ज्ञानवापी प्रकरण में माफिया मुख्तार की फंडिंग की जांच हो:विश्वनाथ मुक्ति आंदोलन के अध्यक्ष का दावा- 2012 में मस्जिद के लिए अंसारी ने दिए थे 10 लाख

वाराणसी3 महीने पहले
सुधीर सिंह, अध्यक्ष, श्रीकाशी विश्वनाथ मुक्ति आंदोलन।

वाराणसी के मां शृंगार गौरी-ज्ञानवापी प्रकरण में अब पूर्व विधायक और माफिया मुख्तार अंसारी की भी एंट्री हो गई है। श्रीकाशी विश्वनाथ मुक्ति आंदोलन के अध्यक्ष व भाजपा के सदस्य सुधीर सिंह ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली संस्था अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की फंडिंग माफिया मुख्तार अंसारी द्वारा की जाती है। हम इसके लिए वाराणसी के मंडलायुक्त से मांग करते हैं कि वह जांच कराएं कि ज्ञानवापी मस्जिद की फंडिंग करने वाले कौन-कौन लोग हैं।

पूर्व विधायक माफिया मुख्तार अंसारी। - फाइल फोटो
पूर्व विधायक माफिया मुख्तार अंसारी। - फाइल फोटो

गाजीपुर से वाराणसी आया था मुख्तार

सुधीर सिंह ने कहा कि 2012 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। उन दिनों वह भी सपा में हुआ करते थे। मुख्तार अंसारी तब गाजीपुर जेल में बंद था और उसे यूरिक एसिड की समस्या हुई थी। इस वजह से वह उपचार के लिए वाराणसी जेल आया था। उपचार के लिए मुख्तार को बीएचयू हॉस्पिटल के स्पेशल वार्ड में भर्ती किया गया था। सपा मुखिया के कहने पर वह भी मुख्तार अंसारी को देखने बीएचयू अस्पताल गए थे।

उस दौरान मुख्तार से मिलने के लिए मौलाना मुफ्ती बातिन साहब आए थे। उन्होंने मुख्तार अंसारी से ज्ञानवापी मस्जिद के रखरखाव और रंगरोगन में आड़े आ रही पैसे की समस्या की बात कही थी। इस पर मुख्तार अंसारी ने अपने पीए शाहिद से कह कर अपने वाहन से 10 लाख रुपए मंगवा कर उन्हें दिए थे।

ये तस्वीर वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर की है। यहां मंदिर और मस्जिद को लेकर विवाद चल रहा है।
ये तस्वीर वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर की है। यहां मंदिर और मस्जिद को लेकर विवाद चल रहा है।

शिवलिंग की पूजा का अधिकार मिले

भाजपा के सदस्य सुधीर सिंह ने कहा कि मुख्तार अंसारी ने मौलाना मुफ्ती बातिन साहब को आश्वस्त किया था कि जब भी ज्ञानवापी मस्जिद से संबंधित कोई समस्या हो तो वह शाहिद को फोन कर लिया करें। मुख्तार अंसारी ने यह भी कहा था कि हर महीने ज्ञानवापी मस्जिद के लिए पैसे मिल जाएगा करेगा, कभी कोई दिक्कत नहीं आएगी। इसीलिए उनकी प्रशासन से मांग है कि अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी को होने वाली फंडिंग की जांच हो। इसके अलावा ज्ञानवापी मस्जिद में जो शिवलिंग मिला है उसकी पूजा-पाठ का अधिकार हम सनातन धर्मियों को मिले। मस्जिद में फव्वारा नहीं है, वह हमारे आराध्य महादेव हैं।

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