वाराणसी में ओपी राजभर ने भाजपा पर साधा निशाना:बोले- BJP के सम्मेलन में प्रबुद्ध नहीं अबुद्ध लोग आ रहे, पैसे-लंच पैकेट और गाड़ी देकर बुलाया जा रहा; बसपा की कर रहे नकल

वाराणसीएक महीने पहले
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सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की बुद्धि खत्म हो गई है, अब वह नकल कर रही है। - Dainik Bhaskar
सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की बुद्धि खत्म हो गई है, अब वह नकल कर रही है।

सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को वाराणसी में भाजपा के प्रबुद्ध सम्मेलन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं आज बनारस में हूं। बनारस के कोने-कोने से खबर आ रही है। सम्मेलन में प्रबुद्ध नहीं अबुद्ध लोग आ रहे हैं। लोगों को 500 रुपए, लंच पैकेट और सम्मलेन में आने के लिए गाड़ी दी जा रही है। 100 असली और 900 नकली आ रहे हैं। यही भाजपा का प्रबुद्ध सम्मेलन है।

कुछ नहीं सूझा तो नकल कर रहे हैं

सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की बुद्धि खत्म हो गई है, अब वह नकल कर रही है। सभी ने देखा है कि बहुजन समाज पार्टी महीने भर से ज्यादा समय से प्रबुद्ध सम्मलेन कर रही है। इसे लेकर भाजपा को जब कुछ समझ नहीं आया तो उन्होंने भी प्रबुद्ध सम्मेलन शुरू कर दिया।

इससे साफ जाहिर हो रहा है कि भाजपा की बुद्धि खत्म हो गई है। यह लोग जो झूठ और 420 बोलते थे, उसे जनता अब समझ गई है। इस वजह से वह दूसरे की नकल मार कर खुद की अक्ल बता रहे हैं।

भाजपा नेताओं को सांड़ खूब पीट रहे

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सोशल मीडिया में हमने देखा कि भाजपा के एक नेता को एक सांड़ गजब का मार रहा है। योगी राज में सांड़ की बाढ़ आ गई है। सांड़ की बाढ़ आ गई है तो वह लड़ेंगे ही। इसीलिए सांड़ भाजपा नेताओं को खूब पीट रहे हैं। मतलब कि आदमी तो आदमी भाजपा सरकार से मवेशी भी नाराज हैं।

उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह से फेल है। यह सरकार दवाई का नहीं वोट का इंतजाम करती है। आप सबने देखा होगा कि उत्तर प्रदेश में जब जनता कोरोना से मर रही थी तो मोदी और योगी बंगाल में वोट मांग रहे थे। इसीलिए भाजपा के विधायकों को जनता जगह-जगह दौड़ा ले रही है।

यह हिंदू-मुसलमान की राजनीति करने वाले लोग हैं

सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में उन्हें गले लगाने का प्रयास करती है। एक तरफ तुष्टीकरण की राजनीति करती है। यह विशुद्ध हिंदू-मुस्लिम की राजनीति करने वाले लोग हैं। नाम बदलने की बात करते हैं।

मुगलसराय का नाम भले ही बदला गया है, लेकिन लोग आज भी उसे उसी नाम से जानते हैं। फैजाबाद को भी लोग पुराने नाम से ही जानते हैं। अगर नाम बदलने से जनता का कल्याण हो तो सबका नाम अंबानी और अडाणी रख देना चाहिए।

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