वाराणसी साफ-सफाई में देश में 30वें स्थान पर:पिछले साल से 3 पायदान नीचे गिरी रैंकिंग, 9 फोटो में देखें स्वच्छता की हकीकत

वाराणसी2 महीने पहले
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गंगोत्री विहार कॉलोनी में सड़क किनारे लगा कचरे का ढेर यह बताने के लिए पर्याप्त है कि नगर निगम वाराणसी साफ-सफाई को लेकर कितनी गंभीरता बरतता है। - Dainik Bhaskar
गंगोत्री विहार कॉलोनी में सड़क किनारे लगा कचरे का ढेर यह बताने के लिए पर्याप्त है कि नगर निगम वाराणसी साफ-सफाई को लेकर कितनी गंभीरता बरतता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र स्मार्ट सिटी वाराणसी को शनिवार को दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों गंगा किनारे बसे शहरों में सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल हुआ। यह पुरस्कार नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, महापौर मृदुला जायसवाल और नगर आयुक्त प्रणय सिंह ने लिया। स्वच्छता सर्वेक्षण-2021 के अनुसार वाराणसी उत्तर प्रदेश का सातवां और देश का 30वां सबसे साफ-सुथरा शहर है। यह रैंकिंग पिछले साल की तुलना में 3 पायदान नीचे गिरी है।

हकीकत के धरातल पर देखें तो शहर के मुख्य मार्गों और पॉश कॉलोनियों को छोड़ कर घनी आबादी वाले संकरे इलाकों में साफ-सफाई की स्थिति बदतर ही है। इसी वजह से वाराणसी पिछले साल की अपेक्षा 27वें स्थान की बजाय इस बार साफ-सफाई के मामले में देश में 30वें नंबर पर आ गया। वहीं, वाराणसी के छावनी क्षेत्र को नागरिकों के फीडबैक के आधार पर सबसे अच्छे कैंटोनमेंट के तौर पर पहला स्थान मिला है।

लंका-नरिया मार्ग स्थित पांडेयमहाल में कचरे का यह ढेर देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में साफ-सफाई की वास्तविक स्थिति क्या है।
लंका-नरिया मार्ग स्थित पांडेयमहाल में कचरे का यह ढेर देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में साफ-सफाई की वास्तविक स्थिति क्या है।

बजरडीहा जैसे कई इलाकों में हालात ठीक नहीं

नगर निगम भले ही शहर में शत-प्रतिशत कूड़ा उठान और निस्तारण का दावा करे, लेकिन बजरडीहा क्षेत्र के आधा दर्जन मोहल्लों, कोनिया, सरैयां और वरुणा पार क्षेत्र में साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। हाल ही में जो गांव नगर निगम के दायरे में आए हैं उनकी भी साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं है। इसके अलावा गंगा किनारे सामने घाट क्षेत्र की कॉलोनियां और नगवां सहित घनी आबादी वाले संकरे इलाके की स्थिति साफ-सफाई के मामले में ठीक नहीं है। लोग अभी भी खाली जगह या प्लॉट देखकर कचरा फेंक देते हैं और वह फिर नगर निगम के सफाई कर्मियों की मेहरबानी से ही उठ पाता है।

अस्सी घाट पर रोजाना सैलानी आते हैं। इसके बावजूद यह तस्वीर नगर निगम की साफ-सफाई के प्रति गंभीरता की हकीकत बता रही है।
अस्सी घाट पर रोजाना सैलानी आते हैं। इसके बावजूद यह तस्वीर नगर निगम की साफ-सफाई के प्रति गंभीरता की हकीकत बता रही है।

शहर से रोजाना निकलता है 700 मीट्रिक टन कचरा

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि शहर से रोजाना 700 मीट्रिक टन कचरा निकलता है। कचरा निस्तारण के लिए 3100 से ज्यादा सफाईकर्मी काम कर रहे हैं। जीपीएस से लैस 231 वाहन कूड़ा निस्तारण के काम में लगे हैं। शहर के 20 कूड़ाघरों की निगरानी सीसीटीवी कैमरे से की जाती है। घरों और दुकानों से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम कराया जा रहा है। इसके अलावा 235 टॉयलेट हैं। इनकी भी साफ-सफाई का जिम्मा नगर निगम के पास ही है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उनके संसदीय क्षेत्र के लोग साफ-सफाई को लेकर गंभीर हुए हैं। जनसहयोग से ही हम बेहतर परिणाम दे पा रहे हैं।

सुंदरपुर से भिखारीपुर तिराहा मुख्य मार्ग पर पड़ा कचरा और उसके इर्दगिर्द मंडरा रहे छुट्‌टा पशु।
सुंदरपुर से भिखारीपुर तिराहा मुख्य मार्ग पर पड़ा कचरा और उसके इर्दगिर्द मंडरा रहे छुट्‌टा पशु।

रोजाना बेहतर करने का प्रयास जारी

महापौर मृदुला जायसवाल ने बताया कि वह और नगर आयुक्त प्रणय सिंह के साथ ही प्रदेश के नगर विकास विभाग के अधिकारी दिल्ली पहुंच गए हैं। राष्ट्रपति के हाथों नगर निगम वाराणसी का सम्मानित होना गर्व की बात है। नगर निगम प्रशासन रोजाना यही प्रयास करता है कि कचरा उठान और उसके निस्तारण की व्यवस्था में कोई कमी न रहे। साफ-सफाई रोजमर्रा की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अफसरों को रोजाना इस बात के लिए प्रेरित किया जाता है कि साफ-सफाई को लेकर लापरवाही न बरती जाए।

घनी आबादी वाले मध्यमेश्वर मोहल्ले की संकरी गली में सुबह 10:15 बजे के बाद भी कचरा पड़ा था।
घनी आबादी वाले मध्यमेश्वर मोहल्ले की संकरी गली में सुबह 10:15 बजे के बाद भी कचरा पड़ा था।

पिछली बार थी 27वीं रैंकिंग

स्वच्छता सर्वेक्षण में वाराणसी को पिछले साल देश भर में 27वां स्थान मिला था। उससे पहले देश में 70वां स्थान था। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने कहा कि साफ-सफाई के मामले में जहां कहीं भी खामी हो, लोग हमें नि:संकोच बताएं। यह शहर यहां के लोगों का है और उन्हें साफ-सफाई के मसले को लेकर खुद गंभीरता बरतते हुए हमें आगाह भी करते रहना चाहिए। लोगों के फीडबैक के आधार पर हम रोजाना सुधार करेंगे। शहर की साफ-सफाई ज्यादा बेहतर हो सकेगी। जनसहयोग के बगैर सफाई जैसे काम में कभी भी मनोवांछित परिणाम नहीं मिल सकता है।

नगवा क्षेत्र में लोगों के घर के पास ही इस तरह से कचरे का ढेर लगा रहता है।
नगवा क्षेत्र में लोगों के घर के पास ही इस तरह से कचरे का ढेर लगा रहता है।
वाराणसी की कई कॉलोनियों में घरों के सामने ही कचरा पड़ा रहना और सड़कों के उखड़े हुए पत्थर सामान्य-सी बात है।
वाराणसी की कई कॉलोनियों में घरों के सामने ही कचरा पड़ा रहना और सड़कों के उखड़े हुए पत्थर सामान्य-सी बात है।
शिवपुर क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग के समीप बाजार में मुख्य मार्ग पर दोपहर बाद लगा कूड़े का ढेर और उसके समीप मंडरा रहा छुट्‌टा पशु।
शिवपुर क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग के समीप बाजार में मुख्य मार्ग पर दोपहर बाद लगा कूड़े का ढेर और उसके समीप मंडरा रहा छुट्‌टा पशु।
सीरगोवर्धनपुर में सड़क पर बहता हुआ सीवर का गंदा पानी और आमजन मजबूरी में इसी रास्ते से आते-जाते हैं।
सीरगोवर्धनपुर में सड़क पर बहता हुआ सीवर का गंदा पानी और आमजन मजबूरी में इसी रास्ते से आते-जाते हैं।
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