खाद्यान्न घोटाले का आरोपी हत्थे चढ़ा:बलिया में 2006 में दर्ज हुआ था केस, EOW की वाराणसी इकाई ने पकड़ा; 30.30 लाख रुपए के गबन का है आरोप

वाराणसीएक महीने पहले
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EOW की वाराणसी इकाई द्वारा बलिया से गिरफ्तार किया गया लाखों के गबन का आरोपी। (लाल घेरे में) - Dainik Bhaskar
EOW की वाराणसी इकाई द्वारा बलिया से गिरफ्तार किया गया लाखों के गबन का आरोपी। (लाल घेरे में)

बलिया जिले के चर्चित खाद्यान्न घोटाले के आरोपी रिटायर्ड सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) धर्मदेव सिंह को बुधवार को उसके घर से आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) की वाराणसी इकाई ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार धर्मदेव पर सहयोगियों के साथ मिलकर लगभग 14.50 लाख रुपए के खाद्यान्न और 15.80 लाख रुपए का भुगतान कागज में फर्जी तरीके से दिखा कर गबन करने का आरोप है।

वर्ष 2002 से 2005 के बीच हुआ था घोटाला

बलिया जिले में वर्ष 2002 से 2005 के बीच केंद्र सरकार की संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना (SGRY) में बहुत बड़ी अनियमितता की गई थी। काम के बदले अनाज वाली इस योजना में मजदूरों को खाद्यान्न देने के बजाय उसे बाजार में बेच दिया गया था। पियरी ब्लॉक के विभिन्न गांवों में इस योजना से मिट्टी, नाली, खड़ंजा, पटरी, संपर्क मार्ग, सीसी रोड और पुलिया निर्माण का कार्य होना था। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों, अति निर्धन और गरीब बाल श्रमिकों के माता-पिता को रोजगार देकर खाद्यान्न और नगद धनराशि का भुगतान किया जाना था।

जिम्मेदार अधिकारियों ने कोटेदारों से मिलकर पेमेंट ऑर्डर, मस्टर रोल और खाद्यान्न वितरण रजिस्टर में मजदूरों के फर्जी हस्ताक्षर बनवाए थे। मस्टर रोल में मजदूरों के फर्जी नाम और पता भी लिखे गए थे। इस प्रकरण को लेकर बलिया जिले के दोकटी थाना में वर्ष 2006 में भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 419, 420, 467, 468, 471, 477A, 120-B व 34 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सरकार ने EOW को सौंप दी थी।

14 थानों में दर्ज किए गए थे 51 मुकदमे

EOW की वाराणसी इकाई के निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा के नेतृत्व में धर्मदेव सिंह को बलिया जिले के भांवरकोल थाना के शेरपुर कला स्थित उसके घर से बुधवार को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक अरविंद कुमार, मुख्य आरक्षी शशिकांत सिंह, विनोद कुमार और आरक्षी विनीत पांडेय भी शामिल थे। आरोपी को वाराणसी की एंटी करप्शन कोर्ट में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया गया।

गौरतलब है कि इस प्रकरण को लेकर वर्ष 2006 में बलिया जिले के 14 थानों में 51 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इन मुकदमों में लगभग 6 हजार से ऊपर आरोपी हैं। इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन सीडीओ के अलावा जिला पंचायत, ग्राम पंचायत से जुड़े अफसरों, बीडीओ, सचिव और कोटेदार भी शामिल है। गिरफ्तार धर्मदेव सिंह रिटायर होने से पहले वर्ष 1995 से बलिया जिले के विकास खंड मुरली छपरा में तैनात था।

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