वाराणसी बनेगा आत्मनिर्भर:ग्रामीण बेंचेगे गोबर, नगर निगम बनाएगा बायोगैस प्लांट से सीएनजी, बायोगैस कन्वर्जन प्रोजेक्ट के लिए हुआ समझौता

वाराणसी6 महीने पहले
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बायोगैस से बनेगी सीएनजी। - Dainik Bhaskar
बायोगैस से बनेगी सीएनजी।

वाराणसी के शाहंशाहपुर स्थित कान्हा उपवन गौशाला परिसर में बायोगैस प्लांट बनाया जाएगा। इस बायोगैस प्लांट से सीएनजी का उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए इलाके के गांवों के लोगों से गोबर खरीदा जाएगा। इस संबंध में गुरुवार की शाम वाराणसी के मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल और नगर आयुक्त की मौजूदगी में नगर निगम, पशुपालन विभाग और भारत बायोगैस एनर्जी लिमिटेड के बीच वाराणसी बायोगैस कन्वर्जन प्रोजेक्ट के लिए समझौता किया गया।

स्मार्ट सिटी कंपनी संभालेगी प्रबंधन, प्राइड देगी आर्थिक मदद
मंडलायुक्त ने बताया कि बायोगैस प्लांट के निर्माण में तकनीकी सहायता भारत बायोगैस एनर्जी द्वारा दी जाएगी। वित्तीय सहायता प्राइड नामक संस्था की ओर से दी जाएगी। इस पूरी परियोजना का प्रबंधन वाराणसी स्मार्ट सिटी द्वारा किया जाएगा। बायोगैस प्लांट से सीएनजी उत्पादन के लिए गाय के गोबर, प्रेस मड व नेपियर घास की आवश्यकता होती है। गोबर की आपूर्ति के लिए आसपास के गांवों के लोगों से खरीदा जाएगा।

इस बायोगैस प्लांट से होगा यह फायदा
सीएनजी उत्पादन से कच्चे तेल व गैस आयात पर निर्भरता कम होगी। वहीं किसान वर्ग की आय, ग्रामीण रोजगार व उद्यमिता में वृद्धि भी होगी। इसके अलावा उत्पादन प्रकिया के दौरान बनी जैविक खाद द्वारा कृषि उत्पाद में वृद्धि एवं सिंचाई दर में कमी भी आएगी। साथ ही साथ कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में भी कमी आएगी

ग्रामीणों की अतिरिक्त आय के लिए अच्छी पहल

स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने बताया कि वाराणसी में इस बायोगैस प्लांट का निर्माण पर्यावरण संरक्षण के लिए एक बड़ी पहल है। इसके साथ ही यह कृषि और ग्रामीण इलाके के लोगों की अतिरिक्त आय और उद्यमिता के लिए भी सकारात्मक पहल साबित होगी। अधिकारियों ने कहा कि इस बायोगैस प्लांट के लिए रोजाना कितना गोबर खरीदना होगा और इससे कितनी सीएनजी का उत्पादन होगा, इसके बारे में विस्तार से जल्द ही जानकारी दी जाएगी।

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