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पूर्वांचल में BJP का माफिया प्रेम:जौनपुर में माफिया धनंजय की पत्नी और मिर्जापुर में बाहुबली विनीत सिंह के करीबी ने पंचायत चुनाव जीता, दोनों को BJP का समर्थन था; अब विधानसभा चुनाव पर नजर

वाराणसी3 महीने पहले
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मिर्जापुर में बाहुबली पूर्व एमएलसी विनीत सिंह के करीबी राजू कन्नौजिया को भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाकर चुनाव में जीत दिलाई। - Dainik Bhaskar
मिर्जापुर में बाहुबली पूर्व एमएलसी विनीत सिंह के करीबी राजू कन्नौजिया को भाजपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाकर चुनाव में जीत दिलाई।

सत्ता के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नजदीकियां माफियाओं और बहुबली नेताओं से बढ़ती जा रही है। पंचायत चुनाव के दौरान इसके दो बड़े उदाहरण देखने को मिले। पहला केस जौनपुर का है। यहां कई गंभीर मामलों के आरोपी और पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्‌डी को भाजपा और उसकी सहयोगी अपना दल (एस) ने समर्थन देकर जीत दिलाई। धनंजय अभी फरार चल रहे हैं।

वहीं, मिर्जापुर में पूर्व MLC बाहुबली विनीत सिंह के करीबी राजू कनौजिया ने BJP के टिकट पर ही जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ा। राजू कनौजिया चुनाव जीत गए हैं। पंचायत चुनाव में BJP और माफिया के बीच बने इन रिश्तों को अब अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो ये जोड़ी आगे भी एकसाथ दिख सकती है। हां, BJP सीधे तौर पर शायद इन्हें स्वीकार न करे, लेकिन अपनी सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) की बदौलत इन्हें जरूर करीब बनाए रख सकती है।

चुनाव होते रहे, बाहुबली अपनी जड़ें मजबूत करते रहे

पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर 33 से ज्यादा केस दर्ज हैं।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर 33 से ज्यादा केस दर्ज हैं।

पूर्वांचल की राजनीति बाहुबलियों के बगैर अधूरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले गोरखपुर से हरिशंकर तिवारी और वीरेंद्र शाही ने इसकी पटकथा तैयार की थी। इसके बाद मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, आजमगढ़ के यादव बंधु, विजय मिश्रा, विनीत सिंह, धनंजय सिंह, बृजेश सिंह और अतुल राय माफिया से माननीय बने।

बागपत जेल में मारे गए कुख्यात मुन्ना बजरंगी ने भी अपने भाई और पत्नी को माननीय बनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रखी थी। सफलता नहीं मिली। वहीं, हाल ही में लखनऊ में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गिरधारी विश्वकर्मा की भाभी निर्मला विश्वकर्मा वाराणसी के चोलापुर वार्ड से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कर क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुई।

अनुप्रिया के सहयोग से धनंजय जाएंगे विधानसभा
आजमगढ़ के पूर्व ब्लॉक प्रमुख अजीत सिंह की हत्या में वांछित चल रहे पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्‌डी को अपना दल (एस) ने चुनाव में जीत दिलाकर सभी को चौंका दिया है। इसके साथ ही जौनपुर जिले में एक नया राजनीतिक समीकरण भी तैयार हुआ है। जौनपुर के मल्हनी विधानसभा के लिए साल 2020 में हुए उपचुनाव में धनंजय दूसरे स्थान पर थे। ऐसे में माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में धनंजय इस बार अपना दल (एस) से किस्मत आजमाएंगे। हालांकि अभी अपना दल (एस) के नेता इस पर खुल कर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि कौन सी सीट पार्टी के हिस्से में आएगी, यह तो भाजपा के साथ सीटों के बंटवारे के दौरान तय होगा।

पूर्व MLC विनीत सिंह पर भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पूर्व MLC विनीत सिंह पर भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

अंबिका चौधरी का बढ़ा कद, आजमगढ़ ने बचाई इज्जत
2017 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा छोड़ कर बसपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी पूर्वांचल की राजनीति में अलग-थलग पड़ गए थे। हालांकि, जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले उन्होंने बसपा से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही अपने बेटे आनंद चौधरी को सपा से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा कर उन्होंने बलिया सहित आसपास के अन्य जिलों में अपना राजनीतिक कद बढ़ा लिया है।

इसके साथ ही पूर्वांचल में सपा का गढ़ कहलाने वाले आजमगढ़ में विजय यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीत कर यह संदेश दिया है कि अखिलेश यादव की पार्टी के प्रत्याशी को यहां पर अभी भी चुनाव में हराने वाला कोई नहीं हैं।

धनंजय पर 33 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं
जौनपुर जिले के बनसफा गांव में जन्में धनंजय सिंह ने लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति के दौरान जरायम जगत में कदम रखा। अक्टूबर 1998 में पुलिस ने दावा किया था कि भदोही-मिर्जापुर रोड पर स्थित पेट्रोल पंप में डकैती डालने जा रहे धनंजय सहित 4 बदमाश मुठभेड़ में मारे गए।

फरवरी 1999 में धनंजय अदालत में पेश हुए तो भदोही जिले की फर्जी मुठभेड़ का खुलासा हुआ और 34 पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद 2 बार विधायक और 1 बार सांसद चुने गए धनंजय जरायम जगत से दूरी बना नहीं पाए। मौजूदा समय में लखनऊ में मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में वांछित 25 हजार के इनामी धनंजय सिंह के खिलाफ वाराणसी, जौनपुर सहित अन्य जिलों में 33 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।

विनीत सिंह पर 12 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं
वाराणसी के गोला गांव निवासी श्यामनारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह 2010 में बसपा से एमएलसी चुने गए थे। विनीत सिंह कभी बृजेश सिंह के कट्टर विरोधी माने जाते थे। विनीत सिंह के खिलाफ वाराणसी से लेकर बिहार और झारखंड तक गंभीर आपराधिक आरोपों में डेढ़ दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। विनीत सिंह ने अपनी पत्नी प्रमिला सिंह को मिर्जापुर से 2011 और 2016 में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जितवाया। चंदौली निवासी एक बड़े नेता के कारण फिलहाल विनीत भाजपा का दामन थाम कर चल रहे हैं।

विनीत सिंह ने देखा कि मिर्जापुर में इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित नहीं है तो वह अपने करीबी राजू कन्नौजिया को भाजपा प्रत्याशी बनवा कर जीत दिलाने में सफल रहे। साल 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद विनीत का नाम विवादों में नहीं आया है।

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