सोने सी दमकी काशी, देखिए खास तस्वीरें:54 हजार वर्ग मीटर में बना है विश्वनाथ धाम, 13 को पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

वाराणसी8 महीने पहले

वाराणसी स्थित श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकार्पण करेंगे। उससे पहले आज विश्वनाथ धाम प्रोजेक्ट के पहले चरण का काम पूरा हो जाएगा। आज शाम से साफ-सफाई शुरू करा कर 12 दिसंबर की सुबह कार्यदायी संस्था पीएसपी की ओर से बाबा धाम प्रशासन को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इससे पहले गुरुवार की रात बाबा धाम की भव्यता अंबर से नीलांबर लाइटिंग थीम में देखते ही बन रही थी।

तस्वीरों में देखें विश्वनाथ धाम की भव्यता...

54 हजार वर्ग मीटर जमीन में बनाए गए काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता इन दिनों काशी की गलियों से लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। 13 दिसंबर को धाम के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां धर्माचार्यों, आध्यात्मिक गुरुओं और संत-महात्माओं के साथ चर्चा करेंगे।
54 हजार वर्ग मीटर जमीन में बनाए गए काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता इन दिनों काशी की गलियों से लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। 13 दिसंबर को धाम के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां धर्माचार्यों, आध्यात्मिक गुरुओं और संत-महात्माओं के साथ चर्चा करेंगे।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के परिक्रमा पथ में विग्रहों को गंगा स्नान करा कर विधि-विधान से उनकी प्राण प्रतिष्ठा का काम भी जारी है। गुरुवार तक 22 विग्रह पुन: स्थापित किए जा चुके थे और श्रद्धालु उनका दर्शन-पूजन भी कर रहे हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के परिक्रमा पथ में विग्रहों को गंगा स्नान करा कर विधि-विधान से उनकी प्राण प्रतिष्ठा का काम भी जारी है। गुरुवार तक 22 विग्रह पुन: स्थापित किए जा चुके थे और श्रद्धालु उनका दर्शन-पूजन भी कर रहे हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद वाराणसी में देश के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। इसके साथ ही यहां महापौरों व जिला पंचायत अध्यक्षों के सम्मेलन के अलावा प्रदेश कैबिनेट की बैठक भी होगी।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद वाराणसी में देश के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। इसके साथ ही यहां महापौरों व जिला पंचायत अध्यक्षों के सम्मेलन के अलावा प्रदेश कैबिनेट की बैठक भी होगी।
बाबा धाम अब मोक्षदायिनी गंगा से सीधे जुड़ गया है। शिवभक्त गंगा स्नान करने के बाद सीधे बाबा दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे। इसके साथ ही मंदिर चौक क्षेत्र में सुकून के साथ कुछ समय भी गुजार सकेंगे। बाबा धाम में बनाए गए म्यूजियम में लोग काशी के अतीत और विश्वनाथ धाम के निर्माण कार्य के पीछे की कहानी से भी रूबरू हो सकेंगे।
बाबा धाम अब मोक्षदायिनी गंगा से सीधे जुड़ गया है। शिवभक्त गंगा स्नान करने के बाद सीधे बाबा दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे। इसके साथ ही मंदिर चौक क्षेत्र में सुकून के साथ कुछ समय भी गुजार सकेंगे। बाबा धाम में बनाए गए म्यूजियम में लोग काशी के अतीत और विश्वनाथ धाम के निर्माण कार्य के पीछे की कहानी से भी रूबरू हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाबा धाम के लोकार्पण के बाद काशी आध्यात्मिक पर्यटन का एक नया केंद्र होगी। इसी के मद्देनजर यहां टूर ऑपरेटर्स, फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों, ब्लॉगरों, यात्रा वृत्तांत लिखने वाले लेखकों और धर्म, कला व संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े लोगों के अलग-अलग सम्मेलन भी आयोजित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बाबा धाम के लोकार्पण के बाद काशी आध्यात्मिक पर्यटन का एक नया केंद्र होगी। इसी के मद्देनजर यहां टूर ऑपरेटर्स, फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों, ब्लॉगरों, यात्रा वृत्तांत लिखने वाले लेखकों और धर्म, कला व संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े लोगों के अलग-अलग सम्मेलन भी आयोजित किए गए हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में मुमुक्षु भवन भी बनाया गया है। काशी में मोक्ष की कामना से आने वाले इस मुमुक्षु भवन में रह सकेंगे। गौरतलब है कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को किया था। 2 साल 9 माह बाद अब 13 दिसंबर 2021 को वह बाबा धाम का लोकार्पण करेंगे।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में मुमुक्षु भवन भी बनाया गया है। काशी में मोक्ष की कामना से आने वाले इस मुमुक्षु भवन में रह सकेंगे। गौरतलब है कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को किया था। 2 साल 9 माह बाद अब 13 दिसंबर 2021 को वह बाबा धाम का लोकार्पण करेंगे।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से पहले मंदिर के दोनों स्वर्ण शिखरों की सफाई कराई गई है। दोनों स्वर्ण शिखर फसाड लाइट की रोशनी में दमक रहे हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से पहले मंदिर के दोनों स्वर्ण शिखरों की सफाई कराई गई है। दोनों स्वर्ण शिखर फसाड लाइट की रोशनी में दमक रहे हैं।