DL चाहिए तो टेस्ट पास करें:वाराणसी में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए करौंदी में 15 जुलाई से होगा टेस्ट, अब पास होने पर ही चला सकेंगे बाइक-कार

वाराणसी4 महीने पहले
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ट्रैक तैयार होने के बाद डीएल के लिए आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। - Dainik Bhaskar
ट्रैक तैयार होने के बाद डीएल के लिए आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट देना होगा।

सड़क हादसों में कमी लाने के लिए आरटीओ प्रशासन ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया को सख्त कर दिया है। अब डीएल बनाने के लिए आवेदक को परिवहन विभाग के अधिकारियों के सामने मैनुअल ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। टेस्ट पास करने के बाद ही आवेदक को डीएल मिलेगा। बिना टेस्ट पास किए शहर में बाइक-कार नहीं चला सकेंगे।

परिवहन विभाग ने जिले के करौंदी स्थित आईटीआई परिसर में बनाए गए ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के सामने ट्रैक भी बनवाया है। इन दिनों ट्रैक की फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है। ट्रैक तैयार होने के बाद डीएल के लिए आवेदकों को यहीं ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। टेस्ट में सफल होने पर ही आरटीओ प्रशासन डीएल जारी करेगा। 15 जुलाई से करौंदी में ड्राइविंग टेस्ट शुरू होगा।

प्रदेश के 15 मंडल में डीटीआई बनाने का निर्णय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर वाराणसी, प्रयागराज, अयोध्या, मुरादाबाद, मिर्जापुर, मथुरा, मेरठ, गोरखपुर, अलीगढ़, बस्ती, बरेली, झांसी, आजमगढ़, देवीपाटन और मुजफ्फरनगर में ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (डीटीआई) बनाने का निर्णय लिया गया था। इनमें से वाराणसी, प्रयागराज, मुरादाबाद, मिर्जापुर, मथुरा, मेरठ, गोरखपुर और मुजफ्फरनगर में डीटीआई का काम करीब पूरा हो चुका है। वाराणसी नगर क्षेत्र में चौकाघाट और हरहुआ स्थित परिवहन विभाग के कार्यालय से ड्राइविंग लाइसेंस जारी होता है। नई व्यवस्था के बाद करौंदी स्थित आईटीआई परिसर में बनाए गए डीटीआई में परिवहन विभाग के अधिकारियों के सामने टेस्ट पास करने के बाद ही डीएल बनेगा।

2020 में प्रदेश में 19,419 लोगों की सड़क हादसे में गई थी जान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में वर्ष 2020 में 19,149 लोगों की सड़क हादसे में जान गई थी। वाराणसी में लोगों ने 218 लोगों ने जान गंवाई थी और 315 लोग घायल हुए थे। सरकार का मानना है कि चालकों के प्रशिक्षित न होने और लापरवाही की वजह से यह सड़क हादसे हुए। सरकार ने सड़क हादसे में प्रत्येक वर्ष 10 प्रतिशत की कमी का लक्ष्य रखा है। इसके मद्देनजर डीटीआई के अलावा परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की ओर से जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

तैयारियां अंतिम दौर में, जल्द शुरू होगा काम
एआरटीओ प्रशासन सर्वेश चतुर्वेदी ने बताया कि करौंदी में आईटीआई परिसर में बिल्डिंग बन कर तैयार हो गई है। बिल्डिंग के हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के ड्राइविंग टेस्ट के लिए ट्रैक की फिनिशिंग का काम चल रहा है। इंटरनेट, बिजली आपूर्ति और फर्नीचर के साथ ही अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था कर 15 जुलाई से करौंदी स्थित डीटीआई में कामकाज शुरू होगा।

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