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  • The Misdeeds Of The Owner Of Nilgiri Infracity In Varanasi Are Coming To The Fore Every Day, The Fraudster Is On Remand For 3 Days; SIT Inquiry Continues

नीलगिरी इंफ्रॉसिटी के मालिक के खिलाफ 40वां केस दर्ज:वाराणसी में विकास सिंह की काली करतूतें रोजाना आ रहीं सामने, 3 दिन की रिमांड पर है जालसाज; SIT की पूछताछ जारी

वाराणसी11 दिन पहले
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चेतगंज थाने में पुलिस कस्टडी रिमांड में विकास सिंह (बाएं) और उसका मैनेजर प्रदीप यादव। - Dainik Bhaskar
चेतगंज थाने में पुलिस कस्टडी रिमांड में विकास सिंह (बाएं) और उसका मैनेजर प्रदीप यादव।

करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपी नीलगिरी इंफ्रॉसिटी कंपनी के मालिक विकास सिंह की करतूतें एक-एक कर सामने आ रही हैं। वाराणसी में विकास के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में शनिवार को 40वां मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल विकास और उसका मैनेजर प्रदीप यादव शनिवार से 3 दिन के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड में हैं। दोनों से विशेष जांच दल (SIT) की पूछताछ और उनकी धोखाधड़ी के संबंध में साक्ष्य एकत्र करने का काम जारी है।

गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने से पहले विकास सिंह और उसकी पत्नी ऋतु सिंह।
गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने से पहले विकास सिंह और उसकी पत्नी ऋतु सिंह।

12 चेक दिया, 10 बाउंस हो गए

धोखाधड़ी और अन्य आरोपों में विकास के खिलाफ चेतगंज थाने में 40वां मुकदमा भुलेटन नीचीबाग की जूही देवी ने दर्ज कराया है। जूही के अनुसार उन्होंने जमीन खरीदने के लिए विकास को 3 लाख 5 हजार रुपए दिए थे। एक लंबे अरसे तक उन्हें जमीन नहीं मिल सकी तो वह महमूरगंज क्षेत्र के महाराजा नगर कॉलोनी निवासी विकास सिंह से अपने रुपए वापस मांगी। काफी टालमटोल के बाद 7 जनवरी से 30 अप्रैल 2021 के बीच विकास ने उन्हें 12 चेक दिए।

उनमें से 10 चेक बाउंस कर गए और 2 चेक से उन्हें महज 60 हजार रुपए मिले। बाकी पैसे के लिए वह मलदहिया क्षेत्र की इंडियन प्रेस कॉलोनी स्थित विकास के ऑफिस में कई बार गईं लेकिन उन्हें भुगतान नहीं किया गया। इस पर उन्होंने पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश से गुहार लगाई तो उनके आदेश पर चेतगंज थाने में शनिवार को मुकदमा दर्ज किया गया।

कहां-कहां है संपत्ति, जुटाया जा रहा ब्योरा

जमीन और गोल्ड में निवेश करने के साथ ही टूर पैकेज के नाम पर लोगों के करोड़ों रुपए हड़पने वाले विकास से SIT की पूछताछ जारी है। SIT पता लगा रही है कि विकास, उसकी पत्नी ऋतु और उसके करीबियों ने बनारस के अलावा कहां-कहां संपत्तियां अर्जित की है। किन-किन बैंकों में पैसे जमा कर रखा है और कहां-कहां खुद निवेश किया हुआ है।

SIT में शामिल पुलिस अफसरों के अनुसार विकास पूछताछ में बहुत सहयोग नहीं कर रहा है और नई-नई कहानियां सुना कर गुमराह करने का प्रयास कर रहा है।

बीती 30 अगस्त को नीलगिरी इंफ्रॉसिटी कंपनी चीफ मैनेजिंग डायरेटक्टर (CMD) विकास सिंह, उसकी पत्नी मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) ऋतु सिंह और उसके मैनेजर जद्दूमंडी निवासी प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

ए. सतीश गणेश, पुलिस कमिश्नर।
ए. सतीश गणेश, पुलिस कमिश्नर।

SIT के हाथ लगे कई अहम सुराग

पुलिस कमिश्नर ए. सतीश गणेश ने बताया कि अब तक की तफ्तीश में विकास द्वारा अर्जित चल-अचल संपत्तियों के बारे में SIT को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। ठोस साक्ष्यों के आधार पर जालसाज कंपनी के संचालकों के खिलाफ दर्ज मुकदमों में जल्द ही अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।

पुलिस ठोस साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी तरीके से पैरवी कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की अदालत से मांग करेगी।

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