ज्योर्तिंलिंग की फोटो लेने वाला सिपाही हटाया गया:श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह की सुरक्षा में था तैनात

वाराणसी2 महीने पहले
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सादे वेश में यूपी पुलिस का सिपाही श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में ज्योर्तिलिंग की फोटो खींच रहा। उसकी ये हरकत गर्भगृह के कैमरे में कैद हो गई। - Dainik Bhaskar
सादे वेश में यूपी पुलिस का सिपाही श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में ज्योर्तिलिंग की फोटो खींच रहा। उसकी ये हरकत गर्भगृह के कैमरे में कैद हो गई।

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के गर्भगृह में तस्वीर खींचते हुए जिस युवक की फोटो गुरुवार देर शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, वो वहीं सुरक्षा ड्यूटी में तैनात था। तस्वीर में सिपाही बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह की तस्वीर लेता हुआ नजर आ रहा था। मामला संज्ञान में आने के बाद मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने उक्त सिपाही को तत्काल प्रभाव से ड्यूटी से हटा दिया। साथ ही जांच के भी आदेश दिए हैं।

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) सुनील वर्मा ने बताया​​​​​​ कि मंदिर के गर्भगृह में ज्योर्तिलिंग की फोटो खींचने वाले की पहचान हो गई है। उसका नाम शशांक शेखर है। वह यूपी पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है। उसे अब गर्भगृह की ड्यूटी से हटा दिया गया है। पता लगाया जाएगा कि उसने फोटो अपने लिए क्लिक की या किसी और के लिए की है।

सुनील वर्मा के मुताबिक गुरुवार देर शाम भोग आरती के ठीक पहले गर्भगृह की साफ-सफाई चल रही थी। उसी समय वह अंदर जाकर फोटो खीेंचने लगा। उन्होंने कहा कि गर्भगृह के पास सिपाही सादे वेश में ही ड्यूटी करते हैं। इसलिए पहचान थोड़ी देर से हुई।

बहरहाल, जांच के बाद ही पता चलेगा कि उसने ऐसी हरकत क्यों की। CEO सुनील वर्मा ने कहा कि यहां पर इस तरह की फोटो लेना सही नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने की इजाजत किसी को भी नहीं है। इस तरह की हरकत यहां कतई बर्दाश्त नहीं होगी।

लाइव फुटेज में दिखी यह हरकत
गुरुवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग की फोटो लेते एक व्यक्ति की करतूत गर्भगृह के कैमरे मैं कैद हो गई थी। दोपहर की भोग आरती के पहले की उसने अपने मोबाइल से फोटो उतार रहा था। कभी बैठकर तो कभी उठकर कई पोजिशन से उसने ज्योतिर्लिंग की फोटो ली। इस बात से अनजान था कि उसकी यह करतूत गर्भगृह के कैमरे में रिकॉर्ड हो रही है। जिसे पूरी दुनिया लाइव देख रही है। एक व्यक्ति की नजर जब लाइव फुटेज पर पड़ी तो उसने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट शेयर कर दी। इस हरकत को लोगों ने मंदिर की सुरक्षा में सेंध लगाना बताया।

मंदिर परिसर में डिजिटल डिवाइस बैन है
देश के अति संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक विश्वनाथ धाम में इस तरह से फोटो लेना, वहां सुरक्षा की दृष्टि से खिलवाड़ है। काशी विश्वनाथ मंदिर के परिसर में मोबाइल, कैमरा और डिजिटल डिवाइस आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। मीडिया या चंद VVIP को ही मंदिर परिसर में फोटोग्राफी की अनुमति होती है। गर्भगृह के बाहर पुलिस और CRPF जवानों की मौजूदगी में श्रद्धालु दर्शन-पूजन करते हैं। यदि सुरक्षाकर्मी मुस्तैद थे, तो यह इस तरह गर्भगृह में घुसकर मोबाइल से फोटोग्राफी की अनुमति किसने दे दी। मंदिर के किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। वहां खड़े सुरक्षाकर्मियों ने भी उसकी इस हरकत पर आपत्ति नहीं जताई।

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