इलाज की सुविधा बढ़ी:वाराणसी के पंडित राजन मिश्र कोविड हॉस्पिटल में 250 नए बेड पर भी ऑक्सीजीन की सुविधा, अब इलाज के लिए 500 बेड उपलब्ध

वाराणसी5 महीने पहले
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पंडित राजन मिश्र अस्थायी कोविड 250 बेड का नया ब्लाक भी खोल दिया गया है। - Dainik Bhaskar
पंडित राजन मिश्र अस्थायी कोविड 250 बेड का नया ब्लाक भी खोल दिया गया है।

वाराणसी में BHU परिसर में DRDO द्वारा बनाए गए पंडित राजन मिश्र अस्थायी कोविड हॉस्पिटल से अच्छी खबर है। मंगलवार से यहां ऑक्सीजन की सुविधा युक्त 250 बेड का ब्लाक भी खोल दिया गया। इससे पहले 10 मई से 17 मई तक इस हॉस्पिटल में सिर्फ ICU के 250 बेड पर ही मरीज भर्ती किए जा रहे थे। इस तरह से अब इस हॉस्पिटल में 500 मरीज भर्ती हो सकेंगे।

ऑक्सीजन की सुविधा युक्त बेड पर मरीजों को भर्ती करने से पहले वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने हॉस्पिटल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अस्थायी हॉस्पिटल की इस सेवा की शुरुआत से जिले के साथ ही आसपास के अन्य कोविड अस्पतालों का बोझ कम होगा।
सोमवार को ICU में भर्ती 18 मरीज स्वस्थ होकर घर गए
मंडलायुक्त ने बताया कि हमारे पास जो आंकड़ा है, उसके अनुसार अस्थायी अस्पताल की ICU में भर्ती 18 मरीज स्वस्थ होकर 17 मई को घर गए हैं। अस्थायी अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में परिजनों को अपडेट देने की भी व्यवस्था कर दी गई है। अब परिजन समय-समय पर अपने मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी ले सकते हैं।

हॉस्पिटल में 250 बेड आईसीयू के और 500 बेड ऑक्सीजन की सुविधायुक्त

मरीजों के परिजनों के लिए हॉस्पिटल परिसर में बैठने की भी व्यवस्था की गई है। फिलहाल हॉस्पिटल में वाराणसी के अलावा आसपास के अन्य नौ जिलों और बिहार से भी मरीज आ रहे हैं। मंडलायुक्त ने बताया कि अस्थायी हॉस्पिटल में 250 बेड आईसीयू के और 500 बेड ऑक्सीजन की सुविधायुक्त हैं। अब जो शेष 250 बेड ऑक्सीजन सुविधा वाले रह गए हैं, उन पर भी जल्द ही मरीजों को भर्ती किया जाना शुरू कराया जाएगा।
लेकिन नहीं कम हो रहा मौतों का आंकड़ा, BHU के प्रोफेसर ने भी उठाए सवाल
अस्थायी कोविड हॉस्पिटल में उपचार की अत्याधुनिक सुविधाओं के बीच भी मौतों का आंकड़ा कम नहीं हो रहा है। इसे लेकर BHU के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर ओम शंकर ने सोशल मीडिया में लिखा है कि सात दिन में 320 मरीज भर्ती हुए और उनमें 130 की मौत हो गई।

मौतों की वजह की जांच के साथ ही व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। उधर, अस्थायी अस्पताल के अफसरों का कहना है कि यह एक रेफरल हॉस्पिटल है। यहां लोग गंभीर स्थिति में आते हैं। जो भी रेफरल अस्पताल होते हैं, वहां मौतों की दर ज्यादा ही रहती है।

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