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स्मार्ट सिटी का बुरा हाल:वाराणसी के बनकटी हनुमान मंदिर में घुसा सीवर का गंदा पानी, श्रद्धालुओं ने जताई नाराजगी, प्रधान पुजारी ने किया सांकेतिक श्रृंगार और आरती

वाराणसी5 महीने पहले
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बनकटी हनुमान मंदिर के गर्भ गृह की फोटो। - Dainik Bhaskar
बनकटी हनुमान मंदिर के गर्भ गृह की फोटो।

स्मार्ट सिटी वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र स्थित बनकटी हनुमान मंदिर के गर्भगृह में बुधवार की सुबह सीवर का गंदा पानी भर जाने से श्रद्धालु आक्रोशित हो गए। श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताते हुए नगर निगम के अफसरों और दुर्गाकुंड जोनल आफिस में फोन करना शुरू किया तो आश्वासन मिला कि समस्या का समाधान कराया जा रहा है।

वहीं, इस समस्या के कारण मंदिर के प्रधान पुजारी गया प्रसाद मिश्र बनकटी हनुमान जी की आरती और श्रृंगार नहीं कर पाए। किसी तरह से उन्होंने सीवर के गंदे पानी में खड़े होकर सांकेतिक श्रृंगार और आरती की।

धर्म और संस्कृति की नगरी में यह शर्मनाक घटना
बनकटी हनुमान मंदिर के गर्भ गृह में सीवर का पानी भरने की घटना की जानकारी पाकर सामाजिक संस्था जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश्र मिश्र भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में मंदिर के गर्भ गृह में सीवर का गंदा पानी भरना बेहद ही शर्मनाक घटना है।

नगर निगम के अधिकारियों को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने बताया कि समस्या का निराकरण करने के लिए जलकल विभाग की टीम आ रही है। इस घटना की शिकायत वह डीएम और मंडलायुक्त के साथ ही मुख्यमंत्री से भी करेंगे।

गोस्वामी तुलसीदास की आस्था थी बनकटी हनुमान जी में
बनकटी हनुमान मंदिर जहां हैं, वहां कभी पहले घना वन हुआ करता था। वन में ही हनुमान जी की मूर्ति मिलने से उनका नामकरण बनकटी हनुमान किया गया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बनकटी हनुमान जी में गोस्वामी तुलसीदास की बहुत आस्था थी।

ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में लगातार 41 दिन तक दर्शन-पूजन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। बीएचयू की स्थापना से पहले महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने भी 41 दिन तक बनकटी हनुमान जी का दर्शन किया था। इस मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 1972 में कराया गया था।

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