खिड़किया घाट की खूबसूरती देखें 9 फोटो में:वाराणसी में पर्यटन का नया केंद्र बन कर तैयार, 13 दिसंबर को PM मोदी कर सकते हैं लोकार्पण

वाराणसी7 महीने पहले
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वाराणसी में टूरिज्म का नया स्पॉट खिड़किया घाट बन कर तैयार हो गया है। माना जा रहा है कि 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर आएंगे तो इसका लोकार्पण कर सकते हैं। - Dainik Bhaskar
वाराणसी में टूरिज्म का नया स्पॉट खिड़किया घाट बन कर तैयार हो गया है। माना जा रहा है कि 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर आएंगे तो इसका लोकार्पण कर सकते हैं।

वाराणसी में अंग्रेजों के जमाने में बने मालवीय पुल के समीप खिड़किया घाट को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत पर्यटन के नए केंद्र के तौर पर विकसित किया गया है। इस घाट पर सीएनजी नावों के लिए फिलिंग स्टेशन, वाहन पार्किंग, वेंडिंग जोन, कैफेटेरिया और सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं। 35.83 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किए गए इस घाट की जल, थल और नभ से कनेक्टिविटी के लिए भी सभी जरूरी संसाधन यहां उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके साथ ही यहां बस, रेल और हवाई टिकट मिलने की सुविधा भी उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को वाराणसी आएंगे तो वह खिड़किया घाट को भी आमजन के लिए लोकार्पित कर सकते हैं।

खिड़किया घाट की खूबसूरती देखें तस्वीरों में...।

खिड़किया घाट पर पर्यटन सुविधाएं विकसित होने से शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। चंदौली और बिहार की ओर से आने वाले लोग यहां अपने वाहन खड़े कर नौकायन करते हुए बाबा विश्वनाथ के दरबार और दशाश्वमेध घाट की जग विख्यात गंगा आरती देखने जा सकेंगे।
खिड़किया घाट पर पर्यटन सुविधाएं विकसित होने से शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। चंदौली और बिहार की ओर से आने वाले लोग यहां अपने वाहन खड़े कर नौकायन करते हुए बाबा विश्वनाथ के दरबार और दशाश्वमेध घाट की जग विख्यात गंगा आरती देखने जा सकेंगे।
खिड़किया घाट पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए दो हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के अनुसार यह काशी का पहला ऐसा घाट होगा जिसकी कनेक्टिविटी जल, थल और नभ तीनों से होगी।
खिड़किया घाट पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए दो हेलीपैड भी बनाए जाएंगे। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के अनुसार यह काशी का पहला ऐसा घाट होगा जिसकी कनेक्टिविटी जल, थल और नभ तीनों से होगी।
खिड़किया घाट पर वॉटर स्पोर्ट्स, लाइब्रेरी, मार्निंग वॉक और व्यायाम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा यहां फूड प्लाजा के साथ ही आरओ प्लांट और हैंडीक्राफ्ट मार्केट भी होगा।
खिड़किया घाट पर वॉटर स्पोर्ट्स, लाइब्रेरी, मार्निंग वॉक और व्यायाम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा यहां फूड प्लाजा के साथ ही आरओ प्लांट और हैंडीक्राफ्ट मार्केट भी होगा।
खिड़किया घाट के मुक्ताकाशीय मंच पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन भी आसानी से किए जा सकेंगे। 11.5 एकड़ जमीन में विकसित कए गए इस घाट पर पर्याप्त जगह है।
खिड़किया घाट के मुक्ताकाशीय मंच पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन भी आसानी से किए जा सकेंगे। 11.5 एकड़ जमीन में विकसित कए गए इस घाट पर पर्याप्त जगह है।
कार्यदायी संस्था के अनुसार गाबियन और रोटेशन वॉल से यह घाट तैयार किया गया है। यह घाट काशी के अन्य पुराने घाटों की तरह ही दिखेगा लेकिन बाढ़ में सुरक्षित रहेगा। घाट के इर्दगिर्द हरियाली की भी पर्याप्त व्यवस्था है और यह पूरी तरह से इको फ्रेंडली होगा।
कार्यदायी संस्था के अनुसार गाबियन और रोटेशन वॉल से यह घाट तैयार किया गया है। यह घाट काशी के अन्य पुराने घाटों की तरह ही दिखेगा लेकिन बाढ़ में सुरक्षित रहेगा। घाट के इर्दगिर्द हरियाली की भी पर्याप्त व्यवस्था है और यह पूरी तरह से इको फ्रेंडली होगा।
खिड़किया घाट पर पर्यटकों के लिए साइनेज बोर्ड भी लगाए गए हैं। इन साइनेज बोर्ड में काशी के महत्वपूर्ण स्थानों, घाटों और पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
खिड़किया घाट पर पर्यटकों के लिए साइनेज बोर्ड भी लगाए गए हैं। इन साइनेज बोर्ड में काशी के महत्वपूर्ण स्थानों, घाटों और पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
खिड़किया घाट का काम पूरा होने के बाद इसे काशी के उत्तरी छोर के सबसे पहले घाट आदिकेशव से जोड़ा जाएगा। खिड़किया घाट पर डेडिकेटेड ई-रिक्शा कॉरिडोर की कनेक्टिविटी भी दी जाएगी।
खिड़किया घाट का काम पूरा होने के बाद इसे काशी के उत्तरी छोर के सबसे पहले घाट आदिकेशव से जोड़ा जाएगा। खिड़किया घाट पर डेडिकेटेड ई-रिक्शा कॉरिडोर की कनेक्टिविटी भी दी जाएगी।
गंगा में चलने वाली सीएनजी नावें खिड़किया घाट में बनाए गए फिलिंग स्टेशन से आसानी से ईंधन ले सकेंगी। इस घाट पर बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों की सहूलियत का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
गंगा में चलने वाली सीएनजी नावें खिड़किया घाट में बनाए गए फिलिंग स्टेशन से आसानी से ईंधन ले सकेंगी। इस घाट पर बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगों की सहूलियत का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
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