वाराणसी में एक लाख के इनामी बदमाश का दिनदहाड़े एनकाउंटर:लूट और रंगदारी के मामले में 6 साल से थी तलाश, दर्ज थे 26 मुकदमे; 13 साल पहले सगे मामा को नोएडा में पुलिस ने मारा था

वाराणसीएक महीने पहले

वाराणसी में सोमवार को दिनदहाड़े UP STF ने एक लाख के इनामी बदमाश दीपक वर्मा उर्फ गुड्‌डू को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। यह मुठभेड़ चौबेपुर थाना क्षेत्र के बरियासनपुर गांव के पास दोपहर पौने दो बजे हुई। दीपक वर्मा लूट, डॉक्टरों और व्यापारियों से रंगदारी वसूलने के साथ भाड़े पर हत्या के लिए कुख्यात था। मुन्ना बजरंगी गिरोह के शूटर दीपक को पुलिस साल 2015 से तलाश रही थी। उस पर 23 मुकदमे दर्ज थे।

साल 2008 में पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने दीपक के सगे मामा लालू वर्मा को नोएडा में मार गिराया था। मामा की राह पर निकले दीपक का उसके जैसा ही अंजाम हुआ। मुठभेड़ के दौरान दीपक का एक साथी फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है।

दीपक के पास से प्रतिबंधित बोर की पिस्टल, रिवॉल्वर कारतूस और बाइक बरामद हुई है।
दीपक के पास से प्रतिबंधित बोर की पिस्टल, रिवॉल्वर कारतूस और बाइक बरामद हुई है।

एक सामान्य परिवार से था दीपक

लक्सा थाना क्षेत्र के नई बस्ती रामापुरा का रहने वाला 35 साल का दीपक वर्मा एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता था। उसकी शादी के बारे में किसी को कोई ठोस जानकारी नहीं है, लेकिन पुलिस का कहना है कि इधर वह नशे का आदी हो गया था और हाथ में पैसे न होने की वजह से परेशान भी रहता था। उसकी मां सुमन, भाई मुन्ना, बहन दीपमाला और चाचा रवींद्र भी दीपक से परेशान थे। परिवार वालों ने कई बार उसे अपराध छोड़ने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना।

मां-बहन, भाई और चाचा सभी थे परेशान डिप्टी एसपी शैलेश प्रताप सिंह ने बताया कि सोमवार की दोपहर दीपक के चौबेपुर थाना अंतर्गत बरियासनपुर गांव में मौजूद होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने घेरेबंदी की तो दीपक और उसके साथी ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दीपक ढेर हो गया और उसका साथी भाग निकला। घटनास्थल से भागे हुए दीपक के साथी की तलाश में एसटीएफ की कांबिंग जारी है। दीपक के पास से प्रतिबंधित बोर 9 एमएम की पिस्टल, रिवॉल्वर, कारतूस और बाइक बरामद हुई है।

एसटीएफ की वाराणसी इकाई की टीम और मुठभेड़ में ढेर हुआ दीपक वर्मा।
एसटीएफ की वाराणसी इकाई की टीम और मुठभेड़ में ढेर हुआ दीपक वर्मा।

लूट और अन्य आरोपों में दर्ज थे 26 मुकदमे

दीपक वर्मा के खिलाफ लूट और हत्या सहित अन्य आरोपों में वाराणसी में 26 मुकदमे दर्ज थे। लूट के आरोप में पहली बार दीपक को चेतगंज थाने की पुलिस ने 1 जुलाई 2011 को जेल भेजा था। जमानत पर दीपक छूट कर आया तो साल 2011 में ही सिगरा क्षेत्र में फिर लूट की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद जरायम जगत में उसकी पैठ बढ़ती ही गई।

2015 में लोहता क्षेत्र में औरंगाबाद निवासी गोलू यादव की हत्या में दीपक का नाम आया। नवंबर 2015 में वाराणसी के भाजपा पार्षद शिव सेठ की हत्या में दीपक वर्मा का नाम आया और फिर उसके बाद वह पुलिस के हत्थे कभी नहीं चढ़ा। इसके बाद दीपक वर्मा का नाम जून 2016 में प्रयागराज स्थित नैनी सेंट्रल जेल के सामने हुए दोहरे हत्याकांड में सामने आया था। फिर उसका नाम वाराणसी के लोहता क्षेत्र में हत्या के प्रयास और लक्सा क्षेत्र में रंगदारी के मामले में सामने आया था।

बदमाश दीपक वर्मा को अस्पताल ले जाया गया।
बदमाश दीपक वर्मा को अस्पताल ले जाया गया।

जब रईस बनारसी मारा गया तो भाग निकला था दीपक

14 सितंबर 2018 को वाराणसी के दशाश्वमेध क्षेत्र की पातालेश्वर गली में 50 हजार के इनामी रईस बनारसी और हिस्ट्रीशीटर राकेश अग्रहरि के बीच गैंगवार हुआ था। आमने-सामने की क्रॉस फायरिंग में रईस बनारसी और राकेश अग्रहरि मारे गए थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार उस दौरान रईस बनारसी के साथ दीपक वर्मा भी था और गोली उसे भी लगी थी। लेकिन, वह मौके से भाग निकला था और इस बात को कहीं जाहिर नहीं होने दिया था।

मुन्ना बजरंगी के खास शूटर रहे रईस सिद्दीकी ने कानपुर में नवंबर 2011 में अपने भाई के हत्यारे शानू ओलांगा की हत्या बनारस के बदमाश गुड्‌डू मामा और उसके साथियों के साथ की थी। इसके बाद ज्यादातर बनारस ही रहने के कारण जरायम जगत में वह रईस बनारसी के नाम से जाना जाने लगा। जब रईस बनारसी जरायम जगत में अपनी पैठ बना रहा था तभी उसे बनारस में दीपक वर्मा की लूट और फायरिंग की घटनाओं की जानकारी मिली तो वह उसे अपने साथ ले लिया। इसके बाद दीपक से उसने असलहों की तस्करी कराने के साथ ही लूट की कई घटनाओं को अंजाम दिलाया।

1 लाख के इनामी बदमाश रहे दीपक वर्मा की क्राइम हिस्ट्री।
1 लाख के इनामी बदमाश रहे दीपक वर्मा की क्राइम हिस्ट्री।

10 दिन में तीन बदमाश ढेर हुए

  • वाराणसी जोन के 10 जिलों में 10 दिन में 3 बड़े बदमाश पुलिस की गोली से ढेर हुए।
  • 3 सितंबर को 1 लाख का इनामी बदमाश हरीश पासवान बलिया में एसटीएफ द्वारा मार गिराया गया।
  • 9 सितंबर को जौनपुर में जिला पुलिस ने 1 लाख के इनामी बदमाश प्रशांत पांडेय को ढेर कर दिया।
  • इसके बाद 13 सितंबर को 1 लाख का इनामी बदमाश दीपक वर्मा ढेर हुआ।
  • वाराणसी में इससे पहले नवंबर 2020 में 5 दिन के भीतर इनामी बदमाश रोशन गुप्ता उर्फ किट्‌टू और मोनू चौहान मारा गया था।
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