9 फोटो में देखें श्रीकाशी विश्वनाथ धाम:PM मोदी 13 दिसंबर को करेंगे लोकार्पण, 1 माह तक काशी में रहेगा उत्सव का माहौल

वाराणसी10 महीने पहले
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श्रीकाशी विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर की भव्यता अब देखते ही बनती है। दर्शन-पूजन करने आने वाले श्रद्धालु कहते हैं कि उन्हें एहसास ही नहीं होता कि यह वही पुराना मंदिर है जहां पैर रखने की भी जगह नहीं हुआ करती थी। - Dainik Bhaskar
श्रीकाशी विश्वनाथ के प्राचीन मंदिर की भव्यता अब देखते ही बनती है। दर्शन-पूजन करने आने वाले श्रद्धालु कहते हैं कि उन्हें एहसास ही नहीं होता कि यह वही पुराना मंदिर है जहां पैर रखने की भी जगह नहीं हुआ करती थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 13 दिसंबर को वाराणसी में अपने ड्रीम प्रोजेक्ट श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करेंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का काम लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो गया है। अफसरों का दावा है कि 7 दिसंबर तक धाम का एक-एक काम पूरा हो जाएगा। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के मद्देनजर 12, 13 और 14 दिसंबर को काशी को सजाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यजमान के तौर पर पूजा संपन्न कर लेंगे तो 14, 15 और 16 दिसंबर को काशी में घर-घर बाबा विश्वनाथ का विशेष प्रसाद वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि विश्वनाथ धाम के लोकार्पण का लाइव प्रसारण देश और दुनिया के लोग देख सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने काशीवासियों से अपील की है कि धाम के लोकार्पण के दिन अपने घरों में एक-एक दीया जरूर जलाएं।

तस्वीरों में देखें श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का काम...।

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम अब अपने भव्य स्वरूप में दिखाई देने लगा है। धाम में वियतनाम मार्बल, मिर्जापुर सैंड स्टोन, मिर्जापुर सॉलिड स्टोन, बालेश्वर सैंड स्टोन और ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया गया है।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम अब अपने भव्य स्वरूप में दिखाई देने लगा है। धाम में वियतनाम मार्बल, मिर्जापुर सैंड स्टोन, मिर्जापुर सॉलिड स्टोन, बालेश्वर सैंड स्टोन और ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया गया है।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को किया था। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के कारण धाम का काम बाधित हुआ। लेकिन, माहौल सामान्य होने पर तेजी से काम शुरू हुआ और अब आगामी 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को किया था। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के कारण धाम का काम बाधित हुआ। लेकिन, माहौल सामान्य होने पर तेजी से काम शुरू हुआ और अब आगामी 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के चारों प्रवेश द्वार चुनार के पत्थरों से बनाए गए हैं। इन प्रवेश द्वारों को जो भी देखता है वह अपलक निहारता ही रह जाता है। द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक बाबा विश्वनाथ के धाम को मूर्त रूप देने में लगभग 814 करोड़ रुपए की लागत आई है।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के चारों प्रवेश द्वार चुनार के पत्थरों से बनाए गए हैं। इन प्रवेश द्वारों को जो भी देखता है वह अपलक निहारता ही रह जाता है। द्वादश ज्योतिर्लिंग में से एक बाबा विश्वनाथ के धाम को मूर्त रूप देने में लगभग 814 करोड़ रुपए की लागत आई है।
बाबा विश्वनाथ का दरबार अब मोक्षदायिनी गंगा से सीधे जुड़ गया है। अब भक्त गंगा स्नान कर सीधे बाबा दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे। 5,27,730 वर्ग फीट क्षेत्रफल जमीन में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम बनाया गया है।
बाबा विश्वनाथ का दरबार अब मोक्षदायिनी गंगा से सीधे जुड़ गया है। अब भक्त गंगा स्नान कर सीधे बाबा दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे। 5,27,730 वर्ग फीट क्षेत्रफल जमीन में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम बनाया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार लगभग 352 वर्ष बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ के धाम का पुनरोद्धार कराया है। बाबा विश्वनाथ के धाम के लोकार्पण की तिथि से लेकर 14 जनवरी 2022 तक काशी में उत्सव का माहौल रहेगा और विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार लगभग 352 वर्ष बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा विश्वनाथ के धाम का पुनरोद्धार कराया है। बाबा विश्वनाथ के धाम के लोकार्पण की तिथि से लेकर 14 जनवरी 2022 तक काशी में उत्सव का माहौल रहेगा और विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में इंपोरियम, बनारस गैलरी, सिटी म्यूजियम और तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र बनाए गए हैं। धाम में मंदिर का इतिहास और काशी से जुड़ी अहम जानकारियां तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में इंपोरियम, बनारस गैलरी, सिटी म्यूजियम और तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र बनाए गए हैं। धाम में मंदिर का इतिहास और काशी से जुड़ी अहम जानकारियां तीर्थयात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र में जो भी मंदिर मिले उन्हें नए सिरे से संरक्षित किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर की दीवारों से एनामेल पेंट हटाकर उसकी दीवारों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का काम इन दिनों किया जा रहा है। इसके साथ ही मंदिर के स्वर्ण शिखरों की सफाई कर उन्हें भी चमकाया जाएगा।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र में जो भी मंदिर मिले उन्हें नए सिरे से संरक्षित किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर की दीवारों से एनामेल पेंट हटाकर उसकी दीवारों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का काम इन दिनों किया जा रहा है। इसके साथ ही मंदिर के स्वर्ण शिखरों की सफाई कर उन्हें भी चमकाया जाएगा।
आखिरी बार मराठा साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2020 में वाराणसी में कहा था कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ऐसा लग रहा है कि 18वीं सदी के बाद बाबा विश्वनाथ ने उन्हें काशी के विकास की जिम्मेदारी सौंपी है।
आखिरी बार मराठा साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2020 में वाराणसी में कहा था कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ऐसा लग रहा है कि 18वीं सदी के बाद बाबा विश्वनाथ ने उन्हें काशी के विकास की जिम्मेदारी सौंपी है।
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