अब डाकघरों में भी क्यूआर कोड से होगा भुगतान:वाराणसी के पोस्टमास्टर जनरल बोले- स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री और पार्सल की बुकिंग के लिए कैश की जरूरत नहीं

वाराणसी3 महीने पहले
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वाराणसी में डाकघर के काउंटर पर लगाया गया क्यूआर कोड। - Dainik Bhaskar
वाराणसी में डाकघर के काउंटर पर लगाया गया क्यूआर कोड।

अब डाकघरों में भी क्यूआर कोड आधारित डिजिटल पेमेंट की सुविधा शुरू की गई है। वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने शनिवार को बताया कि सभी डाकघरों के बुकिंग काउंटरों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। उन्हें स्कैन कर ग्राहक यूपीआई के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। इस पहल से उत्तर प्रदेश के ढाई हजार से ज्यादा डाकघरों के ग्राहक लाभान्वित होंगे। इसके अलावा रेलवे डाक सेवा में स्थित काउंटर्स पर भी क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जहां देर रात तक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध रहती है। हालांकि नगद रकम देकर भी बुकिंग का काम पूर्व की ही भांति होता रहेगा।

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और समय की भी बचत होगी।
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि इससे डिजिटल अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और समय की भी बचत होगी।

वाराणसी परिक्षेत्र के सभी डाकघरों में सुविधा

पोस्टमार्टम जनरल ने बताया कि वाराणसी परिक्षेत्र के सभी 6 प्रधान डाकघरों और 268 उप डाकघरों में डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था के लिए क्यूआर कोड से यूपीआई आधारित ऑनलाइन भुगतान की सुविधा ग्राहकों के लिए उपलब्ध करा दी गई है। इसमें वाराणसी पूर्वी मंडल के 58, वाराणसी पश्चिमी मंडल के 60, जौनपुर के 54, गाजीपुर के 54 और बलिया के 48 डाकघर शामिल हैं।

कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाकघरों में स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री पत्र, रजिस्टर्ड पार्सल, रजिस्टर्ड फॉरेन पत्र, अन्य रजिस्टर्ड आर्टिकल्स, इंटरनेशनल एयर पार्सल, एरोग्राम इंटरनेशनल, फ्रैंकिंग मशीन रिचार्ज, बिजनेस पोस्ट, बिल मेल सेवा, विभागीय परीक्षा शुल्क इत्यदि के चार्ज का भुगतान अब कैश के अलावा डिजिटल पेमेंट के माध्यम से भी हो सकेगा। पत्र/पार्सलों की बुकिंग के दौरान काउंटर क्लर्क द्वारा पॉइंट ऑफ सेल पर पत्र के प्रेषक व प्राप्तकर्ता की सभी जानकारियों को दर्ज करने के उपरांत ग्राहक को रकम बताई जाएगी। फिर उन्हें क्यूआर कार्ड को स्कैन कर भुगतान की प्रक्रिया संपन्न करने को कहा जाएगा।

सभी के समय की बचत होगी

क्यूआर कोड को स्कैन कर किसी भी यूपीआई पेमेंट मोबाइल एप्लीकेशन जैसे डाक-पे, गूगल-पे, फोन-पे, पेटीएम, अमेजन-पे आदि के द्वारा भुगतान किया जा सकेगा। भुगतान की प्रक्रिया ग्राहक द्वारा पूर्ण करने पर सॉफ्टवेयर सेंट्रल सर्वर से भुगतान संपन्न होने की जानकारी लेगा और ग्राहक की रसीद प्रिंट हो जाएगी।

पोस्टमास्टर जनरल ने कहा कि डाकघरों में इस सेवा के शुरू होने से ग्राहकों की सुविधाओं में इजाफा होने के साथ-साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। इससे डाकघरों में आए हुए ग्राहकों को फुटकर पैसों की समस्या से राहत मिल जाएगी। साथ ही काउंटर पर बैठे डाक सहायक को भी नगद लेन-देन से छुटकारा प्राप्त हो जाएगा और समय की भी बचत होगी।

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