• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Varanasi
  • Police Will Collect Evidence After Interrogating Ashish, Accused Of Tikunia Case, The Road Ahead Will Be Difficult; Chargesheet Will Be Filed Soon

SIT को चाहिए 54 मिनट का हिसाब:लखीमपुर हिंसा के आरोपी आशीष से पूछताछ कर जुटाएगी साक्ष्य, आगे की राह मुश्किल; जल्द दाखिल होगी चार्जशीट

लखनऊ2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
आशीष मिश्रा को लेते जाती पुलिस टीम। फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
आशीष मिश्रा को लेते जाती पुलिस टीम। फाइल फोटो

केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का बेटा और लखीमपुर हिंसा का मुख्य आरोपी आशीष मिश्र 'मोनू' 3 दिन की पुलिस रिमांड पर है। पुलिस का कहना है कि आशीष से पूछताछ कर हिंसा के बारे में पुख्ता साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। पुलिस पूछताछ में आशीष हिंसा के दिन के 54 मिनट का जवाब नहीं दे पाया है। उस 54 मिनट के दौरान वह कहां था, इसके बारे में पता लगाया जाएगा।

सुनियोजित साजिश थी या अचानक हुई घटना
तिकुनिया कांड सुनियोजित साजिश थी या अचानक हुई घटना थी, इसकी तह तक जाने का प्रयास किया जाएगा। इन सबके अलावा आशीष के कुछ मोबाइल नंबर का पता अब तक नहीं चल पाया है, पूछताछ कर आशीष की निशानदेही पर उन्हें भी बरामद किया जाएगा। पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान आशीष से थोड़ी दूरी पर उसके अधिवक्ता भी मौजूद रहेंगे।

2:36 बजे से 3:30 बजे तक कहां था मोनू
नेपाल की सीमा से सटे तिकुनिया गांव में 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के करीब, 3 वाहनों ने 4 किसानों और एक स्थानीय पत्रकार को रौंद दिया था। इसके बाद जमकर उपद्रव हुआ था। हिंसा में 4 किसान और 1 पत्रकार सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस हिंसा के नामजद आरोपी आशीष मिश्र को 9 अक्टूबर को 12 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था।

लंबी पूछताछ के बाद भी मोनू SIT को यह नहीं बता पाया कि 3 अक्टूबर की दोपहर 2:36 बजे से 3:30 बजे तक कहां था। कस्टडी रिमांड में अब पुलिस इस 54 मिनट की गुत्थी सुलझाकर यह स्पष्ट करेगी कि जिस थार जीप से किसानों को कुचला गया था उसमें मोनू सवार था।

लखीमपुर हिंसा के मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी का बेटा आशीष मिश्र।
लखीमपुर हिंसा के मुख्य आरोपी और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी का बेटा आशीष मिश्र।

आशीष बरामद कराएगा अपने मोबाइल
पुलिस की पूछताछ के दौरान यह सामने आया था कि आशीष अपने कुछ मोबाइल नंबरों का ब्योरा नहीं दिया था। उनके बारे में चुप्पी साधे हुए था। कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस आशीष के उन मोबाइल नंबरों को भी बरामद करेगी। जरूरत पड़ेगी तो इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की भी मदद ली जाएगी। माना जा रहा है कि वह मोबाइल नंबर भी आशीष पर लगे आरोपों को सही साबित करने में एक अहम कड़ी साबित होंगे।

गौरतलब है कि SIT ने आशीष से 150 से ज्यादा सवाल पूछे थे। पुलिस के अनुसार अधिकतर सवालों को लेकर आशीष टालमटोल ही करता रह गया था और सही जवाब नहीं दे पाया था। उसका टालमटोल करना और सहयोग न करना ही उसकी गिरफ्तारी का आधार बना।

लखीमपुर हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र।
लखीमपुर हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र।

CCTV फुटेज को सही साबित कराएगी पुलिस
तिकुनिया गांव में जहां किसानों को थार जीप से कुचला गया था, उसी के समीप की एक दुकान में लगे CCTV कैमरे का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) पुलिस के कब्जे में हैं। DVR में कैद है कि आशीष जैसा ही कोई व्यक्ति थार जीप में आगे की बाएं तरफ की सीट पर बैठा था। पुलिस उस फुटेज को आशीष को भी दिखाएगी। इसके बाद उस दिन के घटनाक्रम से तारतम्य बैठाते हुए फुटेज को अदालत में सही साबित करने के लिए अन्य सुसंगत साक्ष्य आशीष की मदद से ही एकत्र करेगी।

चुनाव नजदीक है, सरकार नहीं लेगी रिस्क
तिकुनिया कांड और आशीष की पुलिस कस्टडी रिमांड पर एक रिटायर्ड IPS ने दैनिक भास्कर से कहा कि UP विधानसभा चुनाव नजदीक है। इस घटना से BJP सरकार की अब तक प्रदेश और देश में बहुत किरकिरी हुई है। विपक्षी दल इस घटना को लेकर लगातार हमलावर हैं और रोजाना इसे तूल देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ माहौल बना रहे हैं।

इन हालात के बीच प्रदेश सरकार अब चाह कर भी कोई रिस्क नहीं ले सकती है। आप देखते रहें, आशीष मिश्र मोनू के खिलाफ जल्द ही ठोस साक्ष्यों और तथ्यों के साथ पुलिस अदालत में चार्जशीट दाखिल करेगी। इस घटनाक्रम में पुलिस को अब तक वैसे ही पर्याप्त इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिल चुके हैं। घटना से संबंधित अन्य सुसंगत साक्ष्य कस्टडी रिमांड और विवेचना के दौरान पुलिस को मिल जाएंगे।

मोनू, तिकुनिया और 3 का अजीब संयोग
आशीष मिश्र मोनू, तिकुनिया गांव और 3 अंक का अजीब संयोग सामने आया है। हिंसा 3 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के लगभग हुई। 9 अक्टूबर (3x3=9) को आशीष ने सरेंडर किया। आशीष से 12 घंटे (2+1=3) तक पूछताछ हुई। इसके बाद उसे लखीमपुर खीरी की जिला जेल की बैरक संख्या 21 (2+1=3) में दाखिल किया गया। सोमवार को अदालत ने आशीष की 3 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड भी मंजूर की। इसे लेकर तिकुनिया और बनवीरपुर गांव के लोगों में यह चर्चा है कि अपनी करतूतों से तीन के फेर में छोटे महाराज निपट गए।

खबरें और भी हैं...