वाराणसी में एक्टिव मुन्ना बजरंगी का गिरोह:50 हजार के इनामी बदमाश ने ट्रांसपोर्टर से मांगी 50 लाख की रंगदारी, ऑफिस में धमकाया फिर किया फोन; 13 साल से है फरार

वाराणसी5 महीने पहले
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2-3 बार धमकी भरी कॉल बदमाश विश्वास नेपाली ने व्यापारी को की। 2008 से फरार 50 हजार का इनामी बदमाश है विश्वास नेपाली। - Dainik Bhaskar
2-3 बार धमकी भरी कॉल बदमाश विश्वास नेपाली ने व्यापारी को की। 2008 से फरार 50 हजार का इनामी बदमाश है विश्वास नेपाली।

वाराणसी के धूपचंडी इलाके में ट्रांसपोर्ट का काम करने वाले व्यापारी विनोद पांडेय से 50 लाख की रंगदारी मांगी गई है। पहले उनके ऑफिस में जाकर फिर फोन करके धमकाया गया। मामले में चेतगंज थाने की एफआईआर दर्ज कर व्यापारी को पुलिस सुरक्षा दी गई है। जांच के लिए क्राइम ब्रांच और चेतगंज थाने में​​​​​​ की पुलिस की संयुक्त टीम लगाई गई है। बताया जा रहा है कि रंगदारी मांगने वाले का नाम विश्वास शर्मा उर्फ विश्वास नेपाली है। यह अपराधी साल 2008 से फरार 50 हजार का इनामी बदमाश बागपत जेल में मारे गए कुख्यात मुन्ना बजरंगी गिरोह का है।

असलहा लेकर ऑफिस में धमकाने आया था हेलमेट पहना हुआ युवक
दरअसल, शिवपुर थाना के चमांव तरना में रहने वाले विनोद पांडेय का ट्रांसपोर्ट ऑफिस धूपचंडी में है। विनोद ने पुलिस को बताया कि उनके ऑफिस में एक युवक हेलमेट पहन कर आया था। उस युवक ने दोनों हाथ में असलहा लेकर उनके साथ गाली-गलौच की। इसके बाद धमकाया था कि भैयाजी जो कह रहे हैं वह कर देना नहीं तो तुम्हारी हत्या कर देंगे। इसके बाद वह गाली-गलौच करते हुए चला गया। हेलमेट पहने हुए युवक के जाने के बाद उनके मोबाइल पर 2-3 बार धमकी भरी कॉल विश्वास नेपाली के नाम से आई तो वह डर गए। आननफानन पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया।

टेक्नोलॉजी का बहुत अच्छा है जानकार, ऐसे दे रहा सर्विलांस को धोखा
बागपत जेल में मारे गए कुख्यात मुन्ना बजरंगी गिरोह का बदमाश विश्वास शर्मा उर्फ नेपाली टेक्नोलॉजी का बहुत अच्छा जानकार है। सर्विलांस सिस्टम की भी अच्छी जानकारी है। वह एक कॉल के लिए सिर्फ एक ही बार किसी मोबाइल और सिम का इस्तेमाल करता है। साल 2001 में जरायम जगत में कदम रखने वाले विश्वास नेपाली की लगभग डेढ़ दशक पुरानी तस्वीर पुलिस ने खंगाल निकाली। रंगदारी, अपहरण और हत्या के लिए नेपाली पर पुलिस का शिकंजा कसने लगा तो वह कपिलेश्वर गली स्थित घर छोड़ कर परिवार सहित नेपाल चला गया था। बताया जाता है कि वह बनारस आता रहता है, लेकिन उसकी हाल-फिलहाल की तस्वीर किसी के पास न होने के कारण उसे कोई पहचान नहीं पाता है। नेपाली को लेकर चर्चाएं यह भी हैं कि वह नेपाल में माओवादियों(योजनाबद्ध काम करने वाला दल) की मदद से पहाड़ी क्षेत्रों में अपनी खासी दखल बना रखा है और ट्रैवल्स का काम भी करता है।

तफ्तीश जारी है, जल्द होगा खुलासा : चेतगंज थानाध्यक्ष
इंस्पेक्टर चेतगंज संध्या सिंह ने बुधवार को बताया कि सूचना के आधार पर व्यापारी के ऑफिस के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई थी लेकिन कोई खास मदद नहीं मिली। जिन नंबरों से कॉल आई थी उनकी पड़ताल क्राइम ब्रांच की मदद से की जा रही है। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही हम धमकी देने वाले का खुलासा कर उसे गिरफ्तार कर लेंगे।

नेपाली के खिलाफ 30 से ज्यादा एफआईआर
साल 2001 में भेलूपुर थाना में विश्वास नेपाली के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में धमकाने को लेकर पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद कोतवाली थाने की पुलिस ने उसके खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की। जेल से जमानत पर छूटने के बाद विश्वास नेपाली अनुराग त्रिपाठी उर्फ अन्नू त्रिपाठी और मुन्ना बजरंगी से जुड़ गया। नेपाली के खिलाफ लूट, हत्या, अपहरण और रंगदारी मांगने के आरोप में 30 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हैं।

कौन है मुन्ना बजरंगी?
मुन्ना बजरंगी के नाम से मशहूर हुए बदमाश का असली नाम प्रेम प्रकाश सिंह है। उसका जन्म 1967 में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के पूरा दयाल गांव में हुआ था। 17 साल की उम्र में मुन्ना बजरंगी के खिलाफ मारपीट व अवैध हथियार रखने के लिए एफआईआर दर्ज हुई थी। धीरे-धीरे जयराम की दुनिया में कदम रखते ही वह पूर्वांचल में खौफ का पर्याय बन गया। मुन्ना बजरंगी के सिर 40 से ज्यादा हत्याओं का आरोप थे। उत्तर प्रदेश में मुन्ना के नाम से ही लोग कांपते थे। मुन्ना बजरंगी को 8 जुलाई 2018 रात ही झांसी जेल से बागपत जेल ट्रांसफर किया गया था। यहीं कुख्यात अपराधी माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

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