वाराणसी...मदरसे के 60 छात्रों ने ली ABVP की सदस्यता:30 सितंबर तक 25 हजार लोगों को जोड़ने का टारगेट, अभी तक 18 हजार छात्रों को दिलाई सदस्यता

वाराणसी2 महीने पहले
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वाराणसी के पड़ाव स्थित मदरसा में कार्यक्रम कर छात्रों को आज ABVP की सदस्यता दिलाई गई। - Dainik Bhaskar
वाराणसी के पड़ाव स्थित मदरसा में कार्यक्रम कर छात्रों को आज ABVP की सदस्यता दिलाई गई।

वाराणसी में मदरसे के 60 छात्रों ने आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) का हाथ थाम लिया है। ABVP काशी महानगर द्वारा चलाए जा रहे सदस्यता अभियान में वाराणसी के पड़ाव स्थित मदरसे में आज मुस्लिम छात्रों को सदस्यता दिलाई गई। यहां पर पढ़ाई करने वाले छात्रों की मदद करने भी सहमति बनी।

वहीं ABVP की सदस्यता लेने के बाद मुस्लिम छात्रों ने भी मिल-जुलकर काम करने की शपथ ली। इसके अलावा गाजीपुर के 4 मदरसों में 20 मुसलमानों को सदस्यता दिलाई गई है। मदरसे में रहने वाले छात्रों ने कहा कि विद्यार्थी परिषद् में काम करके हम राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देंगे। इस दौरान सदस्यता लेने वालों में फैजी खान,अकरम अहमद, जाविर आलम, सद्दाम अंसारी, अशफाक अंसारी आदि नाम शामिल थे। इनमें कक्षा 8 से 12वीं और ग्रेजुएशन तक के छात्र थे।

मदरसे के छात्र को सदस्यता दिलाते शुभम सेठ।
मदरसे के छात्र को सदस्यता दिलाते शुभम सेठ।

मदरसे से आए कई कार्यकर्ता प्रचारक भी बनते हैं

इस साल अभी तक वाराणसी में 18 हजार छात्रों को सदस्यता दिला दी गई है। कहा यह भी जा रहा है कि यूपी चुनाव में इसका लाभ भारतीय जनता पार्टी को ही मिलेगा। गाजीपुर में ABVP के लिए काम करने वाले BHU के छात्र रत्नेश त्यागी ने बताया कि मदरसे से आए कई कार्यकर्ता प्रचारक भी बनते हैं। वहीं ज्यादातर सामाजिक संगठनों और सेवा के रास्ते को चुनते हैं। हर साल सदस्यता दिलाई जाती है। हमारी विचारधारा में आकर काम करने वालों का स्वागत है।

25 हजार लोगों को सदस्यता दिलाने का अभियान

प्रदेश सह मंत्री शुभम कुमार सेठ ने बताया कि वाराणसी में 25 हजार लोगों को सदस्यता दिलाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसमें हर धर्म और जाति के लोगों का स्वागत है। यह सदस्यता अभियान 15 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। विद्यार्थी परिषद् अपने नारा ज्ञान, शील और एकता के साथ आज पूरे विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बन चुका है। शुभम व आकाश ने मदरसों में जाकर मुस्लिम छात्रों से कहा कि यह संगठन समस्याओं के समाधान के लिए काम करता है। धर्म या जाति भेदभाव से कोई नाता नहीं है। हमारा मूल उद्देश्य राष्ट्र पुनर्निर्माण है। अपने स्थापना काल से ही छात्र हित और राष्ट्रहित से जुड़े प्रश्नों को प्रमुखता से उठाया है और देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व किया है। शिक्षा का व्यवसायीकरण के विरोध में हमारी आवाज बुलंद रहेगी।

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