श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का कल लोकार्पण:वाराणसी आएंगे प्रधानमंत्री मोदी, 10 तस्वीरों में देखें भव्यता, 8 मार्च 2019 को हुआ था शिलान्यास

वाराणसी5 महीने पहले
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श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का लगभग 244 साल बाद रेनोवेशन हुआ। अब भव्य धाम लोकार्पण के लिए तैयार है। सोमवार को संतों-महंतों, धर्माचार्यों, आध्यात्मिक गुरुओं की मौजूदगी में बतौर यजमान पीएम नरेंद्र मोदी पूजन कर बाबा धाम का लोकार्पण करेंगे। शिव और उनकी प्रिय उत्तर वाहिनी गंगा को एक-दूसरे से जोड़ने वाले श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की भव्यता इन दिनों देखते ही बन रही है। धाम के लोकार्पण को देखते हुए काशी को सजाया गया है। सोमवार की रात काशी में एक बार फिर दिवाली मनाई जाएगी और अर्द्धचंद्राकार गंगा घाट लाखों दीयों की रोशनी से जगमगाएंगे।

तस्वीरों में देखें श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की भव्यता...।

54 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैले काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को किया था। शिलान्यास के 33 महीने 4 दिन बाद 13 दिसंबर 2021 को पीएम मोदी लोकार्पण करेंगे। इसके साक्षी काशीवासी ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के शिव भक्त भी होंगे।
54 हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैले काशी विश्वनाथ धाम का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को किया था। शिलान्यास के 33 महीने 4 दिन बाद 13 दिसंबर 2021 को पीएम मोदी लोकार्पण करेंगे। इसके साक्षी काशीवासी ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया के शिव भक्त भी होंगे।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पर वर्ष 1194 से लेकर 1669 तक कई बार हमले हुए। 1777 से 1780 के बीच मराठा साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। उसके बाद 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर परिक्षेत्र को एक नया स्वरूप देने का निर्णय लिया।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पर वर्ष 1194 से लेकर 1669 तक कई बार हमले हुए। 1777 से 1780 के बीच मराठा साम्राज्य की महारानी अहिल्याबाई होलकर ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। उसके बाद 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर परिक्षेत्र को एक नया स्वरूप देने का निर्णय लिया।
बाबा धाम अब मोक्षदायिनी गंगा से सीधे जुड़ गया है। शिवभक्त गंगा स्नान करने के बाद सीधे बाबा दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का विहंगम दृश्य...। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल बाबा धाम का लोकार्पण करेंगे।
बाबा धाम अब मोक्षदायिनी गंगा से सीधे जुड़ गया है। शिवभक्त गंगा स्नान करने के बाद सीधे बाबा दरबार में हाजिरी लगा सकेंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ धाम का विहंगम दृश्य...। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल बाबा धाम का लोकार्पण करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजघाट में अलकनंदा क्रूज पर सवार होकर ललिता घाट पहुंचेंगे और वहां से बाबा धाम में प्रवेश करेंगे। प्रधानमंत्री के लिए गंगा में VVIP लेन बनाई गई है। इसके साथ ही बिजली की झालरों से सजी 250 से अधिक नावों की बैरिकेडिंग की जाएगी। शाम के समय प्रधानमंत्री स्वामी विवेकानंद क्रूज में सवार होकर गंगा आरती देखेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजघाट में अलकनंदा क्रूज पर सवार होकर ललिता घाट पहुंचेंगे और वहां से बाबा धाम में प्रवेश करेंगे। प्रधानमंत्री के लिए गंगा में VVIP लेन बनाई गई है। इसके साथ ही बिजली की झालरों से सजी 250 से अधिक नावों की बैरिकेडिंग की जाएगी। शाम के समय प्रधानमंत्री स्वामी विवेकानंद क्रूज में सवार होकर गंगा आरती देखेंगे।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के अवसर पर संत रविदास घाट से राजघाट तक गंगा तट पर 9 लाख दीप जलाए जाएंगे। पर्यटन विभाग की ओर से गुलेरिया घाट से मेहता अस्पताल तक लेजर शो होगा। इसमें काशी विश्वनाथ की महिमा का वर्णन किया जाएगा। इसके साथ ही गंगा उस पार रामनगर की ओर इको फ्रेंडली आतिशबाजी की जाएगी।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के अवसर पर संत रविदास घाट से राजघाट तक गंगा तट पर 9 लाख दीप जलाए जाएंगे। पर्यटन विभाग की ओर से गुलेरिया घाट से मेहता अस्पताल तक लेजर शो होगा। इसमें काशी विश्वनाथ की महिमा का वर्णन किया जाएगा। इसके साथ ही गंगा उस पार रामनगर की ओर इको फ्रेंडली आतिशबाजी की जाएगी।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के दोनों स्वर्ण शिखरों पर 1835 में महाराज रणजीत सिंह ने सोना चढ़वाया था। धाम के लोकार्पण से पहले दोनों स्वर्ण शिखरों की सफाई कराई गई है। साफ-सफाई के बाद स्वर्ण शिखर पहले से ज्यादा दमकने लगे हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के दोनों स्वर्ण शिखरों पर 1835 में महाराज रणजीत सिंह ने सोना चढ़वाया था। धाम के लोकार्पण से पहले दोनों स्वर्ण शिखरों की सफाई कराई गई है। साफ-सफाई के बाद स्वर्ण शिखर पहले से ज्यादा दमकने लगे हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद काशी के 8 लाख घरों में 7500 स्वयंसेवकों की टोली बनाई गई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 3361 प्रसाद वितरण केंद्र बनाए गए हैं। प्रदेश के 27,700 शक्ति केंद्रों के साथ ही शिवालयों और देवालयों में बाबा धाम के लोकार्पण का लाइव प्रसारण देखने की व्यवस्था बनाई गई है।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद काशी के 8 लाख घरों में 7500 स्वयंसेवकों की टोली बनाई गई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में 3361 प्रसाद वितरण केंद्र बनाए गए हैं। प्रदेश के 27,700 शक्ति केंद्रों के साथ ही शिवालयों और देवालयों में बाबा धाम के लोकार्पण का लाइव प्रसारण देखने की व्यवस्था बनाई गई है।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के तिथि को शुभ और पुण्य बताया जा रहा है। काशी के विद्वानों के अनुसार, धाम का लोकार्पण जिस समय और जिस तरह हो रहा है, उससे राष्ट्र का मान पूरी दुनिया में बढ़ेगा और देशवासियों का कल्याण होगा।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के तिथि को शुभ और पुण्य बताया जा रहा है। काशी के विद्वानों के अनुसार, धाम का लोकार्पण जिस समय और जिस तरह हो रहा है, उससे राष्ट्र का मान पूरी दुनिया में बढ़ेगा और देशवासियों का कल्याण होगा।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित महादेव का शिवलिंग...। यह मंदिर पहली बार कब बना, इसे लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग दावे हैं। हालांकि, सर्वमान्य रूप से यह माना जाता है कि पहली बार 11वीं शताब्दी में इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था।
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित महादेव का शिवलिंग...। यह मंदिर पहली बार कब बना, इसे लेकर इतिहासकारों के अलग-अलग दावे हैं। हालांकि, सर्वमान्य रूप से यह माना जाता है कि पहली बार 11वीं शताब्दी में इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था।
धाम की भव्यता इन दिनों काशी की गलियों से लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। 13 दिसंबर को धाम के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां धर्माचार्यों, आध्यात्मिक गुरुओं और संत-महात्माओं के साथ चर्चा करेंगे।
धाम की भव्यता इन दिनों काशी की गलियों से लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। 13 दिसंबर को धाम के लोकार्पण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां धर्माचार्यों, आध्यात्मिक गुरुओं और संत-महात्माओं के साथ चर्चा करेंगे।