाना होगी।

ब्रिटिश काल में 100 वर्ष पहले काशी से चोरी होने के बााद कनाडा में मिली मां अन्नपूर्णा की दुर्लभ प्रतिमा 15 नवंबर को वापस काशी आएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से भारत को वापस मिली देवी प्रतिमा आज दिल्ली में एक कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद को सौंपी जाएगी।

इसके बाद पुनर्स्थापना यात्रा के माध्यम से मां अन्नपूर्णा 18 जिलों के भक्तों को दर्शन देते हुए 14 नवंबर को काशी पहुंचेगी। 15 नवंबर यानी देवोत्थान एकादशी के खास अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम के नए परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधि-विधान से प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे।

14 नवंबर की शाम काशी पहुंचेगी प्रतिमा

नई दिल्ली में प्रतिमा UP सरकार को मिलने के बाद अगले 4 दिनों में भव्य शोभायात्रा गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ और जौनपुर होते हुए 14 नवंबर को दोपहर बाद 4:30 बजे वाराणसी पहुंचेगी। मां अन्नपूर्णा की शोभायात्रा को भव्य बनाने के लिए सभी 18 जिलों में तैयारियां की जा रही हैं।

शोभायात्रा के लिए तय रूट के मुताबिक पहले दिन का रात्रि विश्राम तीर्थ क्षेत्र कासगंज के सोरों में होगा। दूसरे दिन कानपुर और तीसरे दिन अयोध्या में रात्रि विश्राम के लिए शोभायात्रा रुकेगी। हर जिले में शोभायात्रा का स्वागत जनपद के जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री करेंगे। इसमें आम जनता की भी सहभागिता होगी।

अमेरिका से जल्द मिलने वाली हैं 157 दुर्लभ धरोहर

बीते दिनों लखनऊ आए केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बताया था कि PM मोदी के हालिया अमेरिका दौरे के बाद 157 ऐसी ही धरोहरों की वापसी का रास्ता साफ हुआ है। सभी धरोहरें जल्द भारत लाई जाएगी। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, 2014 के बाद से अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में 42 दुर्लभ धरोहरों की देश में वापसी हो चुकी है। वहीं, वर्ष 1976 से 2013 तक कुल 13 दुर्लभ प्रतिमाएं-पेंटिंग ही देश वापस लाई जा सकी थीं।

शोभायात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव

  • 11 नवंबर : मोहन मंदिर, गाजियाबाद, दादरी नगर शिव मंदिर, गौतमबुद्धनगर, दुर्गा शक्ति पीठ खुर्जा, बुलंदशहर, रामलीला मैदान, अलीगढ़, हनुमान चौकी, हाथरस और सोरों, कासगंज।
  • 12 नवंबर : जनता दुर्गा मंदिर, एटा, लखोरा, मैनपुरी, मां अन्नपूर्णा मंदिर तिर्वा, कन्नौज, पटकापुर मंदिर कानपुर।
  • 13 नवंबर : झंडेश्वर मंदिर, उन्नाव, दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर , लखनऊ, भिटरिया बाईपास, बाराबंकी, हनुमान गढ़ी, अयोध्या
  • 14 नवंबर : दुर्गा मंदिर कस्बा केएनआईटी, मीनाक्षी मंदिर प्रतापगढ़, दौलतिया मंदिर जौनपुर, बाबतपुर चौराहा, शिवपुर चौक, वाराणसी।
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