कांग्रेस ने हमारे साथ धोखा किया:वाराणसी में पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष बोले- हिस्सेदारी नहीं तो वोट नहीं; हिंदू हो या मुसलमान पिछड़े सब एकसमान

वाराणसी3 महीने पहले
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ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद वसीम राइन। - Dainik Bhaskar
ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद वसीम राइन।

वाराणसी में मंगलवार को ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद वसीम राइन ने कहा कि कांग्रेस ने हमारे साथ शुरू से धोखा किया है। समाजवाद का झंडा बुलंद करने वालों ने भी पसमांदा समाज के लोगों को ठगा है। इसलिए अब पसमांदा समाज के मुस्लिमों को राजनीति की मुख्य धारा में हिस्सा नहीं मिलेगा तो उनका वोट भी राजनीतिक दलों को नहीं मिलेगा। हिंदू हों या मुसलमान हों, पिछड़े सब एकसमान हैं। सेक्युलरिज्म के भूत ने हमें आज तक सिर्फ आरएसएस से डराया है और अल्पसंख्यकों का इस्तेमाल किया गया है। अब हमें इस स्थिति से उबरना होगा। अपने बहुसंख्यक भाइयों के साथ चल कर एक मत से अपना मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री चुनना होगा।

कांग्रेस ने बनाई सच्चर कमेटी, फिर कुछ नहीं किया

गोलघर स्थित पराड़कर भवन में वसीम राइन ने कहा कि दलित मुस्लिम की तरक्की के आरक्षण के खिलाफ 10 अगस्त 1950 को तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अध्यादेश लाकर प्रतिबंध लगाया था। कांग्रेस ने ही सच्चर कमेटी का गठन भी किया था। कमेटी की रिपोर्ट में पसमांदा मुस्लिमों की स्थिति दलितों से भी बदतर बताई गई थी। इसके बावजूद पिछड़े मुसलमानों की बेहतरी के लिए कंग्रेस ने कुछ भी नहीं किया। सपा ने साल 2012 में घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश में सरकार बनने पर सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्रा कमेटी की सिफारिशों को लागू करेंगे। सरकार बनी तो सपा अपने घोषणा पत्र के वादे को भूलकर पसमांदा समाज के मुसलमानों के साथ धोखा की। यह खुद को सेक्युलर बताने वालों का पसमांदा समाज के मुसलमानों के साथ गजब का व्यवहार था।

6 यादव राज्यसभा भेजे, लेकिन हमारा नुमाइंदा 1 भी नहीं

वसीम राइन ने कहा कि सपा ने राज्यसभा में 6 यादव भेजे। लेकिन, पसमांदा समाज के मुसलमानों का 1 भी नुमाइंदा नहीं भेजा। इस तरह से कब तक पसमांदा समाज के मुसलमान वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल होते रहेंगे। वसीम राइन ने कहा कि मुसलमानों में 85 फीसदी पसमांदा समाज के लोग हैं, उसे आज तक आगे नहीं बढ़ने नहीं दिया गया। अब हमें अपने बच्चों का भविष्य बनाना है तो सेक्युलरिज्म के नाम पर चल रही धोखाधड़ी को समझना होगा। हमें बहुसंख्यक भाइयों के साथ मिलकर और उन्हीं के पीछे चल कर अपना एक स्थायी वजूद बनाकर प्रगति की राह चुननी होगी। इस दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम पसमांदा महाज के वाराणसी के जिलाध्यक्ष जाफर अली अंसारी ने कहा कि समय आ गया है कि हम खुद की ताकत को पहचानें। वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल ना हों। देश की प्रगति में अपनी भूमिका सुनिश्चित करते हुए अपने समाज का सर्वांगीण विकास करें।

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