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वाराणसी कमिश्नरेट के काशी जोन में नई पहल:पुलिस पर लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए मुकदमा दर्ज कराने वाले के घर जाकर सिपाही-दरोगा पूछ रहे कुशलक्षेम

वाराणसी4 महीने पहले
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फीडबैक डीसीपी काशी जोन के कार्यालय भेजा जा रहा है। - Dainik Bhaskar
फीडबैक डीसीपी काशी जोन के कार्यालय भेजा जा रहा है।

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के काशी जोन में पुलिस पर लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए एक नई कवायद शुरू की गई है। इसके तहत काशी जोन के थानों में झगड़ा, मारपीट और धमकाने से संबंधित मुकदमा दर्ज कराने वाले लोगों के घर जाकर सिपाही और दरोगा उनका कुशलक्षेम पूछ रहे हैं। जानकारी ली जा रही है कि उन्होंने जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है उससे अब कोई दिक्कत तो नहीं है। मुकदमे के विवेचक से किसी तरह की कोई परेशानी तो नहीं है और वह पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं या असंतुष्ट हैं। इसके बाद फीडबैक डीसीपी काशी जोन के कार्यालय भेजा जा रहा है।

बीट आरक्षी और हल्के के दरोगा को दी गई है जिम्मेदारी

मुकदमा दर्ज कराने वाले के घर जाकर उसका हालचाल लेने के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। थाने के आरक्षियों, हल्के के दरोगाओं और चौकी प्रभारियों को उनके कार्यक्षेत्र के ही उन लोगों का पता देकर उनके घर भेजा जा रहा है जो मुकदमा दर्ज कराते हैं। इसकी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी थानेदारों को दी गई है। इसके साथ ही डीसीपी काशी जोन के कार्यालय में दरोगा-सिपाही द्वारा भेजे गए फीडबैक की क्रॉस चेकिंग भी वादी से बात कर की जाती है। गौरतलब है कि वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के काशी जोन में मौजूदा समय में काशी जोन में 9 और वरुणा जोन में 10 थाने हैं।

बड़ी घटनाओं में कमी आएगी, पुलिस से पब्लिक कनेक्ट होगी

डीसीपी काशी जोन अमित कुमार ने मंगलवार को 'दैनिक भास्कर' को बताया कि यह पहल बीते 2 दिन से शुरू की गई है। दरअसल, जो भी मारपीट या विवाद समूह में होते हैं उनके कारण बहुत ही छोटे होते हैं। उन्हीं छोटे कारणों की अनदेखी की वजह से एक दिन बड़ी घटना हो जाती है। हाल ही में मंडुवाडीह क्षेत्र में दो पक्षों के बीच में हुई मारपीट में एक महिला और एक युवक की जान चली गई थी। हत्या जैसे जघन्य अपराध के आरोप में 15 लोग जेल भी भेजे गए। इसलिए यह पहल की गई है कि झगड़ा, मारपीट या देख लेने की धमकी जैसा मामला थाने में दर्ज हो तो पुलिस निरोधात्मक कार्रवाई करने के साथ ही वादी के घर भी हालचाल लेने जाए। पता करे कि फिर कोई समस्या तो नहीं है। इस पहल से पुलिस से पब्लिक कनेक्ट होगी और बड़ी घटनाओं में अंकुश लगाने में समय रहते सफलता मिलेगी।

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