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खेल के विवाद में गई जान:वाराणसी में मैदान में क्रिकेट और वालीबॉल खेलने को लेकर मारपीट में एक की मौत, 6 घायल; 2 दिन पहले हुई थी कहासुनी

वाराणसी2 महीने पहले
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मृतक और घायल युवक। - Dainik Bhaskar
मृतक और घायल युवक।

वाराणसी के महेशपुर स्थित मैदान में क्रिकेट और वालीबॉल खेलने को लेकर हुई कहासुनी में शुक्रवार शाम लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चल गए। इसमें कुछ लोगों ने एक युवक की हत्या कर दी गई। इस दौरान दोनों पक्ष के 6 लोग घायल हो गए। घायलों में 2 लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। घटना की सूचना पाकर मंडुवाडीह थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस तीन युवकों को हिरासत में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है।

मंडुवाडीह थाना अंतर्गत महेशपुर निवासी टीकाराम शर्मा का इकलौता बेटा आकाश शर्मा उर्फ बाबू (22) शाम के समय घर से थोड़ी दूर मोहल्ले में क्रिकेट खेलने गया था। जिस मैदान में आकाश क्रिकेट खेलता था उसी मैदान में युवकों का दूसरा गुट वालीबॉल खेलता था। इसे लेकर दोनों पक्ष के युवकों में अक्सर विवाद होता था। एक पक्ष का कहना था कि यहां सिर्फ क्रिकेट खेला जाएगा और दूसरा पक्ष कहता था कि इस मैदान में सिर्फ वालीबॉल खेला जाएगा। इसे लेकर दो दिन पहले दोनों पक्ष के बीच जमकर कहासुनी हुई थी, लेकिन फिर मामला शांत हो गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार की शाम आकाश क्रिकेट खेलने आया तो पहले से इकट्ठा वालीबॉल खेलने वाले युवकों ने मारपीट शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों गुट के युवक गुत्थमगुत्था हो गए। घायलों को आसपास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कहीं उपचार नहीं हुआ। आखिरकार आकाश को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायलों में फूलचंद पटेल और रवि पटेल की हालत गंभीर बताई गई है।

पत्नी और बेटी की पहले ही हो चुकी है मौत, इकलौता बेटा भी नहीं रहा

नेपाल के मूल निवासी टीकाराम शर्मा महेशपुर में एक अरसे से रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि टीकाराम की बेटी और पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। उनका सहारा एकमात्र बेटा आकाश था। अब वह किसके सहारे बुढ़ापा काटेंगे, यह एक बड़ा सवाल है। इसके साथ ही लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। लोगों ने कहा कि एक हफ्ते में यह दूसरी घटना है जब मामूली विवाद में मारपीट कर हत्या कर दी गई।

इससे पहले मंडुवाडीह थाने के कंदवा में रास्ते के विवाद में मारपीट कर एक शिक्षिका की हत्या कर दी गई थी। पुलिस को मारपीट की सूचना दी गई थी। यदि पुलिस समय रहते घटनास्थल पर पहुंच जाती तो शायद आकाश की जान नहीं जाती।