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  • Swami Jitendranand Said On The Non completion Of The Survey Of Gyanvapi Mosque In Varanasi The Descendants Of The Terrorists Who Broke The Temple Have No Faith In The Indian Constitution And Law

ज्ञानवापी का सर्वे पूरा ना होने से भड़के संत:स्वामी जीतेन्द्रानंद बोले- मंदिर तोड़ने वालों के वंशजों को संविधान-कानून पर भरोसा नहीं

वाराणसी2 महीने पहले

शनिवार को वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का काम पूरा नहीं हो सका। अब इस मामले में 9 मई को अदालत में सुनवाई होगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि आगे क्या होना है। वहीं, सर्वे के अधूरे रहने पर संत समाज ने नाराजगी जताई है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने वाराणसी में कहा कि जिन आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, उनके वंशजों को संविधान और कानून व्यवस्था में कोई विश्वास नहीं है। कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध जाकर सर्वे न होने देना और वहां अराजकता की स्थिति पैदा करना इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।

पुलिस ने नारेबाजी करने वाले लोगों के बीच इस शख्स को पकड़ा था।
पुलिस ने नारेबाजी करने वाले लोगों के बीच इस शख्स को पकड़ा था।

ज्ञानवापी मस्जिद पर सर्वे रोका गया: टीम बोली- अंदर मुस्लिम पक्ष मौजूद था; कोर्ट के आदेश का पालन नहीं हुआ, बाहर हंगामा हुआ
सर्वे कब तक रोकेंगे
स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि सर्वे कब तक रोकेंगे। आज रोकोगे या कल रोकोगे... या सर्वे नहीं होने दोगे...? सर्वे करने वाले अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेंगे। निर्णय न्यायालय को लेना है। अदालत ने स्पष्ट रूप से पूरे परिसर का सर्वे कराने को कहा है। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता कोर्ट के अंदर कुछ और बात करते हैं। कोर्ट के बाहर इनके लोगों का व्यवहार लोकतंत्र को बंधक बनाने जैसा है।

सर्वेक्षण को देखते हुए ज्ञानवापी मस्जिद के आस-पास पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।
सर्वेक्षण को देखते हुए ज्ञानवापी मस्जिद के आस-पास पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।

सभ्य समाज में अराजकता की जगह नहीं
स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि किसी भी सभ्य देश और समाज में अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर पहले से गुट बनाकर मुसलमानों को जुटा कर रखा गया था। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव बताएं कि अदालत के आदेश के विरुद्ध उन्होंने ऐसा क्यों किया? यह सब सुनियोजित षड्यंत्र के तहत किया गया है। इसमें प्रशासनिक विफलता जैसी कोई बात नहीं है।

यह फोटो शुक्रवार की है। हंगामे की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
यह फोटो शुक्रवार की है। हंगामे की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी।

स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि यह लोग भारतीय संविधान के दायरे में कभी नहीं आएंगे और ऐसे ही उल्टा-सीधा व्यवहार हमेशा करते रहेंगे। एक बात किसी को कभी नहीं भूलनी चाहिए कि सत्य थोड़ी देर के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता है।

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