छापे में चोरी की गाड़ियां कटने का खुलासा:वाराणसी के चौकाघाट कबाड़ मंडी में पुलिस की रेड, 21 वाहनों को लेकर मिली हेराफेरी; 6 पर केस

वाराणसी9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
चौकाघाट कबाड़ मंडी में पुलिस की मिलीभगत से चोरी के वाहन भी धड़ल्ले से कटते हैं। - Dainik Bhaskar
चौकाघाट कबाड़ मंडी में पुलिस की मिलीभगत से चोरी के वाहन भी धड़ल्ले से कटते हैं।

वाराणसी के चौकाघाट कबाड़ मंडी स्थित एक कबाड़ी की दुकान में एसीपी चेतगंज ने छापा मारा तो चोरी की गाड़ियां काटने का खुलासा हुआ। छापे में यह सामने आया कि 11 ऐसी गाड़ियां थीं जो ट्रक के नाम पर काटी गई। लेकिन, उन सभी का रजिस्ट्रेशन बाइक या ऑटो या किसी अन्य वाहन के नाम पर था।

इसके अलावा 10 ऐसे भी वाहन मिले जिनका कोई रिकॉर्ड दुकानदार के पास से नहीं मिला। सभी 21 वाहन चोरी के होने की आशंका जताते हुए जैतपुरा थाने में 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

अनिरुद्ध कुमार, एसीपी चेतगंज।
अनिरुद्ध कुमार, एसीपी चेतगंज।

शिकायतों के आधार पर मारा गया छापा

एसीपी चेतगंज अनिरुद्ध कुमार ने रविवार को बताया कि शिकायत मिल रही थी कि जैतपुरा थाना अंतर्गत चौकाघाट कबाड़ मंडी में चोरी की गाड़ियां काटी जाती हैं। शिकायतों के आधार पर मंडी स्थित यूसुफ की दुकान में शनिवार की रात छापा मार कर रजिस्टर और वाहनों को चेक किया गया। छापे में मिली तमाम अनियमितताओं को देखते हुए चौकाघाट चौकी प्रभारी को कहा गया कि वह तहरीर देकर दुकानदार के खिलाफ जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराएं।

चौकी प्रभारी चौकाघाट अश्वनी कुमार राय की तहरीर के आधार पर लक्ष्मी सिंह, बिहारी चाचा, संजय यादव, विक्रम कन्हैया लाल, लकी सरदार और अशोक सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। चौकाघाट क्षेत्र की कबाड़ की जो अन्य दुकानें हैं, वहां भी इसी तरह से औचक निरीक्षण किया जाएगा।

चौकाघाट कबाड़ मंडी की एक दुकान में पुलिस ने छापा मारा तो वाहनों के पार्ट्स इस तरह से रखे हुए थे।
चौकाघाट कबाड़ मंडी की एक दुकान में पुलिस ने छापा मारा तो वाहनों के पार्ट्स इस तरह से रखे हुए थे।

पुलिस की मिलीभगत से कटती हैं गाड़ियां

चौकाघाट कबाड़ मंडी में एसीपी चेतगंज ने हफ्तेभर पहले भी छापा मारा था। उस दौरान कागजात नहीं दिखाने पर पुलिस ने कट रही गाड़ियों के पार्ट्स जब्त कर 2 गोदाम सील कर दिए थे। उधर, चौकाघाट के स्थानीय लोगों ने बताया कि कबाड़ मंडी में चोरी की गाड़ियां स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से ही कटती हैं।

पुलिस को पता रहता है कि कबाड़ मंडी में कटने के लिए कौन सा वाहन चोरी का आया है और कौन सा सही है। कबाड़ियों से पैसे लेकर पुलिस जानबूझकर आंख मूदे रहती है। जब कभी अफसरों का ध्यान चौकाघाट कबाड़ मंडी की ओर जाता है तो कुछ दिन के लिए काम चोरी-छुपे होता है और फिर सब जैसे का तैसा चलने लगता है।