काशी विश्वनाथ मंदिर संवारने वालों के बीच मोदी:PM ने हाथ जोड़ श्रमिकों को धन्यवाद कहा, 10 मिनट तक फूल बरसाए; साथ खाना भी खाया

वाराणसीएक महीने पहले

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम के नए परिसर का लोकार्पण किया। इससे पहले यहां नया नजारा देखने को मिला। मोदी अचानक कॉरिडोर बनाने वाले श्रमिकों से मिलने पहुंच गए। इनकी संख्या 50 से ज्यादा थी। सभी नए परिसर की सीढ़ियों पर बैठे थे। मोदी वहां पहुंचे और करीब 10 मिनट तक उन पर फूल बरसाते रहे। PM उनके साथ सीढ़ी पर ही बैठ गए।

श्रमिकों के साथ खिंचाई फोटो

श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण कार्य मे लगे श्रमिकों के साथ PM मोदी ने सीढ़ी पर बैठ कर फोटो खिंचाई।
श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण कार्य मे लगे श्रमिकों के साथ PM मोदी ने सीढ़ी पर बैठ कर फोटो खिंचाई।

PM काफी देर तक श्रमिकों से बातचीत करते रहे। PM ने मजदूरों से विश्वनाथ धाम के निर्माण से जुड़े उनके अनुभव पूछे। इसके बाद उन्होंने बाबा का जयकारा लगाते हुए सभी के साथ फोटो खिंचाई। इस दौरान PM को अपने बीच पाकर मजदूर काफी खुश दिखे। मोदी ने सभी से बातचीत भी की। उनसे हाल-चाल पूछा और निर्माण कार्य में सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।

2019 में प्रयागराज कुंभ में PM ने सफाईकर्मियों के पैर धोए थे

प्रयागराज में कुंभ के दौरान PM मोदी ने सफाई कर्मियों के पैर धोकर उन्हें सम्मानित किया था।
प्रयागराज में कुंभ के दौरान PM मोदी ने सफाई कर्मियों के पैर धोकर उन्हें सम्मानित किया था।

24 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज कुंभ आए थे। यहां PM मोदी ने सफाई कर्मियों के पैर धोए थे। PM मोदी ने कहा था, 'सफाई कर्मियों के योगदान से कुंभ की पहचान स्वच्छ कुंभ के रूप में हुई। दिव्य कुंभ को भव्य कुंभ बनाने में सबसे बड़ा योगदान सफाई कर्मियों का रहा है। कुंभ में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा गया, ये बड़ी जिम्मेदारी थी। PM ने कहा कि सफाई कर्मियों ने अपने प्रयासों से कुंभ के विशाल क्षेत्र में साफ-सफाई को पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना दिया।

800 करोड़ रुपए की लागत से हुआ जीर्णोद्धार

विश्वनाथ धाम को 800 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से बनाया गया है। इसमें श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्राचीन मंदिर के मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए 5 लाख 27 हजार वर्ग फीट से ज्यादा क्षेत्र को विकसित किया गया है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का क्षेत्रफल पहले लगभग 3,000 वर्ग फीट था। लगभग 400 करोड़ रुपए की लागत से मंदिर के आसपास की 300 से ज्यादा इमारतों को खरीदा गया। इसके बाद 5 लाख वर्ग फीट से ज्यादा जमीन पर लगभग 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से निर्माण किया गया

8 मार्च 2019 को PM ने किया था शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के विस्तारीकरण और पुनरुद्धार के लिए 8 मार्च 2019 को विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का शिलान्यास किया था। तब से बाबा के धाम में श्रमिक विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के निर्माण कार्य में लगे थे। हर मौसम में कॉरिडोर का निर्माण कार्य चलता रहा। कोरोना के दौरान भी कॉरिडोर का निर्माण बंद नहीं हुआ।

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