मंडल के 1200 पंचायतों को जल्द मिनी सचिवालय का रूप:पंचायती राज मंत्री ने वाराणसी विकास की समीक्षा की, कहा 1 करोड़ 15 लाख का खर्च से भरे जाएंगे 11 किलोमीटर की सड़क के गड्ढे

वाराणसीएक वर्ष पहले
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वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में आज उत्तर प्रदेश पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने विभागीय कार्यों की मंडलीय समीक्षा की। - Dainik Bhaskar
वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में आज उत्तर प्रदेश पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने विभागीय कार्यों की मंडलीय समीक्षा की।

वाराणसी में सर्किट हाउस सभागार में आज उत्तर प्रदेश पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि गांव के पंचायत भवनों को जल्द सचिवालय का शक्ल दें। गांव वालों को खसरा-खतौनी और जमीन का नक्शा लेने ब्लॉक या शहर के चक्कर न लगाना पड़े। शनिवार को विभागीय कार्यों की मंडलीय समीक्षा करने पंचायती राज मंत्री वाराणसी आए। उन्होंने कहा कि इस साल पूरे वाराणसी जोन में 2070 पंचायत भवन को मिनी सचिवालय बनाने का लक्ष्य है, जिसमें 1200 से अधिक बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं सेवापुरी में तो कई पंचायत सचिवालय की तरह से काम भी करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने इस जोन को 535 करोड़ 90 लाख रुपए दिए, जिसमें से 180 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। मंत्री चौधरी ने कहा कि सड़कों को गड्ढों से मुक्त कराने के लिए वाराणसी जोन की 14 सड़कें चिन्हित की गईं हैं। इनमें 10.80 किलोमीटर के क्षेत्र में गड्ढें भरे जाने हैं। इसके लिए कुल 114.35 लाख रुपये का खर्च आएगा।

विकास कार्य में क्वालिटी के साथ ट्रासपेरेंसी भी हो

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्य में क्वालिटी के साथ ट्रांसपेरेंसी भी हो। गांव वालों को बताया जाए कि किस काम पर कितना पैसा खर्च हुआ। मंत्री ने कहा कि वाराणसी के गांवों में 4000 सामुदायिक शौचालय बन चुके हैं। वहीं जिनके निर्माण अभी तक पूरे नहीं हुए हैं वे 25 अक्टूबर तक कर लें। नहीं तो उसके बाद कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि सामुदायिक शौचालयों का मैनेजमेंट और देखरेख वहां की महिला स्वयं सहायता समूह को दी गई, जिन्हें इसके एवज में हर माह 6000 रुपये भी दिए जा रहे हैं। मंडल में अब तक महिला स्वयं सहायता समूह को 9 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

पंचायत पुरस्कार योजना का प्रस्ताव 1 सप्ताह में लखनऊ भिजवाएं

मंत्री ने बताया कि गांवों में ही अंतिम संस्कार के लिए व्यवस्था बनाई जाए। वहीं, मुख्यमंत्री पंचायत पुरस्कार योजना के प्रस्ताव को 1 सप्ताह में लखनऊ मुख्यालय को भिजवाएं। मंत्री ने मंडल के समस्त विकास खंडों के बैठक में मौजूद एडीओ पंचायत से उनके विकास खंड की हर योजना के प्रोग्रेस की जानकारी ली और आगाह किया कि समय से काम पूरा करें। अन्यथा जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही होगी। व्यापारिक एक्विटिज को प्रमोट कर गांव को आर्थिक मजबूती के साथ आत्मनिर्भर भी बनाना है। इस दौरान बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, उपनिदेशक पंचायत एके सिंह और मंडल के सभी समस्त जिलों के जिला पंचायत राज अधिकारी व सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) मौजूद थे।

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